🕉 ॐ नमः शिवाय — सोमवार व्रत की शुभकामनाएँ🪔 श्रावण मास — प्रत्येक सोमवार शिवालय दर्शन का महत्व🌸 गणेश चतुर्थी — भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी⛩ काशी विश्वनाथ — आज के दर्शन समय🔔 नवरात्रि — 9 दिन 9 देवी स्वरूप🚩 जय श्री राम — राम मंदिर अयोध्या🕉 ॐ नमः शिवाय — सोमवार व्रत की शुभकामनाएँ🪔 श्रावण मास — प्रत्येक सोमवार शिवालय दर्शन का महत्व🌸 गणेश चतुर्थी — भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी⛩ काशी विश्वनाथ — आज के दर्शन समय🔔 नवरात्रि — 9 दिन 9 देवी स्वरूप🚩 जय श्री राम — राम मंदिर अयोध्या
HinduTone हिंदी
संपर्कसूचनाएँ पाएँ
आज प्रतिपदा (कृष्ण) · मासिक कार्तिगई आज का पंचांग और पूजा →

गर्जिया में हिंदू भक्ति मंदिर

गर्जिया देवी मन्दिर

देवी temple · Uttarakhand, India

WhatsAppFacebookXTelegramPinterest

गर्जिया देवी मंदिर, जिसे गर्जिया (Garjia) भी लिखा जाता है, देवी का एक मंदिर है जो उत्तराखंड के नैनीताल ज़िले में रामनगर के पास कोसी नदी के तल से उठी एक विशाल चट्टान के शीर्ष पर स्थित है (नैनीताल ज़िला प्रशासन)। नैनीताल ज़िला प्रशासन इसे गर्जिया देवी के नाम से प्रसिद्ध दुर्गा देवी का मंदिर बताता है, जबकि Outlook Traveller यहाँ की देवी को पार्वती बताता है (नैनीताल ज़िला प्रशासन; Outlook Traveller)।

यह मंदिर कॉर्बेट क्षेत्र में रामनगर से ढिकाला जाने वाले मार्ग पर स्थित है, और ज़िला प्रशासन इसे कॉर्बेट टाइगर रिज़र्व के पास के दर्शनीय स्थलों में गिनता है (नैनीताल ज़िला प्रशासन)।

Faith & Tradition

✦

Religious Significance of गर्जिया में हिंदू भक्ति मंदिर

यह मंदिर गर्जिया मेले का केंद्र है, और ज़िला प्रशासन के अनुसार नवंबर में कार्तिक पूर्णिमा पर पूरा क्षेत्र उत्सव के रंग में डूबा रहता है (नैनीताल ज़िला प्रशासन)। नवरात्रि में भी पूजा-अर्चना चरम पर होती है: The Tribune ने 2009 में अष्टमी पर मंदिर में विशेष पूजा की सूचना दी थी, और 2024 में मंदिर परिसर के फेरीवाले नवरात्रि की भीड़ के लिए तैयारी कर रहे थे (The Tribune)।

श्रद्धालु अन्य विशेष दिनों पर भी आते हैं; अमर उजाला के अनुसार नववर्ष 2026 के दिन श्रद्धालु देवी के दर्शन के लिए सुबह-सुबह ही मंदिर पहुँचने लगे थे (अमर उजाला)।

Heritage

✦

History of गर्जिया में हिंदू भक्ति मंदिर

जिन स्रोतों को देखा गया, उनमें मंदिर की स्थापना की कोई तिथि नहीं दी गई है, और यहाँ भी कोई तिथि नहीं दी जा रही है। पिछले दो दशकों की समाचार रिपोर्टें इसके हाल के इतिहास को दर्ज करती हैं।

सितंबर 2009 में The Tribune ने बताया कि श्रद्धालुओं को मंदिर तक ले जाने के लिए स्थानीय नावों का उपयोग किया जा रहा था, क्योंकि मंदिर को नगर से जोड़ने वाला मुख्य पुल कुछ समय पहले नष्ट हो गया था (The Tribune)।

मार्च 2024 में उत्तराखंड सरकार ने नैनीताल ज़िले के रामनगर ब्लॉक में उस मुख्य टीले की सुरक्षा के कार्य के लिए वित्तीय स्वीकृति दी, जिस पर गर्जिया देवी मंदिर स्थित है (News On Air)। 8 अप्रैल 2024 को, नवरात्रि शुरू होने से एक दिन पहले, प्रसाद बेचने वाली एक दुकान से शुरू हुई आग मंदिर परिसर की लगभग 35 छप्परदार दुकानों तक फैल गई और उन्हें नष्ट कर दिया; पुलिस के अनुसार कोई जनहानि नहीं हुई (The Tribune; Outlook)।

Architecture and sacred features

मंदिर कोसी नदी के तल में एक विशाल चट्टान के शिखर पर स्थित है, और दर्शनार्थी वहाँ पहुँचने के लिए संकरी सीढ़ियों की एक लंबी कतार चढ़ते हैं (नैनीताल ज़िला प्रशासन)। चट्टान के शीर्ष से कोसी नदी का दृश्य दिखाई देता है (नैनीताल ज़िला प्रशासन)।

Plan Your Visit

✦

Darshan and Visitor Information

मंदिर तक पहुँचने के लिए कई संकरी सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं, और ज़िला प्रशासन नदी-तट को कॉर्बेट के मार्ग पर स्नान और पूजा के स्थान के रूप में बताता है (नैनीताल ज़िला प्रशासन)। नवरात्रि और कार्तिक पूर्णिमा पर मंदिर परिसर में भीड़ हो जाती है (The Tribune; नैनीताल ज़िला प्रशासन)। दर्शन से पहले नैनीताल ज़िला प्रशासन या मंदिर से वर्तमान व्यवस्थाओं की पुष्टि कर लें।

Timings and arrangements change with seasons and festivals. Confirm current details with the temple administration before travelling. Last reviewed 11 October 2026.

Sacred Calendar

✦

Festivals at गर्जिया में हिंदू भक्ति मंदिर

कार्तिक (नवंबर)

कार्तिक पूर्णिमा

ज़िला प्रशासन के अनुसार नवंबर में कार्तिक पूर्णिमा के दिन गर्जिया उत्सव के रंग में डूबा रहता है (नैनीताल ज़िला प्रशासन)।

चैत्र (मार्च-अप्रैल) और आश्विन (सितंबर-अक्टूबर)

नवरात्रि

The Tribune ने 2009 में अष्टमी पर मंदिर में विशेष पूजा की सूचना दी थी, और अप्रैल 2024 में मंदिर परिसर के फेरीवाले नवरात्रि की भीड़ के लिए तैयारी कर रहे थे (The Tribune)।

Location

How to Reach गर्जिया में हिंदू भक्ति मंदिर

मंदिर रामनगर से ढिकाला मार्ग पर है, जिसे नैनीताल ज़िला प्रशासन रामनगर से लगभग 10 km दूर बताता है; अन्य विवरणों में दूरी कुछ अधिक बताई गई है (नैनीताल ज़िला प्रशासन)। निकटतम रेलवे स्टेशन रामनगर है, जो दिल्ली-मुरादाबाद-रामनगर ब्रॉड-गेज शाखा लाइन का अंतिम स्टेशन है, और निकटतम हवाई अड्डा पंतनगर है, जो रामनगर से लगभग 80 km दूर है (नैनीताल ज़िला प्रशासन)।

अतीत में, जब पुल उपयोग में नहीं था, तब मंदिर तक नाव से पहुँचना पड़ा है (The Tribune)। यात्रा से पहले, विशेषकर जब नदी में जलस्तर ऊँचा हो, स्थानीय प्रशासन से वर्तमान पहुँच-मार्ग की पुष्टि कर लें।

Location: Uttarakhand, India

Nearest airport: पंतनगर

Nearest railway station: रामनगर

Questions

✦

गर्जिया में हिंदू भक्ति मंदिर: Frequently Asked Questions

गर्जिया देवी मंदिर कहाँ है?

यह उत्तराखंड के नैनीताल ज़िले में रामनगर से ढिकाला मार्ग पर, कोसी नदी के तल में एक बड़ी चट्टान पर स्थित है, जो कॉर्बेट टाइगर रिज़र्व के पास है (नैनीताल ज़िला प्रशासन)।

गर्जिया में किस देवी की पूजा होती है?

नैनीताल ज़िला प्रशासन इस मंदिर को गर्जिया देवी के नाम से प्रसिद्ध दुर्गा देवी का मंदिर बताता है (नैनीताल ज़िला प्रशासन)। Outlook Traveller इस मंदिर को पार्वती को समर्पित बताता है (Outlook Traveller)।

मंदिर तक ऊपर कैसे पहुँचते हैं?

दर्शनार्थी चट्टान के शिखर पर स्थित मंदिर तक संकरी सीढ़ियों की एक लंबी कतार चढ़कर पहुँचते हैं (नैनीताल ज़िला प्रशासन)। 2009 में, जब मुख्य पुल उपयोग में नहीं था, तब स्थानीय नावें श्रद्धालुओं को उस पार ले जाती थीं (The Tribune)।

गर्जिया देवी मंदिर का मुख्य उत्सव कब होता है?

सबसे बड़ा अवसर नवंबर में कार्तिक पूर्णिमा है (नैनीताल ज़िला प्रशासन)। नवरात्रि में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है (The Tribune)।

निकटतम रेलवे स्टेशन और हवाई अड्डा कौन-से हैं?

निकटतम रेलवे स्टेशन रामनगर है, जो दिल्ली-मुरादाबाद-रामनगर ब्रॉड-गेज शाखा का अंतिम स्टेशन है, और निकटतम हवाई अड्डा पंतनगर है, जो रामनगर से लगभग 80 km दूर है (नैनीताल ज़िला प्रशासन)।

क्या मंदिर के नीचे की चट्टान को संरक्षित किया जा रहा है?

मार्च 2024 में उत्तराखंड सरकार ने गर्जिया देवी मंदिर के मुख्य टीले की सुरक्षा के कार्य के लिए वित्तीय स्वीकृति दी (News On Air)।

2024 में मंदिर परिसर में लगी आग में क्या हुआ?

8 अप्रैल 2024 को प्रसाद बेचने वाली एक दुकान से शुरू हुई आग परिसर की लगभग 35 छप्परदार दुकानों तक फैल गई और उन्हें नष्ट कर दिया; पुलिस के अनुसार कोई जनहानि नहीं हुई (The Tribune; Outlook)।