संक्षिप्त उत्तर: अधिक मास के कारण तिरुमला में 2026 में दो श्रीवारी ब्रह्मोत्सवम्: सालकट्ल (वार्षिक) ब्रह्मोत्सवम् 15–23 सितंबर (अंकुरार्पणम् 14 सितंबर) और नवरात्रि ब्रह्मोत्सवम् 12–20 अक्टूबर (अंकुरार्पणम् 11 अक्टूबर)। दोनों में दैनिक वाहन सेवाएँ; भव्य गरुड़ सेवा 19 सितंबर और 16 अक्टूबर को।

ॐ नमो वेंकटेशाय! गोविंद! गोविंद! गोविंद!

2026 में अधिक मास के कारण तिरुमला तिरुपति देवस्थानम् (TTD) श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर, तिरुमला में दो भव्य श्रीवारी ब्रह्मोत्सवम् मनाएगा। यह दुर्लभ जुड़वाँ उत्सव भक्तों को श्री मलयप्प स्वामी की दिव्य शोभायात्राओं को एक ही वर्ष में दो बार देखने का अनूठा अवसर देता है।

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तिरुमला ब्रह्मोत्सवम् 2026 तिथियाँ एक नज़र में

ब्रह्मोत्सवम्तिथियाँअवधिअंकुरार्पणम्
सालकट्ल (वार्षिक) ब्रह्मोत्सवम्15 – 23 सितंबर 20269 दिन14 सितंबर
नवरात्रि ब्रह्मोत्सवम्12 – 20 अक्टूबर 20269 दिन11 अक्टूबर

दोनों उत्सवों में प्रतिदिन वाहन सेवाएँ (उत्सव मूर्ति श्री मलयप्प स्वामी को विभिन्न दिव्य वाहनों पर शोभायात्रा) प्रातः (लगभग 8–10 बजे) और संध्या (लगभग 7–9 बजे) पारंपरिक अनुष्ठानों के साथ होती हैं।

ब्रह्मोत्सवम् का महत्व

ब्रह्मोत्सवम् भगवान वेंकटेश्वर का सबसे महत्वपूर्ण वार्षिक उत्सव है। मान्यता है कि पहला ब्रह्मोत्सवम् स्वयं ब्रह्मा जी ने किया था। नौ-दिवसीय उत्सव में ध्वजारोहणम्, चार माडा वीथियों के चारों ओर भव्य वाहन शोभायात्राएँ, अत्यंत प्रतीक्षित गरुड़ सेवा, रथोत्सवम् शामिल हैं; और चक्रस्नानम् के साथ समापन होता है।

सालकट्ल (वार्षिक) ब्रह्मोत्सवम् 2026 — दैनिक कार्यक्रम

तिथिप्रातःसंध्या
14 सित (सोम)अंकुरार्पणम् व सेनाधिपति उत्सवम्
15 सित (मंगल)ध्वजारोहणम्पेद्दा शेष वाहनम्
16 सित (बुध)चिन्ना शेष वाहनम्हंस वाहनम्
17 सित (गुरु)सिंह वाहनम्मुत्यपु पंदिरि (मुत्याला पल्लकी)
18 सित (शुक्र)कल्पवृक्ष वाहनम्सर्वभूपाल वाहनम्
19 सित (शनि)मोहिनी अवतारम्गरुड़ वाहनम् / गरुड़ सेवा (लगभग 6:30 बजे से)
20 सित (रवि)हनुमंत वाहनम्स्वर्ण रथम् व गज वाहनम्
21 सित (सोम)सूर्यप्रभा वाहनम्चंद्रप्रभा वाहनम्
22 सित (मंगल)रथोत्सवम् (बड़ा रथ)अश्व वाहनम्
23 सित (बुध)चक्रस्नानम्ध्वजावरोहणम्

नवरात्रि ब्रह्मोत्सवम् 2026 — दैनिक कार्यक्रम

तिथिप्रातःसंध्या
11 अक्टू (रवि)अंकुरार्पणम्
12 अक्टू (सोम)पेद्दा शेष वाहनम्
13 अक्टू (मंगल)चिन्ना शेष वाहनम्हंस वाहनम्
14 अक्टू (बुध)सिंह वाहनम्मुत्यपु पंदिरि वाहनम्
15 अक्टू (गुरु)कल्पवृक्ष वाहनम्सर्वभूपाल वाहनम्
16 अक्टू (शुक्र)मोहिनी अवतारम्गरुड़ वाहनम् / गरुड़ सेवा
17 अक्टू (शनि)हनुमद् वाहनम्पुष्पक विमानम् व गज वाहनम्
18 अक्टू (रवि)सूर्यप्रभा वाहनम्चंद्रप्रभा वाहनम्
19 अक्टू (सोम)स्वर्ण रथोत्सवम्अश्व वाहनम्
20 अक्टू (मंगल)चक्रस्नानम्

नोट: प्रातः/संध्या के सटीक समय या क्रम में मामूली बदलाव हो सकते हैं। तिथियों के निकट आधिकारिक TTD वेबसाइट (ttdevasthanams.ap.gov.in) पर पुष्टि करें।

मुख्य विशेषताएँ

  • गरुड़ सेवा (गरुड़ वाहनम्) दोनों उत्सवों का सबसे पवित्र और भीड़भाड़ वाला दिन है — 19 सितंबर और 16 अक्टूबर 2026 — जब लाखों भक्त श्री मलयप्प स्वामी को गरुड़ वाहन पर देखने आते हैं।
  • चक्रस्नानम् प्रत्येक ब्रह्मोत्सवम् के समापन का प्रतीक है।
  • चुनिंदा दिनों में स्नपन तिरुमंजनम् (उत्सव मूर्तियों का अभिषेक) किया जाता है।
  • ब्रह्मोत्सवम् के दौरान अधिकांश आर्जित सेवाएँ (कल्याणोत्सवम्, ऊंजल सेवा, सहस्र दीपालंकरण) और विशेष-प्रवेश दर्शन (वरिष्ठ नागरिक, एनआरआई, दानदाता) आमतौर पर स्थगित रहते हैं।
  • उत्सव अवधि में VIP ब्रेक दर्शन रद्द रहते हैं।

दर्शन हेतु आने वाले भक्तों के लिए सुझाव

  1. जल्दी बुक करें — तिरुमला और तिरुपति में आवास महीनों पहले भर जाता है; कमरे व दर्शन हेतु आधिकारिक TTD वेबसाइट का उपयोग करें।
  2. भीड़ प्रबंधन — विशेषकर गरुड़ सेवा के दिनों में भारी भीड़ रहती है; TTD दिशानिर्देश मानें, निर्धारित कतारें उपयोग करें और कम सामान रखें।
  3. यातायात — APSRTC व TTD बसें बार-बार चलती हैं; भीड़ वाले दिनों घाट सड़कों पर दोपहिया प्रतिबंध लग सकते हैं।
  4. ड्रेस कोड व प्रसादम् — कड़ा पारंपरिक ड्रेस कोड लागू रहता है; निःशुल्क अन्नदानम् और लड्डू प्रसादम् बेहतर व्यवस्था के साथ जारी रहते हैं।
  5. आधिकारिक अपडेट — मामूली बदलाव संभव हैं, इसलिए आधिकारिक TTD पोर्टल पर नवीनतम घोषणाएँ देखें।

निष्कर्ष

2026 के जुड़वाँ ब्रह्मोत्सवम् भगवान वेंकटेश्वर के भक्तों के लिए कुछ वर्षों में एक बार आने वाला आध्यात्मिक अवसर हैं। चाहे आप सितंबर में सालकट्ल ब्रह्मोत्सवम् में जाएँ या अक्टूबर में नवरात्रि ब्रह्मोत्सवम् में — या दोनों में — दिव्य वाहन सेवाएँ, विशेषकर गरुड़ सेवा, अविस्मरणीय भक्ति के क्षण रचती हैं। अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाएँ, आधिकारिक TTD चैनलों से अपडेट रहें, और भगवान वेंकटेश्वर सभी भक्तों को शांति, समृद्धि और दिव्य दर्शन का आशीर्वाद दें। ॐ नमो वेंकटेशाय!

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में तिरुमला में दो ब्रह्मोत्सवम् क्यों?

2026 में अधिक मास (अतिरिक्त चंद्र मास) होने के कारण TTD दो श्रीवारी ब्रह्मोत्सवम् मनाता है — सितंबर में वार्षिक सालकट्ल ब्रह्मोत्सवम् और अक्टूबर में अतिरिक्त नवरात्रि ब्रह्मोत्सवम्।

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तिरुमला ब्रह्मोत्सवम् 2026 की तिथियाँ क्या हैं?

सालकट्ल (वार्षिक) ब्रह्मोत्सवम् 15–23 सितंबर 2026 (अंकुरार्पणम् 14 सितंबर); नवरात्रि ब्रह्मोत्सवम् 12–20 अक्टूबर 2026 (अंकुरार्पणम् 11 अक्टूबर)। प्रत्येक नौ दिन का।

2026 में गरुड़ सेवा कब है?

श्री मलयप्प स्वामी की भव्य गरुड़ सेवा (गरुड़ वाहनम्) 19 सितंबर और 16 अक्टूबर 2026 को संध्या को होती है। यह प्रत्येक ब्रह्मोत्सवम् का सबसे पवित्र और सबसे भीड़भाड़ वाला दिन है।

वाहन सेवा का समय क्या है?

वाहन सेवाएँ सामान्यतः प्रातः (लगभग 8–10 बजे) और संध्या (लगभग 7–9 बजे) होती हैं। सटीक समय दिन के अनुसार बदलते हैं, इसलिए आधिकारिक TTD कार्यक्रम में पुष्टि करें।

रथोत्सवम् और चक्रस्नानम् कब है?

सालकट्ल ब्रह्मोत्सवम् में रथोत्सवम् 22 सितंबर प्रातः और चक्रस्नानम् 23 सितंबर को। नवरात्रि ब्रह्मोत्सवम् में चक्रस्नानम् 20 अक्टूबर को।

क्या ब्रह्मोत्सवम् के दौरान विशेष सेवाएँ व दर्शन उपलब्ध रहते हैं?

अधिकांश आर्जित सेवाएँ (कल्याणोत्सवम्, ऊंजल सेवा, सहस्र दीपालंकरण) और वरिष्ठ नागरिक/एनआरआई/दानदाता विशेष-प्रवेश दर्शन आमतौर पर स्थगित रहते हैं, और VIP ब्रेक दर्शन रद्द रहते हैं।

आवास और दर्शन की योजना कैसे बनाएँ?

आधिकारिक TTD वेबसाइट (ttdevasthanams.ap.gov.in) से जल्दी बुक करें, क्योंकि कमरे महीनों पहले भर जाते हैं। गरुड़ सेवा के दिनों भारी भीड़ रहती है; TTD कतार दिशानिर्देश मानें।

सटीक 2026 कार्यक्रम कहाँ पुष्टि करें?

मामूली बदलाव संभव हैं, इसलिए नवीनतम तिथियाँ, समय और परिवर्तन आधिकारिक तिरुमला तिरुपति देवस्थानम् वेबसाइट पर हमेशा पुष्टि करें।