संक्षिप्त उत्तर: TTD ने तिरुमला में श्रीवारि नवरात्रि ब्रह्मोत्सवम 2026 सोमवार, 12 अक्टूबर से मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 तक घोषित किया है, और अंकुरार्पणम रविवार, 11 अक्टूबर को होगा। मुख्य आकर्षण, गरुड़ सेवा, शुक्रवार 16 अक्टूबर को शाम 6:30 से रात 11:30 बजे तक है। अन्य वाहन सेवाएँ सुबह 8 से 10 बजे और शाम 7 से 9 बजे तक होती हैं, और उत्सव का समापन विजयादशमी, 20 अक्टूबर को सुबह 6 बजे चक्र स्नानम के साथ होगा। यह 2026 का दूसरा ब्रह्मोत्सवम है, जो इस वर्ष अधिक मास होने के कारण आयोजित हो रहा है। पूरी दिन-प्रतिदिन तालिका नीचे दी गई है। सभी समय भारतीय मानक समय (IST) में हैं।

अंतिम जाँच: 9 अक्टूबर 2026 — TTD की 27 सितंबर 2026 की घोषणा और 9 अक्टूबर तक के TTD समाचारों के आधार पर।

2026 में तिरुमला में दो ब्रह्मोत्सव क्यों हैं

हर वर्ष तिरुमला में भगवान वेंकटेश्वर का मुख्य उत्सव, सालकट्ला (वार्षिक) ब्रह्मोत्सवम, मनाया जाता है। जिस वर्ष अधिक (अतिरिक्त) चंद्र मास होता है, जो लगभग तीन वर्षों में एक बार आता है, उस वर्ष TTD दशहरा के महीने में दूसरा उत्सव भी आयोजित करता है, जिसे नवरात्रि ब्रह्मोत्सवम कहते हैं। TTD समाचार (31 अगस्त 2026) ने इन जुड़वाँ ब्रह्मोत्सवों की घोषणा की थी: सालकट्ला ब्रह्मोत्सवम 15 से 23 सितंबर तक, जो अब संपन्न हो चुका है, और नवरात्रि ब्रह्मोत्सवम 12 से 20 अक्टूबर तक। स्रोत: TTD समाचार

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TTD की 27 सितंबर 2026 की घोषणा बताती है कि नवरात्रि ब्रह्मोत्सवम किस तरह अलग है। इसमें ध्वजारोहणम या ध्वजावरोहणम नहीं होता, इसलिए गरुड़ ध्वज नहीं फहराया जाता। लकड़ी का विशाल पेद्द रथम (रथोत्सव) नहीं खींचा जाता, और उसके स्थान पर स्वर्ण रथम (सोने का रथ) निकाला जाता है। वाहन सेवाएँ, जिनमें उत्सव मूर्ति श्री मलयप्प स्वामी श्रीदेवी और भूदेवी के साथ चारों माड़ा वीथियों में भ्रमण करते हैं, ब्रह्मोत्सवम के परिचित क्रम का ही पालन करती हैं। स्रोत: TTD समाचार

दिन-प्रतिदिन वाहन सेवा कार्यक्रम, 11-20 अक्टूबर 2026

यह TTD का आधिकारिक कार्यक्रम है, जैसा 27 सितंबर 2026 को प्रकाशित हुआ। गरुड़ वाहनम और दर्शाए गए विशेष कार्यक्रमों को छोड़कर, सुबह की वाहन सेवाएँ 8-10 बजे और शाम की सेवाएँ 7-9 बजे होती हैं। TTD छोटे-मोटे बदलाव कर सकता है, इसलिए उसी दिन उसकी नवीनतम घोषणा अवश्य देखें।

तारीख (2026)समय-खंडसेवा / वाहनमसमय (IST)
रवि 11 अक्टूशामअंकुरार्पणम (पवित्र बीजों की बुवाई)शाम 7-9 बजे
सोम 12 अक्टू (दिन 1)सुबहबंगारु तिरुच्चि उत्सवमसुबह 9 बजे
सोम 12 अक्टू (दिन 1)रातपेद्द शेष वाहनमशाम 7-9 बजे
मंगल 13 अक्टू (दिन 2)सुबहचिन्न शेष वाहनमसुबह 8-10 बजे
मंगल 13 अक्टू (दिन 2)रातहंस वाहनमशाम 7-9 बजे
बुध 14 अक्टू (दिन 3)सुबहसिंह वाहनमसुबह 8-10 बजे
बुध 14 अक्टू (दिन 3)रातमुत्यपु पंदिरि वाहनमशाम 7-9 बजे
गुरु 15 अक्टू (दिन 4)सुबहकल्पवृक्ष वाहनमसुबह 8-10 बजे
गुरु 15 अक्टू (दिन 4)रातसर्वभूपाल वाहनमशाम 7-9 बजे
शुक्र 16 अक्टू (दिन 5)सुबहमोहिनी अवतारमसुबह 8-10 बजे
शुक्र 16 अक्टू (दिन 5)रातगरुड़ वाहनम (गरुड़ सेवा)शाम 6:30-रात 11:30 बजे
शनि 17 अक्टू (दिन 6)सुबहहनुमंत वाहनमसुबह 8-10 बजे
शनि 17 अक्टू (दिन 6)दोपहरपुष्पक विमानमशाम 4 बजे
शनि 17 अक्टू (दिन 6)रातगज वाहनमशाम 7-9 बजे
रवि 18 अक्टू (दिन 7)सुबहसूर्य प्रभा वाहनमसुबह 8-10 बजे
रवि 18 अक्टू (दिन 7)रातचंद्र प्रभा वाहनमशाम 7-9 बजे
सोम 19 अक्टू (दिन 8)सुबहस्वर्ण रथम (सोने का रथ)सुबह 7 बजे
सोम 19 अक्टू (दिन 8)रातअश्व वाहनमशाम 7-9 बजे
मंगल 20 अक्टू (दिन 9, विजयादशमी)सुबहचक्र स्नानम; श्री वेदांत देशिक सात्तुमोरासुबह 6 बजे

स्रोत: TTD समाचार। 29 सितंबर 2026 को प्रकाशित TTD की अक्टूबर उत्सवों की मासिक सूची भी 11 अक्टूबर को अंकुरार्पणम, 12 अक्टूबर को आरंभ, 16 अक्टूबर को गरुड़ सेवा और 20 अक्टूबर को श्री वेदांत देशिक सात्तुमोरा के साथ चक्र स्नानम की पुष्टि करती है। स्रोत: TTD समाचार

प्रमुख वाहनों का अर्थ

हर वाहनम (वाहन) भगवान के एक अलग स्वरूप को दर्शाता है। नीचे दिए गए अर्थ वैसे ही हैं जैसे भक्तों को परंपरागत रूप से समझाए जाते हैं।

  • पेद्द शेष वाहनम: सात फनों वाले आदिशेष, भगवान की नाग-शय्या। तिरुमला को स्वयं शेषाचलम, यानी शेष का पर्वत कहा जाता है, इसलिए उत्सव का आरंभ उन्हीं से होता है।
  • चिन्न शेष वाहनम: पाँच फनों वाला छोटा नाग, जिसे परंपरागत रूप से वासुकि से जोड़ा जाता है। पेद्द शेष की तरह यह भी उस भक्त का प्रतीक है जो निरंतर भगवान की सेवा करता है।
  • हंस वाहनम: हंस, विवेक का प्रतीक, जिसके बारे में कहा जाता है कि वह दूध को पानी से अलग कर देता है। भगवान को प्रायः ज्ञानदायिनी सरस्वती के रूप में प्रकट होते हुए बताया जाता है।
  • सिंह वाहनम: सिंह, जो शक्ति और नरसिंह अवतार का स्मरण कराता है।
  • मुत्यपु पंदिरि वाहनम: मोतियों का मंडप, जो शीतलता, पवित्रता और शांति से जुड़ा है।
  • कल्पवृक्ष वाहनम: स्वर्ग का इच्छापूर्ति करने वाला वृक्ष। भक्त भगवान को ऐसे दाता के रूप में देखते हैं जो वही देते हैं जो उनके लिए सचमुच कल्याणकारी है।
  • सर्वभूपाल वाहनम: सभी राजाओं और दिक्पालों के अधिपति के रूप में भगवान।
  • मोहिनी अवतारम: समुद्र मंथन के समय देवताओं को अमृत बाँटने के लिए भगवान द्वारा धारण किया गया मोहिनी रूप।
  • गरुड़ वाहनम: गरुड़, भगवान के सर्वश्रेष्ठ सेवक, जिन्हें परंपरा में साक्षात् वेदों का स्वरूप कहा गया है। यह उत्सव की सबसे अधिक भीड़ वाली रात होती है।
  • हनुमंत वाहनम: श्री राम के रूप में भगवान को उठाए हुए हनुमान, पूर्ण भक्ति की छवि।
  • पुष्पक विमानम: फूलों से सजा वह दिव्य विमान, जिसमें परंपरा के अनुसार श्री राम अयोध्या लौटे थे।
  • गज वाहनम: हाथी, जो गजेंद्र मोक्षम का स्मरण कराता है, जब भगवान अपने को पुकारने वाले गजराज की रक्षा के लिए दौड़ पड़े थे।
  • सूर्य प्रभा और चंद्र प्रभा: सुबह सूर्य नारायण के रूप में भगवान, और रात में चंद्रमा के तेजोमय मंडल पर विराजमान।
  • स्वर्ण रथम: इस उत्सव में सोने का रथ लकड़ी के पेद्द रथम का स्थान लेता है।
  • अश्व वाहनम: घोड़ा, जिसे प्रायः आने वाले कल्कि अवतार से जोड़ा जाता है।
  • चक्र स्नानम: सुदर्शन चक्र (चक्रत्ताळ्वार) को स्वामी पुष्करिणी में पवित्र स्नान कराया जाता है। उसी समय भक्त भी सरोवर में स्नान करते हैं, और इस डुबकी को विशेष पुण्यदायी माना जाता है।

TTD द्वारा घोषित तीर्थयात्री जानकारी

TTD समाचार (6 अक्टूबर 2026) ने उत्सव के लिए ये बदलाव घोषित किए:

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  • Rs 300 विशेष प्रवेश दर्शन: 12, 13, 14, 18, 19 और 20 अक्टूबर के टिकट 7 अक्टूबर को सुबह 10 बजे केवल ttdevasthanams.ap.gov.in पर जारी किए जाने थे। TTD ने उस रिलीज़ में 15, 16 या 17 अक्टूबर को शामिल नहीं किया। स्रोत: TTD समाचार
  • VIP ब्रेक और विशेष दर्शन रद्द: 11 से 20 अक्टूबर तक VIP ब्रेक दर्शन तथा वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, शिशुओं वाले माता-पिता, NRI और रक्षा कर्मियों के विशेष दर्शन रद्द हैं। प्रोटोकॉल VIP को छोड़कर, 10 से 19 अक्टूबर तक VIP ब्रेक के लिए सिफ़ारिश पत्र स्वीकार नहीं किए जाएँगे।
  • अधिक भीड़ की संभावना: द हंस इंडिया (The Hans India, 6 अक्टूबर 2026) ने बताया कि TTD की एक समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने सितंबर के उत्सव की तुलना में लगभग 20% अधिक भीड़ का अनुमान लगाया, क्योंकि नवरात्रि ब्रह्मोत्सवम दशहरा की छुट्टियों के साथ पड़ रहा है। इसी रिपोर्ट के अनुसार सितंबर के सालकट्ला उत्सव में औसतन प्रतिदिन 73,500 से अधिक भक्तों ने दर्शन किए। स्रोत: द हंस इंडिया
  • वर्तमान भीड़: TTD के 8 अक्टूबर 2026 के दैनिक बुलेटिन के अनुसार 66,404 तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए। 9 अक्टूबर की सुबह SSD टोकन के बिना सर्वदर्शनम के लिए अनुमानित प्रतीक्षा समय 8-12 घंटे था। स्रोत: TTD समाचार

यदि Rs 300 के टिकट अनुपलब्ध दिखें, तो TTD समाचार (26 सितंबर 2026) के अनुसार व्यस्त समय में माँग कोटे से कहीं अधिक होती है, और 'Slot Unavailable' का अर्थ प्रायः यह होता है कि कोटा भर चुका है, न कि कोई तकनीकी खराबी। स्रोत: TTD समाचार बुकिंग केवल TTD के आधिकारिक ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल या आधिकारिक TTD ऐप से ही करें, कभी भी एजेंटों के माध्यम से नहीं।

उत्सव के दिनों के लिए योजना सुझाव

  • गरुड़ सेवा के दिन (16 अक्टूबर) और 17 व 18 अक्टूबर के सप्ताहांत पर सबसे अधिक भीड़ की अपेक्षा रखें, जो दशहरा की छुट्टियों में पड़ता है।
  • बड़ी वाहन सेवाओं से घंटों पहले ही माड़ा वीथियों की गैलरियाँ भर जाती हैं। पानी साथ रखें, दवाइयाँ अपने पास रखें और परिवार के साथ मिलने का एक स्थान तय कर लें।
  • बुज़ुर्ग और शिशुओं वाले परिवार ध्यान दें कि 11 से 20 अक्टूबर तक विशेष दर्शन स्थगित हैं। गैलरी से या स्क्रीन पर वाहन सेवा देखना भी पारंपरिक अर्थ में दर्शन ही है।
  • पारंपरिक वेशभूषा पहनें, और समय या मार्ग में किसी भी बदलाव के लिए उसी दिन TTD की घोषणाओं का पालन करें।
  • सामान्य योजना के लिए हमारी तिरुमला तीर्थयात्री मार्गदर्शिका पढ़ें, और उत्सव की रात सुरक्षा सुझावों के लिए गरुड़ सेवा मार्गदर्शिका देखें।

विदेश से दर्शन: SVBC पर सीधा प्रसारण

USA, UK, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, खाड़ी देशों और अन्य जगहों पर रहने वाले NRI परिवारों के लिए उत्सव में भाग लेने का सबसे सरल तरीका है SVBC (श्री वेंकटेश्वर भक्ति चैनल) पर सीधा प्रसारण, जो TTD का भक्ति चैनल है और परंपरागत रूप से ब्रह्मोत्सवम की वाहन सेवाओं का प्रसारण करता है। तालिका में दिए गए समय भारतीय मानक समय (IST) में हैं। IST से अपना स्थानीय समय स्वयं निकालें, और याद रखें कि भारत में शाम की वाहन सेवा उत्तर अमेरिका में सुबह या रात भर के समय पड़ती है। बहुत से परिवार देखते समय दीप जलाते हैं, तुलसी अर्पित करते हैं और वेंकटेश्वर सुप्रभातम या गोविंद नामों का पाठ करते हैं, विशेषकर गरुड़ सेवा के समय।

यह उत्सव शारदीय नवरात्रि (11-19 अक्टूबर) और दशहरा (20 अक्टूबर) के साथ भी पड़ रहा है, इसलिए विदेशों में भगवान वेंकटेश्वर को समर्पित कई मंदिर अपने स्वयं के नवरात्रि कार्यक्रम आयोजित करते हैं। अपने स्थानीय मंदिर का कैलेंडर देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में तिरुमला में नवरात्रि ब्रह्मोत्सवम कब है?

TTD ने श्रीवारि नवरात्रि ब्रह्मोत्सवम सोमवार, 12 अक्टूबर से मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 तक घोषित किया है, और अंकुरार्पणम रविवार, 11 अक्टूबर की शाम को होगा। गरुड़ सेवा शुक्रवार, 16 अक्टूबर को और चक्र स्नानम विजयादशमी, 20 अक्टूबर की सुबह होगा।

2026 में तिरुमला में दो ब्रह्मोत्सव क्यों हैं?

2026 में अधिक (अतिरिक्त) मास है। ऐसे वर्षों में TTD वार्षिक सालकट्ला ब्रह्मोत्सवम के साथ दशहरा के महीने में दूसरा, नवरात्रि ब्रह्मोत्सवम भी आयोजित करता है। 2026 में सालकट्ला उत्सव 15 से 23 सितंबर तक हुआ और नवरात्रि उत्सव 12 से 20 अक्टूबर तक चलेगा।

नवरात्रि ब्रह्मोत्सवम सालकट्ला ब्रह्मोत्सवम से कैसे अलग है?

TTD के अनुसार, नवरात्रि ब्रह्मोत्सवम में ध्वजारोहणम (ध्वज फहराना) या ध्वजावरोहणम (ध्वज उतारना) नहीं होता, और लकड़ी का विशाल पेद्द रथम नहीं खींचा जाता। इसके स्थान पर 19 अक्टूबर को स्वर्ण रथम (सोने का रथ) निकाला जाता है।

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16 अक्टूबर 2026 को गरुड़ सेवा किस समय है?

TTD के कार्यक्रम के अनुसार 16 अक्टूबर 2026 को गरुड़ वाहनम शाम 6:30 बजे से रात 11:30 बजे तक है। अन्य वाहन सेवाएँ सुबह 8 से 10 बजे और शाम 7 से 9 बजे तक होती हैं।

क्या उत्सव के दौरान VIP ब्रेक और वरिष्ठ नागरिक दर्शन उपलब्ध हैं?

नहीं। TTD ने 6 अक्टूबर 2026 को बताया कि 11 से 20 अक्टूबर तक VIP ब्रेक दर्शन तथा वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, शिशुओं वाले माता-पिता, NRI और रक्षा कर्मियों के विशेष दर्शन रद्द रहेंगे।

क्या मैं विदेश से तिरुमला की वाहन सेवाएँ लाइव देख सकता हूँ?

हाँ। TTD का भक्ति चैनल SVBC (श्री वेंकटेश्वर भक्ति चैनल) परंपरागत रूप से ब्रह्मोत्सवम की वाहन सेवाओं का सीधा प्रसारण करता है। ध्यान रखें कि इस पृष्ठ पर दिए गए समय भारतीय समय हैं।

संबंधित मार्गदर्शिकाएँ

संपादकीय टिप्पणी (9 अक्टूबर 2026)

इस पृष्ठ की तारीखें और समय TTD की 27 सितंबर 2026 की घोषणा और 29 सितंबर 2026 की उसकी अक्टूबर उत्सव सूची से लिए गए हैं। तीर्थयात्रियों से जुड़ी ताज़ा जानकारी 9 अक्टूबर 2026 तक के TTD समाचारों और द हंस इंडिया से ली गई है, और प्रत्येक का लिंक ऊपर दिया गया है। अंतिम जाँच: 9 अक्टूबर 2026। TTD कम सूचना पर भी समय में बदलाव कर सकता है, इसलिए यात्रा से पहले TTD की आधिकारिक घोषणाओं से पुष्टि अवश्य करें।