पंचांग 28 नवंबर 2026 (शनिवार): कृष्ण चतुर्थी से पंचमी, पुनर्वसु नक्षत्र और वेंकटेश्वर के लिए कार्तिक का शनिवार
शनिवार, 28 नवंबर 2026 कार्तिक मास का एक शांत शनिवार है। कृष्ण चतुर्थी सूर्योदय के ठीक बाद सुबह 6:39 AM पर समाप्त होती है और फिर पंचमी आरंभ होती है; पुनर्वसु नक्षत्र दोपहर 12:50 PM तक है, फिर पुष्य। कोई बड़ा पर्व न होने से यह दिन भगवान वेंकटेश्वर और शनि देव की शनिवार की भक्ति का है। पंचांग, सरल पूजा और विदेश की तालिका।

शनिवार, 28 नवंबर 2026 कार्तिक मास का एक शांत शनिवार है। कृष्ण चतुर्थी सूर्योदय के ठीक बाद सुबह 6:39 AM पर समाप्त होती है और फिर पंचमी आरंभ होती है; पुनर्वसु नक्षत्र दोपहर 12:50 PM तक है, फिर पुष्य।
संक्षिप्त उत्तर: शनिवार, 28 नवंबर 2026 को कृष्ण चतुर्थी सुबह 6:39 AM तक है (6:28 AM के सूर्योदय के ठीक बाद तक), फिर पंचमी। पुनर्वसु नक्षत्र दोपहर 12:50 PM तक है, फिर पुष्य। कोई बड़ा पर्व नहीं है; यह भगवान वेंकटेश्वर और शनि देव के लिए कार्तिक मास का एक शांत शनिवार है।
तेलुगु घरों में कार्तिक के शनिवारों का एक कोमल दोहरा स्वरूप होता है। मास का संध्या दीपक चलता रहता है, और शनिवार सात पहाड़ियों के स्वामी के प्रति अपनी भक्ति जोड़ देता है। तिल के तेल का एक छोटा दीपक, एक तुलसी पत्र और गोविंद का नाम — यह दिन बस इतना ही माँगता है।
आज का पंचांग (हैदराबाद, IST)
| तत्व | विवरण |
|---|---|
| वार (सप्ताह का दिन) | शनिवार |
| चंद्र मास | कार्तिक (अमांत, जैसा तेलुगु पंचांग में); पूर्णिमांत (उत्तर भारतीय) पंचांग में मार्गशीर्ष |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष (घटता चंद्रमा) |
| तिथि | कृष्ण चतुर्थी सुबह 6:39 AM तक, फिर पंचमी |
| नक्षत्र | पुनर्वसु दोपहर 12:50 PM तक, फिर पुष्य |
| योग | शुक्ल रात 8:18 PM तक |
| करण | बव (दिन के लिए दिए अनुसार) |
| सूर्योदय | 6:28 AM |
| सूर्यास्त | 5:40 PM |
| चंद्रोदय | 9:45 PM |
| चंद्रास्त | 10:08 AM |
| राहु काल, यमगंड, मुहूर्त | यहाँ नहीं दिए गए: कृपया अपने शहर का स्थानीय पंचांग देखें |
स्रोत: हैदराबाद के लिए द्रिक पंचांग का दैनिक पंचांग। तिथि और नक्षत्र के समाप्ति समय भारतीय मानक समय में हैं और पूरे भारत में एक ही क्षण बदलते हैं; सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय शहर-दर-शहर कुछ मिनट भिन्न होते हैं।
धार्मिक महत्व
लाखों तेलुगु परिवारों के लिए शनिवार वेंकटेश्वर का दिन है। परंपरा उन्हें कलियुग दैवम कहती है, अर्थात इस युग में विशेष रूप से सुलभ देवता, और अनेक घर शनिवार का एक सरल व्रत रखते हैं — एक समय भोजन या शाकाहारी भोजन, एक दीपक और गोविंद के नामों का जप। अधिक पढ़ें: वेंकटेश्वर को कलियुग दैवम क्यों कहा जाता है और हमारी तिरुमला वेंकटेश्वर मंदिर गाइड.
शनिवार शनि देव का भी दिन है। संतुलित दृष्टि से शनि देव धैर्य और उत्तरदायित्व के शिक्षक हैं, भय के प्रतीक नहीं। तिल के तेल का दीपक, कम पारिश्रमिक में कड़ी मेहनत करने वाले किसी व्यक्ति की सहायता, और अपने आचरण पर ईमानदार दृष्टि — ये उन्हें सम्मान देने के पारंपरिक और समझदारी भरे तरीके हैं। हमारी शनि देव गाइड इसी दृष्टिकोण को समझाती है।
नक्षत्र भी अपना रंग जोड़ते हैं। अदिति द्वारा शासित पुनर्वसु का अर्थ है "शुभ का लौटना", और परंपरा से यही भगवान राम का जन्म नक्षत्र माना जाता है। दोपहर 12:50 PM पर आने वाला पुष्य व्यापक रूप से सबसे पोषक नक्षत्रों में से एक माना जाता है। दोनों मिलकर दिन को आशापूर्ण और स्थिर बनाते हैं।
सरल पूजा विधि
- सुबह: स्नान करें, दीपक जलाएँ और वेंकटेश्वर या विष्णु के चित्र के सामने एक तुलसी पत्र रखें।
- नैवेद्य: थोड़ा गुड़, एक केला या कोई भी सादा घर का बना शाकाहारी भोजन।
- जप: गोविंद के नाम या नीचे दिया गया मंत्र दोहराएँ।
- संध्या: शाम 5:40 PM के सूर्यास्त के बाद तिल के तेल का दीपक जलाएँ; यह कार्तिक दीपक और शनिवार दीपक दोनों का काम करता है।
बिना सामग्री का विकल्प: हाथ जोड़कर कुछ मिनट धीरे-धीरे "गोविंद, गोविंद" का जप करें। अनेक भक्त नाम को ही आवश्यक अर्पण मानते हैं।
आज का मंत्र
ॐ नमो वेङ्कटेशाय
अर्थ: "ॐ, भगवान वेंकटेश को नमस्कार", जो वेंकट पर्वत के स्वामी हैं। 11 या 108 बार जप करें। अधिक जानकारी के लिए देखें हमारा ॐ नमो वेंकटेशाय मंत्र पेज.
आज आप क्या कर सकते हैं
- शाम को वेंकटेश्वर और शनि देव के लिए तिल के तेल का दीपक जलाएँ।
- यदि आपके परिवार की परंपरा हो, तो शनिवार को सादा शाकाहारी भोजन रखें।
- किसी मेहनती व्यक्ति, जैसे सफाईकर्मी, ड्राइवर या चौकीदार को सहायता या भोजन दें।
- पुनर्वसु नक्षत्र के सम्मान में राम कथा का संक्षिप्त पाठ करें।
- भविष्य की मंदिर यात्रा के लिए घर की हुंडी में एक छोटा सिक्का या नोट रखें।
- सोमवार, 30 नवंबर की तैयारी करें, जो कार्तिक का तीसरा सोमवार है।
परिवार और बच्चों के साथ
बच्चे कागज़ का एक सरल नामम (वैष्णव तिलक का आकार) बनाकर दीपक के पास रख सकते हैं, या लय में "गोविंद" कहना सीख सकते हैं। शनि देव को डरावने ग्रह के बजाय न्याय के शिक्षक के रूप में बताने से वे बिना भय के बड़े होते हैं।
विदेश में हिंदू: आपके शहर में सूर्योदय, तिथि और नक्षत्र
यदि आप भारत से बाहर रहते हैं, तो ऊपर दिए हैदराबाद के समय को न बदलें। नीचे की तालिका हर शहर का अपना स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त, तथा उस स्थानीय सूर्योदय पर प्रचलित तिथि और नक्षत्र देती है।
| देश | शहर | सूर्योदय (स्थानीय) | सूर्यास्त (स्थानीय) | सूर्योदय पर तिथि | सूर्योदय पर नक्षत्र |
|---|---|---|---|---|---|
| अमेरिका (USA) | न्यूयॉर्क (New York) | 6:55 AM | 4:31 PM | कृष्ण पंचमी | पुष्य |
| ब्रिटेन (UK) | लंदन (London) | 7:37 AM | 3:59 PM | कृष्ण पंचमी | पुष्य |
| कनाडा | टोरंटो (Toronto) | 7:26 AM | 4:44 PM | कृष्ण पंचमी | पुष्य |
| ऑस्ट्रेलिया | सिडनी (Sydney) | 5:36 AM | 7:49 PM | कृष्ण चतुर्थी | पुनर्वसु |
| ब्राज़ील | साओ पाउलो (São Paulo) | 5:09 AM | 6:39 PM | कृष्ण पंचमी | पुष्य |
| संयुक्त अरब अमीरात (UAE) | दुबई (Dubai) | 6:43 AM | 5:29 PM | कृष्ण पंचमी | पुनर्वसु |
| सिंगापुर | सिंगापुर (Singapore) | 6:49 AM | 6:55 PM | कृष्ण चतुर्थी | पुनर्वसु |
| मलेशिया | कुआलालंपुर (Kuala Lumpur) | 7:01 AM | 7:00 PM | कृष्ण चतुर्थी | पुनर्वसु |
| जर्मनी | फ्रैंकफर्ट (Frankfurt) | 7:56 AM | 4:29 PM | कृष्ण पंचमी | पुनर्वसु |
| दक्षिण अफ्रीका | डरबन (Durban) | 4:46 AM | 6:41 PM | कृष्ण पंचमी | पुनर्वसु |
| यूरोप | एम्स्टर्डम (Amsterdam) | 8:21 AM | 4:35 PM | कृष्ण पंचमी | पुष्य |
HinduTone के पंचांग कैलकुलेटर से गणना, द्रिक पंचांग से सत्यापित; विदेश में पर्वों की तिथियाँ एक दिन भिन्न हो सकती हैं, इसलिए अपने मंदिर के पंचांग का पालन करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
28 नवंबर 2026 को कौन सी तिथि है?
हैदराबाद में सूर्योदय के समय कृष्ण चतुर्थी तिथि है, लेकिन यह सुबह 6:39 AM IST पर समाप्त हो जाती है, यानी 6:28 AM के सूर्योदय के केवल ग्यारह मिनट बाद। शेष पूरे दिन पंचमी रहती है।
क्या 28 नवंबर 2026 को कोई त्योहार है?
द्रिक पंचांग में कोई बड़ा पर्व नहीं दिया गया है। यह कार्तिक मास (उत्तर भारत में मार्गशीर्ष) का एक सामान्य शनिवार है, जो परंपरा से तेलुगु घरों में भगवान वेंकटेश्वर को और व्यापक रूप से शनि देव को समर्पित है।
28 नवंबर 2026 को कौन सा नक्षत्र है?
पुनर्वसु दोपहर 12:50 PM IST तक, फिर पुष्य।
तेलुगु परिवार शनिवार को वेंकटेश्वर की पूजा क्यों करते हैं?
आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में शनिवार (शनिवारम) को व्यापक रूप से तिरुमला के भगवान वेंकटेश्वर का दिन माना जाता है। कई परिवार हल्का उपवास रखते हैं, वेंकटेश्वर मंदिर जाते हैं या घर पर दीपक जलाते हैं। यह शास्त्रीय नियम से अधिक एक भक्तिपूर्ण परंपरा है।
समापन विचार
पुनर्वसु वचन देता है कि शुभ लौटकर आता है। इस शांत शनिवार को सात पहाड़ियों के स्वामी के लिए अपना दीपक जलाएँ, थोड़ा धैर्य रखें, और विश्वास रखें कि स्थिर भक्ति अपने समय पर अपना फल अवश्य देती है।
पिछला और अगला दिन
- पिछला दिन: पंचांग शुक्रवार 27 नवंबर 2026
- अगला दिन: पंचांग रविवार 29 नवंबर 2026
- महीने की झलक: नवंबर 2026 के हिंदू त्योहार: तिथियाँ, अनुष्ठान और महत्व
संपादक की टिप्पणी
संपादक की टिप्पणी (9 अक्टूबर 2026): पंचांग के समय और पर्वों का पालन स्थान, क्षेत्रीय पंचांग और पारिवारिक परंपरा के अनुसार भिन्न हो सकते हैं। यह गाइड हैदराबाद (IST) के लिए द्रिक पंचांग का अनुसरण करती है। कृपया स्थानीय पूजा समय किसी विश्वसनीय पंचांग या पुरोहित से सत्यापित करें।



