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श्री नागेशी मंदिर

शिव temple · Goa, India

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श्री नागेश मंदिर, जिसे नागेशी या नागेश मंदिर भी कहा जाता है, गोवा में पोंडा के पास बांदोडे गाँव में स्थित एक शिव मंदिर है (गोवा सरकार पोर्टल; Goa Tourist Directory)। इसके प्रमुख देवता भगवान नागेश को शिव का एक रूप माना जाता है और पहले के समय में वे नागनाथ के नाम से जाने जाते थे (गोवा सरकार पोर्टल; मंदिर वेबसाइट)। मंदिर पोंडा की ओर जाने वाली सड़क पर फरमागुडी से लगभग 800 मीटर दूर है (गोवा सरकार पोर्टल)।

यह मंदिर 1413 की तिथि वाले उस पाषाण शिलालेख के लिए जाना जाता है जिसमें मंदिर को दिए गए भूमि-दान का उल्लेख है, साथ ही अपने पुराने जलाशय और उन पाषाण प्रतिमाओं के लिए भी, जो संभवतः 7वीं और 8वीं शताब्दी की हैं (गोवा सरकार पोर्टल; Outlook Traveller)।

Faith & Tradition

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Religious Significance of श्री नागेशी मंदिर

यहाँ देवता की पूजा श्री नागेश महारुद्र के रूप में होती है, जिन्हें शिव का अवतार बताया गया है, और सोमवार, जो शिव से जुड़ा दिन है, यहाँ पूजा का विशेष दिन है (Gomantak Times)। पूरे गोवा से श्रद्धालु इस मंदिर में आते हैं (Gomantak Times)।

गोवा के उन कई मंदिरों के विपरीत, जिन्हें पुर्तगाली काल में स्थानांतरित करना पड़ा था, कहा जाता है कि यह मंदिर अपने मूल स्थान पर ही बना रहा (गोवा सरकार पोर्टल; Outlook Traveller)।

Heritage

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History of श्री नागेशी मंदिर

मंदिर के पास स्थित 1413 की तिथि वाला एक पाषाण शिलालेख बताता है कि विजयनगर साम्राज्य के वीर प्रताप देवराय के शासनकाल में एक स्थानीय परिवार ने आसपास की भूमि मंदिर को दान की थी (गोवा सरकार पोर्टल; Outlook Traveller)। मंदिर के अपने इतिहास पृष्ठ पर भी 1413 के इस विजयनगर शिलालेख का उल्लेख है (मंदिर वेबसाइट)।

मंदिर के भीतर शिव-पार्वती और गणेश की पाषाण प्रतिमाएँ 7वीं और 8वीं शताब्दी की मानी जाती हैं (गोवा सरकार पोर्टल; Outlook Traveller), और मंदिर ट्रस्ट इस काल-निर्धारण के लिए पुरातत्वविदों का हवाला देता है (मंदिर वेबसाइट)। इसी आधार पर ट्रस्ट का सुझाव है कि मंदिर 7वीं शताब्दी में या उससे पहले अस्तित्व में था, हालाँकि यह प्रश्न विशेषज्ञों के निर्णय पर छोड़ा गया है (मंदिर वेबसाइट)।

आज दिखाई देने वाला भवन अपेक्षाकृत नया है: लगभग 1880 में इसका जीर्णोद्धार और मरम्मत की गई थी (गोवा सरकार पोर्टल; Outlook Traveller)।

Architecture and sacred features

सभामंडप के दोनों ओर सुंदर काष्ठ नक्काशी वाली दीर्घाएँ हैं, जिनमें एक ओर रामायण के दृश्य और दूसरी ओर अष्टदिक्पालों तथा गंधर्वों की लकड़ी की प्रतिमाएँ हैं (Goa Tourist Directory)। दीपस्तंभ के आधार के चारों ओर देवी-देवताओं की रंग-बिरंगी प्रतिमाएँ हैं (गोवा सरकार पोर्टल; Outlook Traveller)। गर्भगृह में शिवलिंग के अतिरिक्त दोनों ओर लक्ष्मीनारायण और गणपति की प्रतिमाएँ स्थापित हैं, और मंदिर का मुख पश्चिम की ओर अपने तालाब की तरफ है (मंदिर वेबसाइट)।

प्राचीन तालाब, जिसे तळी कहते हैं, ताड़ के पेड़ों से घिरा है और इस प्रकार बना है कि उसके किनारे के एक विशेष स्थान से दर्शनार्थी भगवान नागेश की प्रतिमा और गर्भगृह में जलते दीपों का प्रतिबिंब देख सकते हैं (गोवा सरकार पोर्टल; Outlook Traveller)। Gomantak Times के अनुसार यह तालाब और हरा-भरा परिवेश ही मंदिर को विशेष रूप से आकर्षक बनाते हैं (Gomantak Times)।

Plan Your Visit

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Darshan and Visitor Information

गोवा पर्यटन विभाग दर्शनार्थियों से उपासना स्थलों के भीतर मौन, उचित सम्मान और मर्यादा बनाए रखने का अनुरोध करता है (Goa Tourist Directory)। वेशभूषा के नियम और दर्शन का समय किसी आधिकारिक स्रोत से पुष्ट नहीं हो सके, इसलिए यात्रा से पहले श्री संस्थान नागेश महारुद्र से वर्तमान व्यवस्था की पुष्टि कर लें।

Timings and arrangements change with seasons and festivals. Confirm current details with श्री संस्थान नागेश महारुद्र (मंदिर वेबसाइट) (official website) before travelling. Last reviewed 11 October 2026.

Sacred Calendar

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Festivals at श्री नागेशी मंदिर

तिथि बदलती रहती है

रथ यात्रा

Gomantak Times ने एक रात्रिकालीन शोभायात्रा की सूचना दी, जिसमें श्री नागेश महारुद्र की प्रतिमा को सजे हुए रथ में विराजमान कर मंदिर परिसर की परिक्रमा कराई गई, और मंदिर को रोशनी तथा फूलों से सजाया गया था (Gomantak Times)।

Location

How to Reach श्री नागेशी मंदिर

मंदिर बांदोडे गाँव में है, पणजी से लगभग 25 km और पोंडा जाने वाले मार्ग पर फरमागुडी से करीब 800 मीटर दूर (गोवा सरकार पोर्टल)। गोवा पर्यटन विभाग के अनुसार यह पोंडा से लगभग 4 km पूर्व में है (Goa Tourist Directory)। विभाग गोवा में मडगाँव, वास्को, करमली और थिविम को सुविधाजनक रेलवे स्टेशन बताता है, और डाबोलिम हवाई अड्डा पणजी से लगभग 29 km दूर है (Goa Tourist Directory)।

Location: Goa, India

Questions

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श्री नागेशी मंदिर: Frequently Asked Questions

बांदोडे के नागेश मंदिर में किस देवता की पूजा होती है?

यह मंदिर शिव के एक रूप भगवान नागेश को समर्पित है, जिन्हें पहले के समय में नागनाथ कहा जाता था (गोवा सरकार पोर्टल; मंदिर वेबसाइट)। उन्हें श्री नागेश महारुद्र भी कहा जाता है (Gomantak Times)।

मंदिर कहाँ स्थित है?

यह बांदोडे गाँव में है, पणजी से लगभग 25 km और पोंडा जाने वाले मार्ग पर फरमागुडी से करीब 800 मीटर दूर (गोवा सरकार पोर्टल)। पर्यटन विभाग के अनुसार यह पोंडा से लगभग 4 km पूर्व में है (Goa Tourist Directory)।

मंदिर का 1413 वाला शिलालेख क्या है?

यह मंदिर के पास स्थित एक पत्थर का शिलालेख है, जिस पर 1413 की तिथि अंकित है। इसमें विजयनगर के वीर प्रताप देवराय के शासनकाल में एक स्थानीय परिवार द्वारा आसपास की भूमि मंदिर को दान किए जाने का उल्लेख है (गोवा सरकार पोर्टल; Outlook Traveller)।

मंदिर का तालाब क्यों प्रसिद्ध है?

पुराने तालाब के किनारे एक विशेष स्थान से दर्शनार्थी भगवान नागेश की प्रतिमा और गर्भगृह में जलते दीपों का प्रतिबिंब देख सकते हैं (गोवा सरकार पोर्टल; Outlook Traveller)।

क्या पुर्तगाली शासन के दौरान मंदिर को स्थानांतरित किया गया था?

नहीं; गोवा के कई मंदिरों के विपरीत, कहा जाता है कि यह मंदिर अपने मूल स्थान पर ही बना रहा (गोवा सरकार पोर्टल; Outlook Traveller)। वर्तमान भवन का जीर्णोद्धार लगभग 1880 में हुआ था (गोवा सरकार पोर्टल)।

भीतर कौन-सी काष्ठ नक्काशी देखी जा सकती है?

सभामंडप की दीर्घाओं में एक ओर रामायण के दृश्य उकेरे गए हैं और दूसरी ओर अष्टदिक्पालों तथा गंधर्वों की लकड़ी की प्रतिमाएँ हैं (Goa Tourist Directory)।

यहाँ पूजा के लिए कौन-सा दिन विशेष है?

सोमवार, जो शिव से जुड़ा दिन है, इस मंदिर में पूजा का विशेष दिन है (Gomantak Times)।