संक्षिप्त उत्तर: पंचांग के अनुसार 2027 में 25 एकादशियाँ हैं। वर्ष की शुरुआत रविवार, 3 जनवरी की सफला एकादशी से होती है और समापन गुरुवार, 23 दिसंबर की सफला एकादशी से। भारत में निर्जला एकादशी सोमवार, 14 जून को, देवशयनी एकादशी बुधवार, 14 जुलाई को और देवउठनी एकादशी बुधवार, 10 नवंबर को है। भारत में छह एकादशियों का एक दूसरा (गौण, वैष्णव या महाद्वादशी) दिन भी है। उत्तरी अमेरिका में तारीख अक्सर एक दिन पहले होती है, इसलिए नीचे दी गई शहरवार तालिका अवश्य देखें।

अंतिम अपडेट: 25 अक्टूबर 2026

एकादशी क्या है?

एकादशी हर पक्ष की ग्यारहवीं चंद्र तिथि है: एक बार बढ़ते चंद्रमा के पक्ष (शुक्ल पक्ष) में और एक बार घटते चंद्रमा के पक्ष (कृष्ण पक्ष) में। यह भगवान विष्णु को समर्पित है। भक्त अन्न और दालों से परहेज़ करते हैं, दिन प्रार्थना, जप या पाठ में बिताते हैं, और अगली सुबह द्वादशी को पारण के समय व्रत खोलते हैं। हर एकादशी का अपना नाम और कथा है, सर्दियों की सफला और पुत्रदा से लेकर गर्मियों की निर्जला और कार्तिक की देवउठनी तक।

उत्तर भारत में महीनों के नाम पूर्णिमांत पद्धति से रखे जाते हैं (महीना पूर्णिमा पर समाप्त होता है), और दक्षिण भारत, महाराष्ट्र व गुजरात में अमांत पद्धति से (महीना अमावस्या पर समाप्त होता है)। दोनों पद्धतियों में एकादशियों के नाम एक ही हैं, पर कृष्ण पक्ष की एकादशी अलग महीने के नाम में आती है: सफला एकादशी उत्तर में पौष में और दक्षिण में मार्गशीर्ष में पड़ती है। तालिका में दोनों दिए गए हैं।

एकादशी 2027 सूची (भारत: दिल्ली और हैदराबाद)

#एकादशीतारीख (स्मार्त)दूसरा दिनमास और पक्षएकादशी तिथि (IST)
1सफला एकादशीरविवार, 3 जनवरीउसी दिनपौष (उत्तर) / मार्गशीर्ष (दक्षिण) कृष्ण2 जनवरी, 2:24 PM से 3 जनवरी, 4:08 PM तक
2पौष पुत्रदा एकादशीसोमवार, 18 जनवरीमंगल, 19 जनवरी (गौण / वैष्णव; त्रिस्पर्शा महाद्वादशी)पौष शुक्ल18 जनवरी, 10:26 AM से 19 जनवरी, 7:49 AM तक
3षटतिला एकादशीमंगलवार, 2 फ़रवरीउसी दिनमाघ (उत्तर) / पौष (दक्षिण) कृष्ण1 फ़रवरी, 8:41 AM से 2 फ़रवरी, 11:10 AM तक
4जया एकादशीबुधवार, 17 फ़रवरीउसी दिनमाघ शुक्ल16 फ़रवरी, 8:19 PM से 17 फ़रवरी, 5:31 PM तक
5विजया एकादशीगुरुवार, 4 मार्चशुक्र, 5 मार्च (उन्मीलनी महाद्वादशी)फाल्गुन (उत्तर) / माघ (दक्षिण) कृष्ण3 मार्च, 4:44 AM से 4 मार्च, 7:24 AM तक
6आमलकी एकादशीगुरुवार, 18 मार्चउसी दिनफाल्गुन शुक्ल18 मार्च, 4:21 AM से 19 मार्च, 1:51 AM तक
7पापमोचनी एकादशीशुक्रवार, 2 अप्रैलउसी दिनचैत्र (उत्तर) / फाल्गुन (दक्षिण) कृष्ण2 अप्रैल, 12:45 AM से 3 अप्रैल, 2:51 AM तक
8कामदा एकादशीशनिवार, 17 अप्रैलउसी दिनचैत्र शुक्ल16 अप्रैल, 11:21 AM से 17 अप्रैल, 9:27 AM तक
9वरूथिनी एकादशीरविवार, 2 मईउसी दिनवैशाख (उत्तर) / चैत्र (दक्षिण) कृष्ण1 मई, 6:53 PM से 2 मई, 7:51 PM तक
10मोहिनी एकादशीरविवार, 16 मईउसी दिनवैशाख शुक्ल15 मई, 6:17 PM से 16 मई, 5:13 PM तक
11अपरा एकादशीमंगलवार, 1 जूनउसी दिनज्येष्ठ (उत्तर) / वैशाख (दक्षिण) कृष्ण31 मई, 10:02 AM से 1 जून, 9:39 AM तक
12निर्जला एकादशीसोमवार, 14 जूनमंगल, 15 जून (पक्षवर्धिनी महाद्वादशी)ज्येष्ठ शुक्ल14 जून, 2:11 AM से 15 जून, 2:07 AM तक
13योगिनी एकादशीबुधवार, 30 जूनउसी दिनआषाढ़ (उत्तर) / ज्येष्ठ (दक्षिण) कृष्ण29 जून, 10:03 PM से 30 जून, 8:30 PM तक
14देवशयनी एकादशीबुधवार, 14 जुलाईउसी दिनआषाढ़ शुक्ल13 जुलाई, 12:08 PM से 14 जुलाई, 1:10 PM तक
15कामिका एकादशीगुरुवार, 29 जुलाईशुक्र, 30 जुलाई (गौण / वैष्णव)श्रावण (उत्तर) / आषाढ़ (दक्षिण) कृष्ण29 जुलाई, 7:33 AM से 30 जुलाई, 5:12 AM तक
16श्रावण पुत्रदा एकादशीगुरुवार, 12 अगस्तउसी दिनश्रावण शुक्ल12 अगस्त, 12:58 AM से 13 अगस्त, 2:59 AM तक
17अजा एकादशीशनिवार, 28 अगस्तउसी दिनभाद्रपद (उत्तर) / श्रावण (दक्षिण) कृष्ण27 अगस्त, 3:25 PM से 28 अगस्त, 12:42 PM तक
18पार्श्व एकादशीशनिवार, 11 सितंबररवि, 12 सितंबर (विजया महाद्वादशी)भाद्रपद शुक्ल10 सितंबर, 5:00 PM से 11 सितंबर, 7:35 PM तक
19इंदिरा एकादशीरविवार, 26 सितंबरउसी दिनआश्विन (उत्तर) / भाद्रपद (दक्षिण) कृष्ण25 सितंबर, 10:30 PM से 26 सितंबर, 7:49 PM तक
20पापांकुशा एकादशीसोमवार, 11 अक्टूबरउसी दिनआश्विन शुक्ल10 अक्टूबर, 11:40 AM से 11 अक्टूबर, 2:08 PM तक
21रमा एकादशीसोमवार, 25 अक्टूबरमंगल, 26 अक्टूबर (गौण / वैष्णव)कार्तिक (उत्तर) / आश्विन (दक्षिण) कृष्ण25 अक्टूबर, 5:40 AM से 26 अक्टूबर, 3:22 AM तक
22देवउठनी एकादशीबुधवार, 10 नवंबरउसी दिनकार्तिक शुक्ल9 नवंबर, 7:34 AM से 10 नवंबर, 9:11 AM तक
23उत्पन्ना एकादशीबुधवार, 24 नवंबरउसी दिनमार्गशीर्ष (उत्तर) / कार्तिक (दक्षिण) कृष्ण23 नवंबर, 1:44 PM से 24 नवंबर, 12:11 PM तक
24मोक्षदा एकादशीगुरुवार, 9 दिसंबरउसी दिनमार्गशीर्ष शुक्ल9 दिसंबर, 2:58 AM से 10 दिसंबर, 3:19 AM तक
25सफला एकादशीगुरुवार, 23 दिसंबरउसी दिनपौष (उत्तर) / मार्गशीर्ष (दक्षिण) कृष्ण22 दिसंबर, 11:40 PM से 23 दिसंबर, 11:11 PM तक

तालिका कैसे पढ़ें: तारीख वाला कॉलम वह दिन है जब अधिकांश परिवार व्रत रखते हैं (द्रिक का मुख्य या स्मार्त दिन)। 'दूसरा दिन' कॉलम में गौण या वैष्णव दिन दिया गया है जब द्रिक उसे बताता है, और साथ ही द्रिक द्वारा बताए गए महाद्वादशी के दिन। 2027 की सभी 25 एकादशियों के लिए द्रिक पंचांग नई दिल्ली और हैदराबाद की एक ही तारीखें देता है। तिथि समय नई दिल्ली के भारतीय मानक समय (IST) में हैं।

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स्मार्त और वैष्णव एकादशी: कुछ तिथियों के दो दिन क्यों होते हैं

जब एकादशी दो सूर्योदयों को छूती है, या जब सूर्योदय से पहले भोर में दशमी (दसवीं तिथि) चल रही होती है, तो पंचांग दो दिन देते हैं। पहला दिन प्रायः स्मार्त परिवार मानते हैं। दूसरा, जिसे गौण एकादशी कहते हैं, वैष्णव भक्त और वे लोग मानते हैं जो इस कड़े नियम का पालन करते हैं कि अरुणोदय, यानी सूर्योदय से लगभग 96 मिनट पहले, एकादशी दशमी से मुक्त होनी चाहिए।

द्रिक पंचांग कुछ द्वादशी दिनों को महाद्वादशी भी कहता है (जैसे उन्मीलनी, त्रिस्पर्शा, पक्षवर्धिनी और विजया महाद्वादशी)। कुछ वैष्णव पंचांग, जिनमें इस्कॉन (ISKCON) का पंचांग भी है, एकादशी के बजाय महाद्वादशी पर व्रत रखते हैं। यदि आप किसी मंदिर या संप्रदाय का पालन करते हैं, तो उसी का पंचांग मानें; यह सूची एक मार्गदर्शिका है, कोई निर्णय नहीं।

पारण: एकादशी व्रत खोलना

व्रत द्वादशी को सूर्योदय के बाद, अच्छा हो कि सुबह के समय, खोला जाता है। इसे हरि वासर, यानी द्वादशी के पहले चौथाई भाग, में नहीं खोलना चाहिए, और द्वादशी समाप्त होने से पहले पूरा कर लेना चाहिए। पारण का समय आपके शहर के सूर्योदय के साथ बदलता है, इसलिए उसे अपने शहर के उस दिन के पंचांग से लें। सफला, पौष पुत्रदा, षटतिला और जया एकादशी 2027 के हमारे पेज (तालिका में लिंक किए गए) शहरवार पारण समय देते हैं।

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विदेश में एकादशी 2027 की तारीखें: तारीख एक दिन आगे-पीछे क्यों हो सकती है

तिथि (चंद्र दिवस) पूरी दुनिया में एक ही क्षण शुरू और समाप्त होती है, लेकिन व्रत का दिन तय करने वाला नियम स्थानीय होता है: वह देखता है कि आप जहाँ रहते हैं वहाँ सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय या मध्यरात्रि कब है। ये हर शहर में अलग-अलग घड़ी के समय पर होते हैं, इसलिए एक ही तिथि विदेश में अलग कैलेंडर तारीख पर पड़ सकती है। व्यवहार में उत्तरी अमेरिका में तारीख अक्सर एक दिन पहले और ऑस्ट्रेलिया व पूर्वी एशिया में कभी-कभी एक दिन बाद होती है; लंदन और दुबई प्रायः भारत से मेल खाते हैं। भारत की तारीख या घड़ी के समय को अपने टाइम ज़ोन में न बदलें। अपने शहर की पंक्ति देखें, या अपने पंचांग ऐप में अपना शहर सेट करें।

एकादशीभारत (दिल्ली)न्यूयॉर्कटोरंटोलंदनदुबईसिंगापुरसिडनी
सफला एकादशीरवि, 3 जनवरीशनि, 2 जनवरी (वै: रवि, 3 जनवरी)शनि, 2 जनवरीरवि, 3 जनवरीरवि, 3 जनवरीरवि, 3 जनवरीरवि, 3 जनवरी
पौष पुत्रदा एकादशीसोम, 18 जनवरी (वै: मंगल, 19 जनवरी)सोम, 18 जनवरीसोम, 18 जनवरीसोम, 18 जनवरीसोम, 18 जनवरी (वै: मंगल, 19 जनवरी)सोम, 18 जनवरी (वै: मंगल, 19 जनवरी)मंगल, 19 जनवरी
षटतिला एकादशीमंगल, 2 फ़रवरीसोम, 1 फ़रवरीसोम, 1 फ़रवरीसोम, 1 फ़रवरी (वै: मंगल, 2 फ़रवरी)मंगल, 2 फ़रवरीमंगल, 2 फ़रवरीमंगल, 2 फ़रवरी
जया एकादशीबुध, 17 फ़रवरीमंगल, 16 फ़रवरी (वै: बुध, 17 फ़रवरी)मंगल, 16 फ़रवरी (वै: बुध, 17 फ़रवरी)बुध, 17 फ़रवरीबुध, 17 फ़रवरीबुध, 17 फ़रवरीबुध, 17 फ़रवरी
विजया एकादशीगुरु, 4 मार्चबुध, 3 मार्चबुध, 3 मार्चबुध, 3 मार्चबुध, 3 मार्च (वै: गुरु, 4 मार्च)गुरु, 4 मार्चगुरु, 4 मार्च
आमलकी एकादशीगुरु, 18 मार्चगुरु, 18 मार्चगुरु, 18 मार्चगुरु, 18 मार्चगुरु, 18 मार्चगुरु, 18 मार्च (वै: शुक्र, 19 मार्च)गुरु, 18 मार्च (वै: शुक्र, 19 मार्च)
पापमोचनी एकादशीशुक्र, 2 अप्रैलशुक्र, 2 अप्रैलशुक्र, 2 अप्रैलशुक्र, 2 अप्रैलशुक्र, 2 अप्रैलशुक्र, 2 अप्रैलशनि, 3 अप्रैल
कामदा एकादशीशनि, 17 अप्रैलशुक्र, 16 अप्रैलशुक्र, 16 अप्रैलशुक्र, 16 अप्रैल (वै: शनि, 17 अप्रैल)शनि, 17 अप्रैलशनि, 17 अप्रैलशनि, 17 अप्रैल
वरूथिनी एकादशीरवि, 2 मईरवि, 2 मईरवि, 2 मईरवि, 2 मईरवि, 2 मईरवि, 2 मईरवि, 2 मई
मोहिनी एकादशीरवि, 16 मईरवि, 16 मईरवि, 16 मईरवि, 16 मईरवि, 16 मईरवि, 16 मईरवि, 16 मई
अपरा एकादशीमंगल, 1 जूनसोम, 31 मईसोम, 31 मईसोम, 31 मई (वै: मंगल, 1 जून)मंगल, 1 जूनमंगल, 1 जूनमंगल, 1 जून
निर्जला एकादशीसोम, 14 जूनसोम, 14 जूनसोम, 14 जूनसोम, 14 जूनसोम, 14 जूनसोम, 14 जूनसोम, 14 जून (वै: मंगल, 15 जून)
योगिनी एकादशीबुध, 30 जूनबुध, 30 जूनबुध, 30 जूनबुध, 30 जूनबुध, 30 जूनबुध, 30 जूनबुध, 30 जून
देवशयनी एकादशीबुध, 14 जुलाईमंगल, 13 जुलाईमंगल, 13 जुलाईबुध, 14 जुलाईबुध, 14 जुलाईबुध, 14 जुलाईबुध, 14 जुलाई
कामिका एकादशीगुरु, 29 जुलाई (वै: शुक्र, 30 जुलाई)गुरु, 29 जुलाईगुरु, 29 जुलाईगुरु, 29 जुलाईगुरु, 29 जुलाई (वै: शुक्र, 30 जुलाई)गुरु, 29 जुलाई (वै: शुक्र, 30 जुलाई)गुरु, 29 जुलाई (वै: शुक्र, 30 जुलाई)
श्रावण पुत्रदा एकादशीगुरु, 12 अगस्तगुरु, 12 अगस्तगुरु, 12 अगस्तगुरु, 12 अगस्तगुरु, 12 अगस्तगुरु, 12 अगस्त (वै: शुक्र, 13 अगस्त)शुक्र, 13 अगस्त
अजा एकादशीशनि, 28 अगस्तशुक्र, 27 अगस्त (वै: शनि, 28 अगस्त)शुक्र, 27 अगस्त (वै: शनि, 28 अगस्त)शुक्र, 27 अगस्त (वै: शनि, 28 अगस्त)शनि, 28 अगस्तशनि, 28 अगस्तशनि, 28 अगस्त
पार्श्व एकादशीशनि, 11 सितंबरशनि, 11 सितंबरशनि, 11 सितंबरशनि, 11 सितंबरशनि, 11 सितंबरशनि, 11 सितंबरशनि, 11 सितंबर
इंदिरा एकादशीरवि, 26 सितंबररवि, 26 सितंबररवि, 26 सितंबररवि, 26 सितंबररवि, 26 सितंबररवि, 26 सितंबररवि, 26 सितंबर
पापांकुशा एकादशीसोम, 11 अक्टूबररवि, 10 अक्टूबररवि, 10 अक्टूबरसोम, 11 अक्टूबरसोम, 11 अक्टूबरसोम, 11 अक्टूबरसोम, 11 अक्टूबर
रमा एकादशीसोम, 25 अक्टूबर (वै: मंगल, 26 अक्टूबर)सोम, 25 अक्टूबरसोम, 25 अक्टूबरसोम, 25 अक्टूबरसोम, 25 अक्टूबरसोम, 25 अक्टूबर (वै: मंगल, 26 अक्टूबर)मंगल, 26 अक्टूबर
देवउठनी एकादशीबुध, 10 नवंबरमंगल, 9 नवंबरमंगल, 9 नवंबरमंगल, 9 नवंबरबुध, 10 नवंबरबुध, 10 नवंबरबुध, 10 नवंबर
उत्पन्ना एकादशीबुध, 24 नवंबरमंगल, 23 नवंबरमंगल, 23 नवंबरमंगल, 23 नवंबर (वै: बुध, 24 नवंबर)बुध, 24 नवंबरबुध, 24 नवंबरबुध, 24 नवंबर
मोक्षदा एकादशीगुरु, 9 दिसंबरगुरु, 9 दिसंबरगुरु, 9 दिसंबरगुरु, 9 दिसंबरगुरु, 9 दिसंबरगुरु, 9 दिसंबर (वै: शुक्र, 10 दिसंबर)शुक्र, 10 दिसंबर
सफला एकादशीगुरु, 23 दिसंबरगुरु, 23 दिसंबरगुरु, 23 दिसंबरगुरु, 23 दिसंबरगुरु, 23 दिसंबरगुरु, 23 दिसंबरगुरु, 23 दिसंबर (वै: शुक्र, 24 दिसंबर)

शहरवार तालिका कैसे पढ़ें: बोल्ड का अर्थ है कि मुख्य तारीख भारत से अलग है। 'वै:' वह गौण या वैष्णव दिन है जो द्रिक पंचांग उस शहर के लिए बताता है। सभी मान हर शहर के लिए द्रिक पंचांग के 2027 एकादशी पेजों से लिए गए हैं (23 और 25 अक्टूबर 2026 को जाँचे गए)।

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2027 में न्यूयॉर्क की मुख्य एकादशी तारीख 11 बार भारत से एक दिन पहले है, टोरंटो की 11 बार और लंदन की 7 बार। सिडनी की तारीख 5 बार एक दिन बाद है; दुबई की केवल एक बार अलग है और सिंगापुर की कभी नहीं।

विदेश में प्रयुक्त घड़ी समय: हर तारीख स्थानीय घड़ी के समय के अनुसार है। न्यूयॉर्क और टोरंटो में 14 मार्च को डेलाइट सेविंग टाइम शुरू होता है और 7 नवंबर 2027 को वापस बदलता है; लंदन में 28 मार्च और 31 अक्टूबर को बदलाव होता है; सिडनी में 4 अप्रैल को डेलाइट सेविंग समाप्त होता है और 3 अक्टूबर को फिर शुरू होता है। दुबई (UTC+4) और सिंगापुर (UTC+8) में कोई बदलाव नहीं होता। कनाडा: नवंबर 2026 से ब्रिटिश कोलंबिया पूरे वर्ष UTC−7, अल्बर्टा UTC−6 और मैनिटोबा UTC−5 पर रहेंगे। सर्दियों में यह पुराने मानक समय से एक घंटा आगे है, इसलिए जो ऐप अपडेट नहीं हुआ है वह वैंकूवर, कैलगरी, एडमंटन और विनिपेग का समय एक घंटा पहले दिखाएगा, और मध्यरात्रि के आसपास की तारीखें गलत हो सकती हैं। टोरंटो में सामान्य ईस्टर्न टाइम बदलाव जारी रहते हैं।

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एकादशी व्रत कैसे रखें

  • एक दिन पहले (दशमी): सूर्यास्त से पहले सादा, हल्का भोजन करें और यदि आपकी परंपरा कहती हो तो देर रात अन्न से बचें।
  • सुबह: स्नान करें, विष्णु या कृष्ण के सामने दीपक जलाएँ, तुलसी दल अर्पित करें (एक दिन पहले तोड़े हुए, क्योंकि कई परिवार एकादशी को तुलसी नहीं तोड़ते), और छोटा-सा संकल्प लें।
  • व्रत: जो आपके स्वास्थ्य के अनुकूल हो वह चुनें: निराहार, फल और दूध, या अन्न और दालों के बिना एक समय का भोजन। एकादशी के सामान्य आहार हैं फल, दूध, दही, मेवे, आलू, शकरकंद, साबूदाना, और कुट्टू या सिंघाड़े जैसे आटे।
  • दिन भर: विष्णु सहस्रनाम या भगवान के किसी नाम का जप करें, उस एकादशी की कथा या भगवद्गीता पढ़ें, और झगड़े व निंदा से बचें। कुछ भक्त रात्रि जागरण भी करते हैं।
  • द्वादशी: पारण के समय थोड़े से प्रसाद से व्रत खोलें, फिर सादा भोजन करें; कई परिवार पहले किसी को भोजन कराते हैं या छोटा-सा दान देते हैं।

विदेश में काम करते हुए, कई परिवार कार्यदिवस पर फल-दूध का व्रत रखते हैं और शाम को विस्तृत पूजा करते हैं, या सप्ताहांत वाली एकादशियों पर कड़ा व्रत रखते हैं। दोनों ही तरीके आम हैं; कठोरता से अधिक नियमितता और श्रद्धा मायने रखती है।

एकादशी व्रत और स्वास्थ्य

स्वास्थ्य संबंधी सूचना: एकादशी व्रत एक व्यक्तिगत साधना है, सहनशक्ति की परीक्षा नहीं। बच्चे, बुज़ुर्ग, गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाएँ और जिन्हें डायबिटीज़, लो ब्लड प्रेशर, खान-पान संबंधी विकार है या जो नियमित दवा लेते हैं, वे पहले डॉक्टर से बात करें। वे फल-दूध का व्रत रख सकते हैं, एक समय सादा भोजन कर सकते हैं, या बिना व्रत के केवल पूजा कर सकते हैं। जब तक आपके डॉक्टर निर्जल व्रत की अनुमति न दें, पानी पीते रहें, और कमज़ोरी या अस्वस्थता महसूस हो तो व्रत रोक दें। जून की निर्जला एकादशी गर्म महीने में बिना जल का व्रत है; जो लोग बाहर काम करते हैं या दवाएँ लेते हैं, वे इसका हल्का रूप रखें। यह पेज किसी विशेष फल का वादा नहीं करता; व्रत ध्यान और भक्ति का अर्पण है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में कितनी एकादशियाँ हैं?

कैलेंडर वर्ष 2027 में 25 एकादशी तिथियाँ हैं। एक चंद्र वर्ष में 24 एकादशियाँ होती हैं, लेकिन 2027 में सफला एकादशी दो बार पड़ रही है: रविवार, 3 जनवरी को और फिर गुरुवार, 23 दिसंबर को। 2027 में कोई अधिक (अतिरिक्त) मास नहीं है।

2027 की पहली एकादशी कब है?

भारत में रविवार, 3 जनवरी 2027 को सफला एकादशी। न्यूयॉर्क और टोरंटो में यह शनिवार, 2 जनवरी को है; न्यूयॉर्क के लिए द्रिक पंचांग रविवार, 3 जनवरी को वैष्णव दिन बताता है।

भारत में 2027 की किन एकादशियों के स्मार्त और वैष्णव दिन अलग हैं?

दिल्ली और हैदराबाद के लिए द्रिक पंचांग पौष पुत्रदा एकादशी (सोम 18 जनवरी और मंगल 19 जनवरी), कामिका एकादशी (गुरु 29 जुलाई और शुक्र 30 जुलाई) और रमा एकादशी (सोम 25 अक्टूबर और मंगल 26 अक्टूबर) के लिए अलग गौण या वैष्णव दिन देता है। विजया, निर्जला और पार्श्व एकादशी के बाद वह महाद्वादशी के दिन भी बताता है। गृहस्थ परिवार प्रायः पहला (स्मार्त) दिन मानते हैं; वैष्णव भक्त अपने संप्रदाय के पंचांग का पालन करते हैं।

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निर्जला एकादशी 2027 कब है?

भारत में सोमवार, 14 जून 2027, और विदेश की हमारी तालिका के सभी छह शहरों में भी 14 जून। द्रिक पंचांग दिल्ली और हैदराबाद में मंगलवार, 15 जून को पक्षवर्धिनी महाद्वादशी बताता है। निर्जला का अर्थ है बिना जल के; जिन्हें कोई स्वास्थ्य समस्या है वे डॉक्टर की सलाह लें और हल्का व्रत रख सकते हैं।

2027 में देवशयनी एकादशी और देवउठनी एकादशी कब है?

चातुर्मास का आरंभ करने वाली देवशयनी एकादशी भारत में बुधवार, 14 जुलाई 2027 को है (न्यूयॉर्क और टोरंटो में मंगलवार, 13 जुलाई)। चातुर्मास का समापन करने वाली देवउठनी (प्रबोधिनी) एकादशी भारत में बुधवार, 10 नवंबर 2027 को है (न्यूयॉर्क, टोरंटो और लंदन में मंगलवार, 9 नवंबर)।

क्या USA में एकादशी की तारीख भारत जैसी ही होती है?

हमेशा नहीं। 2027 में 25 में से 11 एकादशियों पर न्यूयॉर्क की तारीख भारत से एक दिन पहले है, और टोरंटो की भी 11 पर। व्रत का दिन स्थानीय सूर्योदय पर निर्भर करता है, इसलिए अपने शहर की तारीख ही मानें।

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संपादक की टिप्पणी

संपादक की टिप्पणी (25 अक्टूबर 2026): भारत की तारीखें और तिथि समय नई दिल्ली के लिए द्रिक पंचांग के 2027 सूची पेजों से लिए गए हैं और द्रिक के हैदराबाद पंचांग से मिलाए गए हैं। विदेश के शहरों की तारीखें द्रिक के 2027 एकादशी पेजों से हैं: न्यूयॉर्क (23 अक्टूबर 2026 को कैश्ड), टोरंटो, लंदन, दुबई, सिंगापुर और सिडनी (25 अक्टूबर 2026 को प्राप्त)। जहाँ हमारे कैलकुलेटर और द्रिक में अंतर था, वहाँ हमने द्रिक को माना। मंदिर और क्षेत्रीय पंचांग त्योहारों की तारीखें बदल सकते हैं, और आपके परिवार या मंदिर की परंपरा सर्वोपरि है; यदि आपका स्थानीय मंदिर कोई अलग दिन घोषित करे, तो मंदिर का ही पालन करें।

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