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महादेव मंदिर

शिव temple · Goa, India

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तांबडी सुर्ला का महादेव मंदिर गोवा के वनाच्छादित भीतरी क्षेत्र में तराशे हुए काले बेसाल्ट से बना एक शिव मंदिर है (Gomantak Times; Outlook Traveller)। यह पश्चिमी घाट की तलहटी में, भगवान महावीर वन्यजीव अभयारण्य के भीतर, वन के एक खुले स्थान में स्थित है (Outlook Traveller)। गोवा सरकार इसे बारहवीं शताब्दी का बताती है और इसके निर्माण का श्रेय कदंब राजवंश को देती है (गोवा सरकार)।

यह कोई साधारण ग्राम-देवालय नहीं है; राज्य सरकार इसे गोवा का सबसे प्राचीन मंदिर बताती है, और Outlook Traveller इसे राज्य का सबसे पुराना बचा हुआ मंदिर कहता है (गोवा सरकार; Outlook Traveller)। यहाँ आज भी पूजा होती है, और गर्भगृह में शिवलिंग स्थापित है (गोवा सरकार; Outlook Traveller)।

Faith & Tradition

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Religious Significance of महादेव मंदिर

इस मंदिर को एक दुर्लभ बचे हुए धरोहर के रूप में महत्व दिया जाता है: गोवा सरकार के अनुसार यह मुख्यतः अपने सुदूर वन-स्थान के कारण मुस्लिम आक्रमणों और पुर्तगाली उत्पीड़न से बचा रहा (गोवा सरकार)। Outlook Traveller भी इसकी काफ़ी हद तक अछूती स्थिति का कारण इसके एकांत को मानता है (Outlook Traveller)।

राज्य सरकार इसे गोवा में संरक्षित बेसाल्ट पत्थर में कदंब-यादव वास्तुकला का एकमात्र नमूना बताती है, और Outlook Traveller भी यही बात दोहराता है (गोवा सरकार; Outlook Traveller)। अनेक गोवावासी श्रावण के सोमवारों को मंदिर आते हैं, और भक्त परंपरानुसार गर्भगृह में प्रवेश से पहले नंदी का आशीर्वाद लेते हैं (Gomantak Times)।

Heritage

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History of महादेव मंदिर

गोवा सरकार, Outlook Traveller, The Goan और Gomantak Times इस मंदिर को बारहवीं शताब्दी का बताते हैं (गोवा सरकार; Outlook Traveller; The Goan; Gomantak Times)। The Goan इसे कदंब-यादव राजाओं के शासनकाल का मानता है, और राज्य सरकार बताती है कि कदंबों ने दसवीं से चौदहवीं शताब्दी के बीच गोवा पर शासन किया (The Goan; गोवा सरकार)।

Outlook Traveller बताता है कि इसकी उत्पत्ति के ठोस अभिलेख बहुत कम हैं (Outlook Traveller)। गोवा सरकार और The Goan दोनों इसके निर्माण को जैन शैली में बताते हैं, और राज्य सरकार कहती है कि मंदिर का शीर्ष भाग कभी पूरा नहीं हुआ (गोवा सरकार; The Goan)। कुछ स्रोतों में किसी विशेष राजकीय संरक्षक या मंत्री को निर्माता बताने वाले वृत्तांत मिलते हैं, परंतु दो विश्वसनीय प्रकाशकों द्वारा उनकी पुष्टि नहीं होती, इसलिए उन्हें यहाँ नहीं दोहराया गया है।

Architecture and sacred features

मंदिर पूर्वमुखी है, ताकि सूर्योदय की पहली किरण देवता पर पड़े (गोवा सरकार; Outlook Traveller)। यह काले बेसाल्ट से बना है, जिसे राज्य सरकार और The Goan के अनुसार संभवतः पहाड़ों के पार दक्कन पठार से लाया गया था (गोवा सरकार; The Goan)। गर्भगृह के ऊपर तीन स्तरों वाला शिखर है जो अधूरा है या बहुत पहले खंडित हो गया था, और राज्य सरकार इस मंदिर की तुलना पड़ोसी कर्नाटक के ऐहोले के मंदिरों से करती है (गोवा सरकार)।

स्तंभों वाले मंडप की छत सादे धूसर ढलवाँ पत्थर की पटियों से बनी है, और इसमें एक सिर-विहीन नंदी के चारों ओर चार एक-जैसे स्तंभ हैं (गोवा सरकार; Outlook Traveller)। एक स्तंभ के आधार पर घोड़े को रौंदते हाथी का कदंब राजचिह्न अंकित है, और दीवारों के उभरे हुए शिल्प-फलकों पर शिव, विष्णु और ब्रह्मा अपनी शक्तियों सहित दर्शाए गए हैं (गोवा सरकार; Outlook Traveller)।

Plan Your Visit

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Darshan and Visitor Information

मंदिर एक वन्यजीव अभयारण्य के भीतर स्थित है, और Outlook Traveller सुझाव देता है कि मंदिर-दर्शन के साथ अभयारण्य की सैर भी की जाए (Outlook Traveller)। मंदिर के पीछे एक जलधारा बहती है, जो मानसून में तेज़ प्रवाह में बदल जाती है (The Goan)। यात्रा से पहले वर्तमान पहुँच और व्यवस्थाओं की पुष्टि गोवा सरकार के पर्यटन विभाग से कर लें।

Timings and arrangements change with seasons and festivals. Confirm current details with the temple administration before travelling. Last reviewed 11 October 2026.

Sacred Calendar

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Festivals at महादेव मंदिर

माघ / फाल्गुन (फ़रवरी–मार्च)

महाशिवरात्रि

मंदिर में आसपास के गाँवों के लोग बड़ी संख्या में एकत्र होकर महाशिवरात्रि मनाते हैं (गोवा सरकार)। Outlook Traveller बताता है कि यह पर्व गोवा और पड़ोसी क्षेत्रों से भक्तों को आकर्षित करता है (Outlook Traveller)।

श्रावण (जुलाई–अगस्त)

श्रावण सोमवार

अनेक गोवावासी श्रावण के सोमवारों को मंदिर आते हैं, और भक्तों को गर्भगृह में प्रवेश के लिए प्रतीक्षा करनी पड़ सकती है (Gomantak Times)।

Location

How to Reach महादेव मंदिर

गोवा सरकार के अनुसार मंदिर पणजी से लगभग 65 km और मोलेम सीमा चौकी से लगभग 12 km दूर, गोवा को कर्नाटक से जोड़ने वाले अनमोड घाट की तलहटी में स्थित है (गोवा सरकार)। वह वालपोई से 22 km के एक वन-मार्ग का भी उल्लेख करती है (गोवा सरकार)। Outlook Traveller के अनुसार पोंडा से दूरी लगभग 27 km है, और यहाँ केवल सड़क मार्ग से ही पहुँचा जा सकता है (Outlook Traveller)।

The Goan टैक्सी किराए पर लेने को सबसे व्यावहारिक विकल्प बताता है (The Goan)।

Location: Goa, India

Questions

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महादेव मंदिर: Frequently Asked Questions

तांबडी सुर्ला का महादेव मंदिर कितना पुराना है?

गोवा सरकार, Outlook Traveller, The Goan और Gomantak Times — सभी इसे बारहवीं शताब्दी का बताते हैं (गोवा सरकार; Outlook Traveller; The Goan; Gomantak Times)।

मंदिर किसने बनवाया?

गोवा सरकार इसका श्रेय कदंब राजवंश को देती है, और The Goan इसे कदंब-यादव राजाओं के शासनकाल का मानता है (गोवा सरकार; The Goan)। Outlook Traveller बताता है कि इसकी उत्पत्ति के अभिलेख बहुत कम हैं (Outlook Traveller)।

क्या यह गोवा का सबसे पुराना मंदिर है?

गोवा सरकार इसे पूरे गोवा का सबसे प्राचीन मंदिर कहती है, और Outlook Traveller इसे राज्य का सबसे पुराना बचा हुआ मंदिर बताता है (गोवा सरकार; Outlook Traveller)।

जब अन्य मंदिर नष्ट हो गए, तब यह मंदिर कैसे बचा रहा?

राज्य सरकार मुस्लिम आक्रमणों और पुर्तगाली उत्पीड़न के दौर में इसके बचे रहने का मुख्य कारण इसके सुदूर वन-स्थान को मानती है (गोवा सरकार)।

तांबडी सुर्ला किस ज़िले में है?

Gomantak Times तांबडी सुर्ला को धारबांदोड़ा तालुका में बताता है, और The Goan इसे सांगे का एक सुदूर गाँव कहता है (Gomantak Times; The Goan)। 31 दिसंबर 2025 की अधिसूचना द्वारा पूर्व दक्षिण गोवा ज़िले से बनाए गए नए कुशावती ज़िले में ये दोनों तालुके शामिल किए गए (कुशावती ज़िला प्रशासन; The Goan)।

इसकी वास्तुकला में क्या विशेष है?

यह काले बेसाल्ट से बना है, और राज्य सरकार इसे गोवा में बेसाल्ट में कदंब-यादव वास्तुकला का एकमात्र संरक्षित नमूना कहती है (गोवा सरकार; Outlook Traveller)। इसके गर्भगृह का शिखर अधूरा है, और इसके मंडप में एक सिर-विहीन नंदी विराजमान हैं (गोवा सरकार)।

पणजी से तांबडी सुर्ला कितनी दूर है?

गोवा सरकार के अनुसार यह पणजी से लगभग 65 km और मोलेम से लगभग 12 km दूर है (गोवा सरकार)।