श्री दामोदर मंदिर
शिव temple · Goa, India
श्री दामोदर मंदिर दक्षिण गोवा के केपे (Quepem) तालुका के गाँव ज़ांबावली (Zambaulim) में कुशावती नदी के तट पर, मडगाँव (Margao) से लगभग 22 km दूर स्थित है (The Goan; Swarajya; Gomantak Times)। इसके प्रधान देवता श्री दामोदर शिव का एक रूप हैं, और कभी मडगाँव के लोग इन देवता की लिंग रूप में पूजा करते थे (The Goan; Gomantak Times)। भक्त उन्हें कोंकणी में श्री दांबाब कहते हैं (Swarajya; Gomantak Times)।
यह मंदिर सबसे अधिक गुलालोत्सव के लिए जाना जाता है — रंगों का वह उत्सव जो हर वसंत में शिगमो उत्सव का समापन करता है और पूरे गोवा के साथ-साथ महाराष्ट्र और कर्नाटक से भी भक्तों को आकर्षित करता है (Swarajya; Gomantak Times)।
Faith & Tradition
Religious Significance of श्री दामोदर मंदिर
श्री दामोदर को मडगाँव, जिसे कभी मठग्राम कहा जाता था, का देवता माना जाता है, भले ही उनका मंदिर अब ज़ांबावली में है (Swarajya; Gomantak Times)। Swarajya ज़ांबावली को देवता का दूसरा घर बताता है (Swarajya)।
मंदिर के भक्तों में हिंदू और ईसाई दोनों शामिल हैं (The Goan; Swarajya)।
Heritage
History of श्री दामोदर मंदिर
श्री दामोदर की पूजा मूल रूप से मडगाँव में होती थी, और पुर्तगाली शासन के दौरान देवता को ज़ांबावली ले जाया गया (The Goan; Swarajya; Gomantak Times)। Swarajya और Gomantak Times दोनों इस स्थानांतरण को 1567 में मडगाँव के आसपास मंदिरों के विध्वंस से जोड़ते हैं, और Gomantak Times के अनुसार लिंग के अवशेष फातोर्डा (Fatorda) से लाए गए थे (Swarajya; Gomantak Times)।
उसी समय कई अन्य देवताओं को भी ज़ांबावली लाया गया, जिनमें श्री रामनाथ, श्री लक्ष्मी नारायण, श्री चामुंडेश्वरी, श्री महाकाली और श्री महेश शामिल हैं (Swarajya; Gomantak Times)। Swarajya बताता है कि स्थानांतरण के अलग-अलग वृत्तांतों की पुष्टि कोई दस्तावेज़ नहीं करता, क्योंकि कहा जाता है कि संबंधित अभिलेख नष्ट हो गए थे (Swarajya)। The Goan वर्तमान मंदिर के निर्माण को 1800 के दशक में रखता है, इसलिए ज़ांबावली मंदिर के निर्माण के समय को लेकर स्रोत एकमत नहीं हैं (The Goan)।
Architecture and sacred features
मंदिर परिसर में लक्ष्मी नारायण की एक प्रतिमा और देवी चामुंडेश्वरी के मंदिर हैं (The Goan)। पास ही श्री रामनाथ का एक अलग मंदिर है, और गुलालोत्सव उसी के प्रांगण से शुरू होता है (Swarajya; Gomantak Times)।
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Darshan and Visitor Information
शिगमो के अंत में गुलालोत्सव के दिन सबसे अधिक भीड़ होती है, जब प्रांगण गुलाल उड़ाते लोगों से भर जाता है (Swarajya; Gomantak Times)। दर्शन से पहले वर्तमान व्यवस्थाओं और उत्सव की तिथियों की पुष्टि श्री दामोदर संस्थान से कर लें।
Timings and arrangements change with seasons and festivals. Confirm current details with the temple administration before travelling. Last reviewed 11 October 2026.
Sacred Calendar
Festivals at श्री दामोदर मंदिर
शिगमो (शिशिरोत्सव)
ज़ांबावली का शिगमो फाल्गुन पूर्णिमा के आसपास शुरू होकर लगभग एक सप्ताह तक चलता है (Swarajya; Gomantak Times)। इसकी शुरुआत मडगाँव के कोंब (Comba) में केणी परिवार के एक घर में एक पवित्र नारियल की पूजा से होती है, जिसे फिर शोभायात्रा में ज़ांबावली ले जाया जाता है (Swarajya; Gomantak Times)।
गुलालोत्सव
देवता को पालकी में श्री रामनाथ मंदिर के प्रांगण तक ले जाया जाता है, भक्त गुलाल लगाते और उड़ाते हैं, और फिर कई लोग कुशावती नदी में स्नान करते हैं (Swarajya; Gomantak Times)। कहा जाता है कि यह उत्सव पाँच शताब्दियों से भी अधिक समय से मनाया जा रहा है, और इसका आयोजन मडगाँव की मठग्रामस्थ हिंदू सभा करती है (Swarajya; Gomantak Times)।
Location
How to Reach श्री दामोदर मंदिर
ज़ांबावली मडगाँव से लगभग 22 km दूर है (The Goan; Swarajya)। The Goan मंदिर पहुँचने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग 66 से जाने की सलाह देता है और बल्ली (Balli) को सबसे नज़दीकी रेलवे स्टेशन बताता है (The Goan)।
Location: Goa, India
Nearest railway station: बल्ली (The Goan के अनुसार)
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Questions
श्री दामोदर मंदिर: Frequently Asked Questions
ज़ांबावली के श्री दामोदर मंदिर में किस देवता की पूजा होती है?
यहाँ के प्रधान देवता श्री दामोदर हैं, जो शिव का एक रूप हैं और जिनकी कभी मडगाँव (Margao) में लिंग रूप में पूजा होती थी (The Goan; Gomantak Times)। भक्त उन्हें कोंकणी में श्री दांबाब कहते हैं (Swarajya; Gomantak Times)।
मंदिर कहाँ स्थित है?
यह दक्षिण गोवा के केपे (Quepem) तालुका के ज़ांबावली (Zambaulim) में कुशावती नदी के तट पर, मडगाँव से लगभग 22 km दूर है (The Goan; Swarajya)।
मडगाँव के देवता की पूजा ज़ांबावली में क्यों होती है?
पुर्तगाली शासन के दौरान देवता को मडगाँव से ज़ांबावली ले जाया गया था, और Swarajya तथा Gomantak Times इस स्थानांतरण को 1567 में मंदिरों के विध्वंस से जोड़ते हैं (Swarajya; Gomantak Times; The Goan)। Swarajya बताता है कि कोई भी उपलब्ध दस्तावेज़ इसके विवरण की पुष्टि नहीं करता (Swarajya)।
ज़ांबावली गुलालोत्सव क्या है?
यह ज़ांबावली के शिगमो के अंतिम दिन मनाया जाने वाला रंगों का उत्सव है, जब देवता की पालकी पर गुलाल लगाया जाता है और भक्त एक-दूसरे पर गुलाल उड़ाते हैं (Swarajya; Gomantak Times)। पूरे गोवा के साथ-साथ महाराष्ट्र और कर्नाटक से भी भक्त आते हैं (Swarajya; Gomantak Times)।
ज़ांबावली में और किन देवताओं की पूजा होती है?
श्री रामनाथ, श्री लक्ष्मी नारायण, श्री चामुंडेश्वरी, श्री महाकाली और श्री महेश को श्री दामोदर के साथ ज़ांबावली लाया गया था (Swarajya; Gomantak Times)।
निकटतम रेलवे स्टेशन कौन-सा है?
The Goan बल्ली (Balli) को सबसे नज़दीकी रेलवे स्टेशन बताता है और मंदिर पहुँचने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग 66 से जाने का सुझाव देता है (The Goan)।
Sources and attribution
- © OpenStreetMap contributors — location data © OpenStreetMap contributors (ODbL)
- Wikidata Q24906612 — structured data (CC0)
- Wikipedia — Shri Damodar Sansthaan, Goa — text facts from Wikipedia, licensed CC BY-SA 4.0
- The Goan — Shri Damodar Temple
- The Goan — In the spirit of history
- Swarajya — Goa's Gulalotsav: How the 'Saib' of Goa Shri Damodar vacations and plays Holi every summer (Harsha Bhat, 2019)
- Gomantak Times — Gulalotsav: A Goan celebration of euphoria (Dhiraj Harmalkar, 2023)
- Gomantak Times — Zambaulim's Gulal draws devotees from Goa and beyond (Kimberly Colaco, 2025)
Further reading: श्री दामोदर मंदिर on Wikipedia (CC BY-SA 4.0).
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