
बीएपीएस हिंदू मंदिर, अबू धाबी
स्वामीनारायण temple · Abu Dhabi (Abu Mureikhah area), Abu Dhabi, United Arab Emirates
Photo: Asd Akhilesh · CC BY-SA 4.0 · via Wikimedia Commons
BAPS हिंदू मंदिर संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी के अबू मरीखा क्षेत्र में स्थित पारंपरिक पत्थर का हिंदू मंदिर है, जिसे स्वामीनारायण संस्था BAPS (बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था) ने बनवाया है। इसका उद्घाटन 14 फरवरी 2024 को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया (अरब न्यूज़; गल्फ न्यूज़)। रिपोर्टों में इसे UAE का पहला पारंपरिक रीति से निर्मित हिंदू मंदिर बताया गया है, और मंदिर सभी धर्मों के लोगों के लिए खुला है (अरब न्यूज़; द नेशनल)।
यह परिसर अबू धाबी और दुबई के बीच मुख्य राजमार्ग के पास रेगिस्तान में बसा है, और मंदिर के सात शिखरों को व्यापक रूप से सात अमीरातों का प्रतीक बताया जाता है (गल्फ न्यूज़; द नेशनल)।
Faith & Tradition
Religious Significance of बीएपीएस हिंदू मंदिर, अबू धाबी
UAE में हिंदू समुदाय, जिसे द नेशनल 660,000 से अधिक निवासियों का बताता है, के लिए यह मंदिर खाड़ी देशों में पूजा-उपासना हेतु एक पत्थर का मंदिर उपलब्ध कराता है (द नेशनल)। BAPS स्वामीनारायण परंपरा से जुड़ा है और इसके मंदिर भगवान स्वामीनारायण तथा उनके बाद आई गुरु-परंपरा को समर्पित होते हैं; देखे गए स्रोत अबू धाबी में प्रतिष्ठित देवताओं की कोई एक प्रामाणिक सूची नहीं देते (सत्यापन टिप्पणियाँ देखें)।
पूजा-उपासना से परे, उद्घाटन समारोहों को 'सद्भाव का उत्सव' (Festival of Harmony) कहा गया, और गल्फ न्यूज़ ने बोहरा समुदाय द्वारा भेंट की गई 'सद्भाव की दीवार' (Wall of Harmony) की जानकारी दी। गल्फ न्यूज़ यह भी बताता है कि निर्माण में विभिन्न धर्मों के लोगों ने भाग लिया (गल्फ न्यूज़)।
Heritage
History of बीएपीएस हिंदू मंदिर, अबू धाबी
गल्फ न्यूज़ के अनुसार, यह भूमि शेख मोहम्मद बिन ज़ायद अल नहयान ने, जो अब UAE के राष्ट्रपति हैं और तब क्राउन प्रिंस थे, प्रधानमंत्री मोदी की 2015 की यात्रा के आसपास दी थी; द नेशनल भारतीय समुदाय को दिया गया क्षेत्र 5.4 हेक्टेयर से अधिक बताता है, जबकि अरब न्यूज़ के अनुसार मंदिर 27 एकड़ में स्थित है, और UAE सरकार ने भूमि दान की (गल्फ न्यूज़; द नेशनल; अरब न्यूज़)। हो सकता है ये आँकड़े परिसर के अलग-अलग हिस्सों के हों; यहाँ इनका मिलान नहीं किया गया है।
अरब न्यूज़ के अनुसार शिलान्यास 2019 में हुआ और मंदिर पारंपरिक तकनीकों से बनाया गया: राजस्थान के गुलाबी बलुआ पत्थर और सफ़ेद इतालवी संगमरमर के 25,000 से अधिक टुकड़ों को भारत में कारीगरों ने तराशा और UAE में जोड़ा (अरब न्यूज़)। द नेशनल के अनुसार राजस्थान और गुजरात के कारीगरों ने 400 से अधिक सफ़ेद स्तंभ तराशे और तीन वर्षों में 20,000 टन से अधिक पत्थर और संगमरमर जहाज़ से भेजा गया (द नेशनल)।
मोदी ने 14 फरवरी 2024 को मंदिर के पुजारियों के साथ प्राण-प्रतिष्ठा के अनुष्ठान संपन्न किए (अरब न्यूज़)। आम श्रद्धालुओं को पहली बार कब प्रवेश मिला, इस पर रिपोर्टों में भिन्नता है: द नेशनल ने बताया कि मंदिर ने उसी सप्ताह अपने पहले श्रद्धालुओं का स्वागत किया और अगले रविवार को जनता के लिए खुला, जबकि अन्य कवरेज ने आम जनता के लिए खुलने की तिथि 1 मार्च 2024 बताई। वर्तमान प्रवेश-व्यवस्था के लिए मंदिर के अपने पृष्ठों को ही मार्गदर्शक मानना चाहिए।
Architecture and sacred features
मंदिर पारंपरिक हाथ से तराशी गई पत्थर की शैली में सात शिखरों के साथ बना है (द नेशनल; गल्फ न्यूज़)। अरब न्यूज़ 10,000 लोगों तक की क्षमता बताता है और द नेशनल एक समय में 8,000 से 10,000 लोगों की। गल्फ न्यूज़ के अनुसार तराशे गए पत्थर के पटलों पर विभिन्न परंपराओं की कथाएँ अंकित हैं।
Plan Your Visit
Darshan and Visitor Information
मंदिर की सूची के अनुसार (अक्तूबर 2026 में जाँचा गया; जाने से पहले पुष्टि करें): मंदिर सोमवार को बंद रहता है और मंगलवार से रविवार तक सुबह 9:00 AM से रात 8:00 PM तक खुला रहता है; गंगा आरती सप्ताह के दिनों में शाम 7:30 PM पर और सप्ताहांत तथा अवकाश के दिनों में शाम 6:45 PM और 7:30 PM पर होती है। पंजीकरण अनिवार्य है, और इसके बिना आने वालों को प्रवेश नहीं दिया जाता; बुकिंग मंदिर के 'Book a Visit' पृष्ठ के माध्यम से की जाती है, और भौतिक एमिरेट्स आईडी या पासपोर्ट साथ रखना ज़रूरी है। बुकिंग केवल UAE पहुँचने के बाद ही की जा सकती है।
मंदिर के ड्रेस कोड में शॉर्ट्स, छोटी स्कर्ट, बिना बाँह के टॉप, तंग या पारदर्शी कपड़े पहनने की अनुमति नहीं है; फ्रंट डेस्क पर शुल्क देकर सारोंग उपलब्ध हैं। नियमों के अनुसार बाहर का खाना-पीना (पानी सहित), फूल, पेशेवर कैमरे, सेल्फी स्टिक, ड्रोन, तंबाकू और पालतू जानवर भी वर्जित हैं। निजी उपयोग के लिए मोबाइल फ़ोन से फ़ोटो लेने की अनुमति है। अनुरोध करने पर व्हीलचेयर उपलब्ध हैं। सभी वर्तमान व्यवस्थाओं की पुष्टि मंदिर से करें।
Timings and arrangements change with seasons and festivals. Confirm current details with BAPS (बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था) (official website) before travelling. Last reviewed 30 October 2026.
Location
How to Reach बीएपीएस हिंदू मंदिर, अबू धाबी
मंदिर की वेबसाइट इसका पता P6 अल ताफ रोड (E16), अबू धाबी, UAE बताती है, और शेख मकतूम बिन राशिद रोड (E11) पर एग्ज़िट 366 को भी पहुँच-बिंदु के रूप में देती है (BAPS हिंदू मंदिर, mandir.ae)। यह अबू धाबी और दुबई को जोड़ने वाली मुख्य सड़क के पास स्थित है (अरब न्यूज़)।
निकटतम हवाई अड्डे और रेल संपर्क की जानकारी देखे गए स्रोतों में नहीं दी गई, इसलिए यहाँ उनका उल्लेख नहीं किया गया है। यात्रा से पहले सड़क या टैक्सी के वर्तमान मार्ग की जाँच कर लें।
Location: Abu Dhabi (Abu Mureikhah area), Abu Dhabi, United Arab Emirates
Questions
बीएपीएस हिंदू मंदिर, अबू धाबी: Frequently Asked Questions
अबू धाबी में BAPS हिंदू मंदिर कहाँ है?
यह अबू मरीखा (Abu Mureikhah) क्षेत्र में है। मंदिर की वेबसाइट के अनुसार इसका पता P6 अल ताफ रोड (E16), अबू धाबी है, जो अबू धाबी और दुबई को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग के पास है।
मंदिर का उद्घाटन कब हुआ?
अरब न्यूज़ (Arab News) के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 फरवरी 2024 को इसका उद्घाटन किया। कुछ रिपोर्टें आम जनता के लिए खुलने की अन्य तिथियाँ बताती हैं, इसलिए वर्तमान प्रवेश-व्यवस्था के लिए मंदिर से पुष्टि कर लें।
मंदिर का निर्माण किसने किया?
इसका निर्माण स्वामीनारायण संस्था BAPS ने UAE के नेतृत्व द्वारा दी गई भूमि पर किया। भारत में कारीगरों ने पत्थर तराशे, जिन्हें UAE में जोड़ा गया (अरब न्यूज़)।
मंदिर में सात शिखर क्यों हैं?
गल्फ न्यूज़ (Gulf News) और द नेशनल (The National) के अनुसार सात शिखर UAE के सात अमीरातों के प्रतीक हैं।
क्या दर्शन से पहले पंजीकरण कराना ज़रूरी है?
जी हाँ। मंदिर की सूची के अनुसार (अक्तूबर 2026 में जाँचा गया) पंजीकरण अनिवार्य है और पंजीकरण के बिना आने वालों को प्रवेश नहीं दिया जाता; अपने साथ एमिरेट्स आईडी या पासपोर्ट रखें। जाने से पहले पुष्टि कर लें।
क्या मंदिर अन्य धर्मों के लोगों के लिए खुला है?
जी हाँ। अरब न्यूज़ और द नेशनल के अनुसार यह सभी धर्मों के लोगों के लिए खुला है, बशर्ते पंजीकरण और ड्रेस कोड का पालन किया जाए।
ड्रेस कोड क्या है?
शॉर्ट्स, छोटी स्कर्ट, बिना बाँह के टॉप, तथा तंग या पारदर्शी कपड़े पहनना मना है। मंदिर की वेबसाइट के अनुसार फ्रंट डेस्क पर सारोंग किराये पर मिल सकते हैं।
Sources and attribution
- BAPS Hindu Mandir, Abu Dhabi — BAPS Hindu Mandir Abu Dhabi - visiting hours, address and rules
- BAPS Hindu Mandir, Abu Dhabi — BAPS Hindu Mandir Abu Dhabi - home page
- Arab News — BAPS Hindu Mandir is also the first UAE temple built using traditional techniques
- Gulf News — Indian Prime Minister Narendra Modi inaugurates BAPS Hindu Mandir in Abu Dhabi
- The National — BAPS Hindu Mandir, Abu Dhabi
- Wikimedia Commons — File:Abudabhimandir.jpg
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