यह NRI हिन्दू परिवारों के लिए वर्ष भर शिव कैलेण्डर सन्दर्भ हब है। शिव आराधना के चार आवृत्तियाँ: मासिक (मासिक शिवरात्रि, प्रदोष × 2), मौसमी (सावन, कार्तिक), वार्षिक (महाशिवरात्रि), और प्रासङ्गिक (सोलह सोमवार, ग्रहण)। उपयोग करें इस हब को अपने स्थानीय समय में आचरणों की योजना के लिए।

शिव आराधना की चार आवृत्तियाँ

1. प्रदोष व्रत - मासिक दो बार

प्रदोष व्रत त्रयोदशी (13वें चन्द्र दिन) पर — माह में दो बार। प्रदोष काल (सूर्यास्त के आसपास 90 मि) — शिव ताण्डव का सर्वोच्च क्षण। प्रत्येक प्रदोष 12 ज्योतिर्लिङ्ग दर्शन के पुण्य देता है।

  • शुक्ल प्रदोष: समृद्धि, विवाह, सन्तान, भौतिक कल्याण
  • कृष्ण प्रदोष: मुक्ति, पितृ शान्ति, कर्म-ऋण निवारण
  • सोम प्रदोष: सबसे शक्तिशाली — सोमवार पर प्रदोष
  • शनि प्रदोष: शनि-दोष राहत

2. मासिक शिवरात्रि - मासिक एक बार

मासिक शिवरात्रि कृष्ण पक्ष चतुर्दशी पर। निशीथ काल (मध्यरात्रि) प्राथमिक पूजा समय। अधिका मासिक शिवरात्रि (अधिक मास में) 12x पुण्य। अगली 2029।

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3. सावन/श्रावण - वार्षिक पवित्र मास

उत्तर/पूर्णिमान्त ~30 जुलाई - 28 अगस्त 2026। दक्षिण/अमान्त (HinduTone प्राथमिक) ~13 अगस्त - 11 सितम्बर 2026। चार सावन सोमवार।

4. महाशिवरात्रि - वार्षिक कॉस्मिक तिथि

महाशिवरात्रि 2027: शनिवार, 6 मार्च 2027। निशीथ काल ~12:07 AM IST।

दैनिक 7-मिनट न्यूनतम साधना

  1. 1 मि: संकल्प, दीप जलाएं
  2. 2 मि: जलाभिषेक + 21 ॐ नमः शिवाय
  3. 1 मि: बिल्व पत्र (या पुष्प)
  4. 2 मि: महामृत्युञ्जय 11 बार
  5. 1 मि: आरती, नैवेद्य, प्रसाद

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

NRI शुरुआत के लिए कौनसा शिव आचरण?

साप्ताहिक सोम प्रदोष से शुरू करें। फिर मासिक शिवरात्रि, सावन सोमवार, महाशिवरात्रि की ओर बढ़ें।

क्या इनमें से एक-दो वार्षिक आचरण करके बाकी छोड़ सकता हूँ?

हाँ — हिन्दू परम्परा सम्पूर्णता से अधिक ईमानदारी को मूल्य देती है।

क्या यात्रा के दौरान कर सकते हैं?

हाँ — छोटा शिवलिङ्ग या संकल्प से अभिमन्त्रित चिकना पत्थर साथ रखें। शिव सर्वव्यापी।

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🕉 ॐ नमः शिवाय। हर हर महादेव। 🕉