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तुलसी मानस मंदिर

राम temple · वाराणसी, Uttar Pradesh, India

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तुलसी मानस मंदिर, जिसे श्री सत्यनारायण तुलसी मानस मंदिर भी कहा जाता है, उत्तर प्रदेश के वाराणसी के दुर्गाकुंड क्षेत्र में श्री राम को समर्पित एक मंदिर है (Incredible India)। यह दुर्गा मंदिर के पास स्थित एक आधुनिक मंदिर है (वाराणसी जिला प्रशासन)। इसका नाम कवि-संत गोस्वामी तुलसीदास के नाम पर रखा गया है (Incredible India)।

यह मंदिर अपनी दीवारों पर उकेरी गई तुलसीदास के रामचरितमानस की चौपाइयों के लिए जाना जाता है (वाराणसी जिला प्रशासन; Navbharat Live)। यहाँ राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान की प्रतिमाओं की पूजा होती है (Navbharat Live)।

Faith & Tradition

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Religious Significance of तुलसी मानस मंदिर

परंपरा के अनुसार, यह मंदिर उस स्थान पर है जहाँ तुलसीदास रहे और उन्होंने रामचरितमानस की रचना की, जो श्री राम के जीवन का उनका वर्णन है (वाराणसी जिला प्रशासन; Navbharat Live)। Incredible India इसे एक किंवदंती के रूप में प्रस्तुत करता है कि उन्होंने 16वीं शताब्दी में इस स्थल के पास यह ग्रंथ लिखा था (Incredible India)। Navbharat Live के अनुसार इसी मान्यता के कारण मंदिर का नाम तुलसी मानस पड़ा (Navbharat Live)।

श्रद्धालु तुलसी विवाह के दिन यहाँ दर्शन को शुभ मानते हैं, हालाँकि नाम के अलावा मंदिर का तुलसी के पौधे से कोई सीधा संबंध नहीं है (Navbharat Live)।

Heritage

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History of तुलसी मानस मंदिर

मंदिर का निर्माण लगभग 1964 में हुआ था (Incredible India; Navbharat Live)। इसे किसने बनवाया, इस पर स्रोतों में मतभेद है: जिला प्रशासन के अनुसार इसे वाराणसी के एक परिवार ने बनवाया (वाराणसी जिला प्रशासन), जबकि Navbharat Live के अनुसार इसे कोलकाता के एक व्यवसायी ने बनवाया था (Navbharat Live)।

Architecture and sacred features

मंदिर सफ़ेद संगमरमर से शिखर शैली में बना है (Incredible India)। इसकी दीवारों पर राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान की नक्काशी के साथ रामचरितमानस के अंश अंकित हैं (Incredible India; वाराणसी जिला प्रशासन)। ऊपरी मंज़िल पर रामायण और महाभारत की मूर्तियाँ और दृश्य हैं, और परिसर में एक उद्यान तथा एक तालाब है जिसमें महाकाव्यों के पात्रों की मूर्तियाँ हैं (Incredible India)।

Plan Your Visit

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Darshan and Visitor Information

Incredible India के अनुसार मंदिर सुबह के एक सत्र में और दोपहर से शाम तक के एक सत्र में खुला रहता है, तथा आरती सुबह और दोपहर में होती है (Incredible India, अक्टूबर 2026 में जाँचा गया); यात्रा से पहले पुष्टि कर लें। दर्शन से पहले वर्तमान व्यवस्थाओं की पुष्टि मंदिर प्रबंधन या उत्तर प्रदेश पर्यटन से कर लें।

Timings and arrangements change with seasons and festivals. Confirm current details with the temple administration before travelling. Last reviewed 11 October 2026.

Sacred Calendar

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Festivals at तुलसी मानस मंदिर

श्रावण (जुलाई–अगस्त)

सावन कठपुतली प्रदर्शनी

वर्षा ऋतु के सावन महीने में मंदिर में हस्तनिर्मित कठपुतलियों की प्रदर्शनी और राम-सीता की कथा पर कठपुतली नाटिकाएँ आयोजित होती हैं (Incredible India)।

कार्तिक (अक्टूबर–नवंबर)

तुलसी विवाह

श्रद्धालु तुलसी विवाह के दिन मंदिर में दर्शन को शुभ मानते हैं (Navbharat Live)।

Location

How to Reach तुलसी मानस मंदिर

मंदिर वाराणसी के दुर्गाकुंड मोहल्ले में, दुर्गा मंदिर के पास है (Incredible India; वाराणसी जिला प्रशासन)। Incredible India द्वारा बताया गया निकटतम हवाई अड्डा लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, वाराणसी है, और निकटतम रेलवे स्टेशन वाराणसी जंक्शन है (Incredible India), जिसे वाराणसी कैंट भी कहा जाता है (Navbharat Live)।

Location: वाराणसी, Uttar Pradesh, India

Nearest airport: लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, वाराणसी

Nearest railway station: वाराणसी जंक्शन (वाराणसी कैंट)

Questions

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तुलसी मानस मंदिर: Frequently Asked Questions

तुलसी मानस मंदिर कहाँ है?

यह उत्तर प्रदेश के वाराणसी के दुर्गाकुंड क्षेत्र में, दुर्गा मंदिर के पास स्थित है (Incredible India; वाराणसी जिला प्रशासन)।

तुलसी मानस मंदिर में किस देवता की पूजा होती है?

यह मंदिर श्री राम को समर्पित है (Incredible India; वाराणसी जिला प्रशासन), और यहाँ राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान की प्रतिमाओं की पूजा होती है (Navbharat Live)।

इसे तुलसी मानस मंदिर क्यों कहा जाता है?

इसका नाम गोस्वामी तुलसीदास के नाम पर रखा गया है, और परंपरा के अनुसार यह उसी स्थान पर है जहाँ उन्होंने रामचरितमानस की रचना की थी (Incredible India; वाराणसी जिला प्रशासन; Navbharat Live)।

मंदिर की दीवारों पर क्या लिखा है?

दीवारों पर तुलसीदास के रामचरितमानस की चौपाइयाँ उकेरी गई हैं (वाराणसी जिला प्रशासन; Navbharat Live)।

मंदिर कब बना था?

यह लगभग 1964 में बना था (Incredible India; Navbharat Live)। इसे एक आधुनिक मंदिर बताया गया है (वाराणसी जिला प्रशासन)।

सावन के दौरान मंदिर में क्या होता है?

सावन (जुलाई–अगस्त) के दौरान मंदिर में हस्तनिर्मित कठपुतलियों की प्रदर्शनी और राम-सीता की कथा पर आधारित कठपुतली नाटिकाएँ आयोजित होती हैं (Incredible India)।

तुलसी मानस मंदिर कैसे पहुँचें?

निकटतम हवाई अड्डा लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, वाराणसी है, और निकटतम रेलवे स्टेशन वाराणसी जंक्शन है (Incredible India)।