खीर भवानी मंदिर
देवी temple · Jammu & Kashmir, India
खीर भवानी मंदिर जम्मू और कश्मीर के गांदरबल ज़िले के तुल्ला मुल्ला (जिसे तुलमुल या तुला मुला भी लिखा जाता है) गाँव में स्थित देवी रग्न्या देवी का मंदिर है। जम्मू और कश्मीर पर्यटन देवी को दुर्गा का एक रूप बताता है। मंदिर को अपना लोकप्रिय नाम खीर से मिला है, जो चावल और दूध से बनी मिठाई है और देवी को चढ़ाया जाने वाला मुख्य प्रसाद है।
यह छोटा मंदिर एक प्राकृतिक झरने के बीच में स्थित है, जिस पर पुराने चिनार के पेड़ छाया करते हैं। कश्मीरी पंडितों के लिए इसका विशेष महत्व है: राज्य पर्यटन निगम खीर भवानी को अधिकांश कश्मीरी ब्राह्मणों की अधिष्ठात्री देवी कहता है, और ज्येष्ठ अष्टमी का वार्षिक मेला इस समुदाय के प्रमुख समागमों में से एक है।
Faith & Tradition
Religious Significance of खीर भवानी मंदिर
कई कश्मीरी पंडित परिवारों के लिए रग्न्या देवी कुलदेवी या रक्षक देवी हैं, और तुल्ला मुल्ला की यात्रा भक्ति का एक केंद्रीय कार्य है। गांदरबल ज़िला प्रशासन के अनुसार, भक्त झरने पर दूध और खीर अर्पित करते हैं।
स्वयं झरना एक प्रसिद्ध मान्यता का केंद्र है। भक्तों का विश्वास है कि इसके पानी का रंग बदलता है, और गहरा या काला रंग घाटी पर आने वाले अनिष्ट की चेतावनी होता है। गांदरबल ज़िला प्रशासन और जम्मू और कश्मीर पर्यटन, दोनों इस मान्यता को दर्ज करते हैं; यह आस्था का विषय है, कोई प्रलेखित प्राकृतिक घटना नहीं।
घाटी से कश्मीरी पंडितों के विस्थापन के बाद से ज्येष्ठ अष्टमी का मेला लौटने का अवसर भी बन गया है। 2018 की प्रेस रिपोर्टों में बताया गया है कि विस्थापित परिवार सरकार द्वारा की गई परिवहन व्यवस्था के साथ दिल्ली, मुंबई और अन्य शहरों से मेले में शामिल होने आए।
Heritage
History of खीर भवानी मंदिर
परंपरा के अनुसार, देवी की सबसे पहले पूजा लंका में रावण ने की थी। कहा जाता है कि जब देवी उससे अप्रसन्न हो गईं, तो उन्होंने हनुमान से अपनी प्रतिमा कश्मीर के तुल्ला मुल्ला ले जाने को कहा। राज्य पर्यटन निगम एक परंपरा भी दर्ज करता है कि राम ने अपने वनवास के दौरान देवी की पूजा की थी, और बाद में एक दिव्य दर्शन के बाद मंदिर को उसके वर्तमान स्थान पर लाया गया। ये भक्तिपरक कथाएँ हैं, ऐतिहासिक अभिलेख नहीं।
कश्मीरी पंडितों के विवरणों के अनुसार, तुल्ला मुल्ला के पवित्र झरने का उल्लेख कल्हण की राजतरंगिणी में मिलता है, जो कश्मीर का बारहवीं सदी का इतिवृत्त है, और अबुल फ़ज़ल की आइन-ए-अकबरी में इस क्षेत्र का उल्लेख है। HinduTone ने इन संदर्भों को मूल ग्रंथों से मिलाकर नहीं जाँचा है।
वर्तमान मंदिर बीसवीं सदी की इमारत है। जम्मू और कश्मीर पर्यटन के अनुसार, महाराजा प्रताप सिंह ने इसे 1912 में बनवाया और बाद में महाराजा हरि सिंह ने इसका जीर्णोद्धार कराया।
Architecture and sacred features
यह मंदिर झरने के कुंड के भीतर बना एक छोटा, सादा मंदिर है। गांदरबल ज़िला प्रशासन इसे चिकने धूसर पत्थर से सादगी से बना बताता है। कुछ सामुदायिक विवरण इसे संगमरमर का मंदिर कहते हैं, इसलिए सामग्री के विवरण अलग-अलग हैं। झरना और मंदिर चिनार के पेड़ों से छाए एक बड़े परिसर के भीतर हैं।
Plan Your Visit
Darshan and Visitor Information
यह मंदिर एक जीवंत उपासना स्थल है, और झरने को पवित्र माना जाता है। दर्शनार्थियों को शालीन वस्त्र पहनने चाहिए और मंदिर कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करना चाहिए। ज्येष्ठ अष्टमी मेले पर बहुत बड़ी भीड़ आती है, जब सरकार प्रायः विशेष परिवहन और सुरक्षा व्यवस्था करती है। यात्रा से पहले वर्तमान व्यवस्थाओं की पुष्टि गांदरबल ज़िला प्रशासन या जम्मू और कश्मीर पर्यटन से कर लें।
Timings and arrangements change with seasons and festivals. Confirm current details with the temple administration before travelling. Last reviewed 5 October 2026.
Sacred Calendar
Festivals at खीर भवानी मंदिर
खीर भवानी मेला (ज्येष्ठ अष्टमी)
यह मंदिर का मुख्य वार्षिक उत्सव है, जो ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की आठवीं तिथि को मनाया जाता है। कश्मीरी पंडित पूरे भारत से खीर अर्पित करने और पवित्र झरने का रंग देखने के लिए एकत्र होते हैं।
Location
How to Reach खीर भवानी मंदिर
तुल्ला मुल्ला श्रीनगर के उत्तर-पूर्व में गांदरबल ज़िले में है। गांदरबल ज़िला प्रशासन इसकी दूरी श्रीनगर से लगभग 35 km और श्रीनगर हवाई अड्डे से लगभग 47 km बताता है। अन्य प्रकाशित आँकड़े कुछ कम हैं, इसलिए अपना मार्ग स्वयं जाँच लें। ज़िला प्रशासन के अनुसार यह क्षेत्र सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा है, और जम्मू और कश्मीर के प्रमुख शहरों के लिए नियमित बसें चलती हैं।
निकटतम हवाई अड्डा श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। कश्मीर घाटी के रेल संपर्क में हाल के वर्षों में बदलाव हुए हैं, इसलिए यात्रा से पहले वर्तमान रेल सेवाओं और निकटतम रेलवे स्टेशन की जानकारी जाँच लें।
Location: Jammu & Kashmir, India
Nearest airport: श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा
More in Hindu temples in Jammu & Kashmir · देवी temples
Questions
खीर भवानी मंदिर: Frequently Asked Questions
खीर भवानी मंदिर में किस देवी की पूजा होती है?
यह मंदिर रग्न्या देवी को समर्पित है, जिन्हें खीर भवानी भी कहा जाता है। जम्मू और कश्मीर पर्यटन उन्हें दुर्गा का एक रूप बताता है।
इस मंदिर को खीर भवानी क्यों कहा जाता है?
यह नाम खीर से आया है, जो चावल और दूध से बनी मिठाई है। झरने पर देवी को चढ़ाया जाने वाला मुख्य प्रसाद यही है।
खीर भवानी मंदिर कहाँ है?
यह श्रीनगर के उत्तर-पूर्व में गांदरबल ज़िले के तुल्ला मुल्ला गाँव में है। गांदरबल ज़िला प्रशासन के अनुसार यह श्रीनगर से लगभग 35 km दूर है।
झरने के रंग को लेकर क्या मान्यता है?
भक्तों का विश्वास है कि झरने के पानी का रंग बदलता है, और काला रंग घाटी के लिए अनिष्ट की चेतावनी होता है। यह स्थानीय अधिकारियों द्वारा दर्ज एक पारंपरिक मान्यता है, कोई वैज्ञानिक निष्कर्ष नहीं।
खीर भवानी मेला कब लगता है?
यह मेला ज्येष्ठ अष्टमी को, यानी ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की आठवीं तिथि को लगता है, जो सामान्यतः मई के अंत या जून में पड़ती है। सटीक तिथि हिंदू पंचांग के अनुसार हर वर्ष बदलती है।
वर्तमान मंदिर किसने बनवाया?
जम्मू और कश्मीर पर्यटन के अनुसार, महाराजा प्रताप सिंह ने 1912 में वर्तमान मंदिर बनवाया, और बाद में महाराजा हरि सिंह ने इसका जीर्णोद्धार कराया।
कश्मीरी पंडितों के लिए खीर भवानी का क्या महत्व है?
रग्न्या देवी को अधिकांश कश्मीरी पंडित परिवारों की अधिष्ठात्री या रक्षक देवी माना जाता है। वार्षिक मेला इस समुदाय के सबसे महत्वपूर्ण समागमों में से एक है।
Sources and attribution
- © OpenStreetMap contributors — location data © OpenStreetMap contributors (ODbL)
- Wikidata Q6401207 — structured data (CC0)
- Wikipedia — Kheer Bhawani — text facts from Wikipedia, licensed CC BY-SA 4.0
- Jammu & Kashmir Tourism Development Corporation — Kheer Bhawani Temple in Kashmir
- District Administration Ganderbal, Government of Jammu and Kashmir — Kheer Bhawani (tourist place)
- Deccan Chronicle (21 June 2018) — Thousands of Kashmiri Pandits converge at Kheer Bhawani
- iKashmir.net (Kashmiri Pandit heritage site) — Tul Mul: The Holy Shrine of Kheer Bhawani
Further reading: खीर भवानी मंदिर on Wikipedia (CC BY-SA 4.0).
Spotted an error? Write to info@hindutone.com — see our editorial policy.
Pilgrim Circuit

