सोम (सोमवती) अमावस्या 2026 भारत में सोमवार, 15 जून 2026 को है — अमावस्या (अमावस्या) और सोमवार (शिव का दिन) का दुर्लभ संयोजन जो वर्ष में केवल एक-दो बार आता है। USA, UK, कनाडा, खाड़ी, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले NRI हिन्दू परिवारों के लिए यह दिन शिव साधना का अवसर है और पितृ तर्पण (पूर्वज स्मरण) का पारम्परिक क्षण।

सोम अमावस्या 2026 — मुख्य तथ्य

  • भारत तिथि: सोमवार, 15 जून 2026
  • अमावस्या तिथि (IST): 14 जून 12:19 PM से प्रारम्भ, 15 जून 08:23 AM समाप्त
  • NRI टिप्पणी: USA/कनाडा में तिथि 14 जून स्थानीय समय पर पड़ती है; UK/खाड़ी/एशिया/ऑस्ट्रेलिया में रातभर 15 जून सुबह तक चलती है
  • देव: भगवान शिव (सोमवार) + पितर (पूर्वज)
  • अगली सोम अमावस्या: सोमवार, 9 नवम्बर 2026

विश्वव्यापी तिथि खिड़की — प्रमुख NRI केन्द्र

अमेरिका — तिथि 14 जून पर

  • न्यूयॉर्क/टोरंटो (EDT): रवि 14 जून 02:49 AM → 10:53 PM
  • शिकागो/ह्यूस्टन (CDT): रवि 14 जून 01:49 AM → 09:53 PM
  • लॉस एंजेल्स/SF/वैंकूवर (PDT): शनि 13 जून 23:49 → रवि 14 जून 19:53

UK और यूरोप — रातभर 14-15 जून

  • लन्दन/डबलिन (BST): रवि 14 जून 07:49 AM → सोम 15 जून 03:53 AM
  • फ्रैंकफर्ट/पेरिस (CEST): रवि 14 जून 08:49 AM → सोम 15 जून 04:53 AM

मध्य पूर्व — 15 जून सुबह तक

  • रियाद/दोहा/कुवैत (AST): रवि 14 जून 09:49 AM → सोम 15 जून 05:53 AM
  • दुबई/अबू धाबी (GST): रवि 14 जून 10:49 AM → सोम 15 जून 06:53 AM

एशिया-प्रशान्त — 15 जून में

  • सिंगापुर/KL/हांगकांग: रवि 14 जून 14:49 → सोम 15 जून 10:53
  • सिडनी/मेलबर्न (AEST): रवि 14 जून 16:49 → सोम 15 जून 12:53
  • ऑकलैंड (NZST): रवि 14 जून 18:49 → सोम 15 जून 14:53

14 जून या 15 जून? NRI तिथि प्रश्न

  • भारत में: 15 जून को उदय तिथि के अनुसार (15वें के सूर्योदय पर अमावस्या उपस्थित)। सोमवार-संयोग सोमवती दर्जा देता है।
  • अमेरिका में: तिथि 14 जून (रविवार) स्थानीय समय पर खुल-बंद हो चुकी होती है। "सोमवार" गुण भारतीय समय से बंधा है।
  • UK/खाड़ी/एशिया/ऑस्ट्रेलिया में: तिथि रातभर 15 जून सुबह तक चलती है। अधिकांश प्रवासी परिवार 15 जून पर पाठ्न करते हैं।

अधिकांश NRI क्या करते हैं: 15 जून का पालन कर भारत और सोमवती महत्व के साथ संरेखित हों, या अपने स्थानीय शहर के पञ्चाङ्ग का अनुसरण करें। संदेह हो तो स्थानीय मन्दिर की घोषणा का पालन करें।

सोम अमावस्या क्या है और क्यों महत्वपूर्ण है

अमावस्या प्रत्येक चन्द्र पक्ष को बन्द करने वाला अमावस्या दिन है। जब यह सोमवार (सोम — चन्द्रमा और शिव का दिन) पर पड़ती है, तब सोम या सोमवती अमावस्या बनती है — दुर्लभ संयोजन जो वर्ष में केवल एक-दो बार होता है। यह दो आराधना धाराओं का मेल है:

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  • शिव साधना: स्वास्थ्य, सुरक्षा, शान्ति हेतु जलाभिषेक, ॐ नमः शिवाय और महामृत्युञ्जय जप।
  • पितृ कार्य: पितरों के लिए तर्पण और स्मरण; अमावस्या पितृ-स्मरण की पारम्परिक खिड़की।

विवाहित स्त्रियाँ भी पीपल वृक्ष की प्रदक्षिणा कर पति की दीर्घायु हेतु प्रार्थना करती हैं। प्रवासी परिवारों के लिए यह दिन वंश से जुड़ने का अर्थपूर्ण आधार है।

विदेश में सोम अमावस्या कैसे मनाएं — दशा-वार विधि

  1. अपनी तिथि निर्धारित करें: ऊपर के मार्गदर्शन से 14 या 15 जून चुनें।
  2. पवित्र स्नान: सूर्योदय से पहले स्नान; जल में गङ्गाजल की कुछ बूँदें मिलाएं।
  3. छोटी वेदी बनाएं: शिवलिङ्ग या शिव चित्र, घृत/तेल दीप, अगरबत्ती; जल + कच्चे दूध से सरल अभिषेक।
  4. अर्पण और जप: बेल पत्र और श्वेत पुष्प; ॐ नमः शिवाय 108 बार + महामृत्युञ्जय 11/21 बार; छोटी आरती।
  5. पितृ तर्पण: दक्षिण की ओर मुख करके थाली से काले तिल मिले जल का अर्पण, पितृ मन्त्र जपते हुए।
  6. दान करें: स्थानीय फूड बैंक/मन्दिर/दान, या भारत में अपने पारिवारिक मन्दिर में ऑनलाइन अन्न-दान/सेवा।

आवश्यक मन्त्र (देवनागरी · तेलुगु · IAST)

मुख्य शिव मन्त्र

ॐ नमः शिवाय · ఓం నమః శివాయ · Oṃ Namaḥ Śivāya

108 बार जप करें। किसी भी घर के लिए सबसे सरल और सार्वभौमिक शिव अभ्यास।

महामृत्युञ्जय मन्त्र — स्वास्थ्य एवं सुरक्षा

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् । उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॥

Oṃ tryambakaṃ yajāmahe sugandhiṃ puṣṭi-vardhanam, urvārukam-iva bandhanān mṛtyor-mukṣīya mā'mṛtāt.

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पितृ मन्त्र — तर्पण हेतु

ॐ पितृ गणाय विद्महे जगत्धारिणे धीमहि । तन्नो पितरो प्रचोदयात् ॥

ऑनलाइन पूजा, रिमोट तर्पण और दान

  • ऑनलाइन सोम अमावस्या पूजा: भारत में मन्दिर और पुजारी प्रायोजित पूजा करते हैं जिसमें आप वीडियो कॉल से जुड़ सकते हैं, प्रसाद कूरियर से भेजा जाता है।
  • रिमोट तर्पण और श्राद्ध: गया, काशी, त्र्यम्बकेश्वर तीर्थों पर पुजारी के माध्यम से प्रायोजित।
  • विदेश से दान: अन्न-दान, गो-सेवा, मन्दिर निधि — पितरों के नाम स्पष्ट रूप से समर्पित।

परिवार सहित विदेश में आराधना

दीप एक साथ जलाएं, बच्चों को स्नान-जल और पुष्पों में सहायता करने दें, उन्हें कथा सुनाएं कि हम पूर्वजों को क्यों स्मरण करते हैं। 15-मिनट का पारिवारिक कर्म सांस्कृतिक संचरण के लिए पूर्ण एकल कर्म से अधिक काम करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या सोम अमावस्या NRI के लिए वही तिथि है?

भारत तिथि 15 जून है, परन्तु तिथि खिड़की समय क्षेत्र अनुसार बदलती है — USA/कनाडा में 14 जून, UK/खाड़ी/एशिया/ऑस्ट्रेलिया में रातभर 15 जून सुबह तक।

14 जून या 15 जून पर मनाऊँ?

दोनों मान्य। 15 जून का पालन भारत और सोमवती महत्व के साथ संरेखण के लिए, या स्थानीय पञ्चाङ्ग (अमेरिका में 14 जून) का अनुसरण।

विदेश में पितृ तर्पण कैसे करें?

स्नान के बाद दक्षिण मुख कर थाली से काले तिल मिले जल का अर्पण पितृ मन्त्र जपते हुए।

विदेश में गङ्गाजल कहाँ मिले?

अधिकांश देशों में भारतीय दुकानों और ऑनलाइन में उपलब्ध। न मिले तो भक्ति से अर्पित स्वच्छ जल पूर्ण स्वीकार।

🕉 ॐ नमः शिवाय। चन्द्रहीन सोमवार आप और आपके पितरों को शान्ति प्रदान करे। 🕉