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श्री बालदेवजेव मंदिर

केंद्रपाड़ा, Odisha, India

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बलदेवजी मंदिर ओडिशा के केंद्रपाड़ा ज़िले के इच्छापुर में स्थित एक जीवंत मंदिर है, जहाँ बलभद्र की पूजा जगन्नाथ और सुभद्रा के साथ होती है (IGNCA; OrissaPOST)। यहाँ बलदेवजी के रूप में पूजित बलभद्र, भगवान जगन्नाथ के बड़े भाई हैं (OdishaBytes; OrissaPOST)। मंदिर इच्छापुर गाँव के बीचोंबीच, केंद्रपाड़ा नगर से लगभग 2 किमी दक्षिण-पश्चिम में स्थित है (IGNCA), और भक्त इस क्षेत्र को तुलसी क्षेत्र के नाम से जानते हैं (OrissaPOST; OdishaBytes)।

यह धाम अपनी वार्षिक रथ यात्रा के लिए सबसे अधिक प्रसिद्ध है, जब तीनों देवता ब्रह्म तालध्वज नामक ऊँचे लकड़ी के रथ पर सवार होते हैं (OdishaBytes; OrissaPOST)। समाचार रिपोर्टें इसे लगभग 300 वर्ष पुराना मंदिर बताती हैं (The Week; OdishaBytes)।

Faith & Tradition

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Religious Significance of श्री बालदेवजेव मंदिर

जगन्नाथ परंपरा के अधिकांश मंदिरों के विपरीत, यह धाम बलभद्र पर केंद्रित है, और उनके साथ जगन्नाथ और सुभद्रा की पूजा होती है (OdishaBytes; IGNCA)। स्नान पूर्णिमा का स्नान उत्सव यहाँ पुरी की तरह ही मनाया जाता है, पर एक स्थानीय अंतर के साथ: इच्छापुर में पवित्र स्नान-जल देवताओं के सिर पर नहीं, बल्कि चरणों पर डाला जाता है, जबकि पुरी में यह सिर पर डाला जाता है (OrissaPOST)।

मंदिर के धरोहर सर्वेक्षण में इसके अनुष्ठानों में रथ यात्रा और मकरबेढ़ा दर्ज हैं, और यह भी उल्लेख है कि विवाह और यज्ञोपवीत (जनेऊ) जैसे पारिवारिक संस्कार भी यहाँ संपन्न होते हैं (IGNCA)। रथ यात्रा में रथ के सामने एक देवदासी द्वारा नृत्य की परंपरा भी यहाँ बनी हुई है, जो पुरी में 2015 में समाप्त हो गई थी (OdishaBytes)।

Heritage

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History of श्री बालदेवजेव मंदिर

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) का धरोहर सर्वेक्षण मंदिर की स्थापत्य विशेषताओं के आधार पर इसे 18वीं शताब्दी के मध्य का, ओडिशा में मराठा शासन के समय का बताता है (IGNCA)। समाचार रिपोर्टें भी इसके निर्माण को मराठा काल में ही रखती हैं (OdishaBytes; OrissaPOST)।

निर्माता के बारे में विवरण अलग-अलग हैं। IGNCA द्वारा दर्ज स्थानीय परंपरा के अनुसार मंदिर नागपुर के मराठा शासक रघुजी भोंसले ने बनवाया था (IGNCA), जबकि OdishaBytes इसका श्रेय कुजंग के एक शासक को देता है (OdishaBytes)। जाँचे गए स्रोतों में से किसी स्वतंत्र ऐतिहासिक अभिलेख से इनमें से किसी भी दावे की पुष्टि नहीं होती।

मंदिर का प्रशासन ओडिशा सरकार के एंडोमेंट विभाग के अधीन बलदेवजी मंदिर ट्रस्ट बोर्ड के माध्यम से होता है (IGNCA)। 2019 में केंद्रपाड़ा के उप-जिलाधिकारी (सब-कलेक्टर) बलदेवजी मंदिर एंडोमेंट ट्रस्ट बोर्ड के अध्यक्ष थे (OrissaPOST), और मंदिर में एक कार्यकारी अधिकारी भी नियुक्त है (OrissaPOST; OdishaBytes)।

Architecture and sacred features

मंदिर पूर्वमुखी है और इसके तीन मुख्य भाग हैं: पीढ़ा शैली का विमान (गर्भगृह का शिखर), जगमोहन (मुखमंडप) और गरुड़ मंडप; IGNCA के अनुसार ये कलिंग शैली के एक सरल (साधारण) रूप में बने हैं (IGNCA)। योजना में यह पंचरथ और ऊर्ध्व विन्यास में पंचांगबाड़ है, और सीमेंट प्लास्टर सहित खोंडोलाइट पत्थर की तराशी हुई चिनाई (ऐशलर) से बना है (IGNCA)।

बाहरी दीवारों पर मूर्तिकला कम है, पर भीतरी भाग श्रीकृष्ण के जीवन के प्रसंगों, दिव्य आकृतियों और पूजा के दृश्यों के चित्रों से सजा है (IGNCA)। सर्वेक्षण में मंदिर में सूर्य और चंद्र की प्रतिमाएँ भी दर्ज हैं (IGNCA)।

Plan Your Visit

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Darshan and Visitor Information

स्नान पूर्णिमा और रथ यात्रा के समय मंदिर में भारी भीड़ उमड़ती है, और तब सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात की जाती है (OrissaPOST)। दर्शन से पहले वर्तमान दर्शन व्यवस्था की पुष्टि बलदेवजी मंदिर प्रशासन या केंद्रपाड़ा ज़िला प्रशासन से कर लें।

Timings and arrangements change with seasons and festivals. Confirm current details with बलदेवजी मंदिर एंडोमेंट ट्रस्ट बोर्ड, ओडिशा सरकार के एंडोमेंट विभाग के अधीन before travelling. Last reviewed 11 October 2026.

Sacred Calendar

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Festivals at श्री बालदेवजेव मंदिर

जुलाई (2026 में 16 जुलाई)

रथ यात्रा

बलभद्र, जगन्नाथ और सुभद्रा को ब्रह्म तालध्वज नामक लकड़ी के रथ पर निकाला जाता है, जिसमें 14 पहिये हैं और जिसकी ऊँचाई 65 से 67 फ़ुट बताई जाती है (OrissaPOST; OdishaBytes)। 2025 में पहियों में दरार आने और रथ के झुक जाने के बाद, मंदिर ने रथ के निर्माण और ब्रेक व्यवस्था पर IIT भुवनेश्वर से परामर्श लिया (OrissaPOST; OdishaBytes)।

जून

स्नान पूर्णिमा (देवस्नान पूर्णिमा)

स्नान उत्सव के लिए देवताओं को शोभायात्रा में स्नान वेदी तक लाया जाता है, और भक्तों का विश्वास है कि बलभद्र वहीं से अपने रथ के निर्माण की प्रगति देखते हैं (OrissaPOST)।

मकरबेढ़ा

IGNCA सर्वेक्षण में रथ यात्रा के साथ मकरबेढ़ा को भी मंदिर के अनुष्ठानों में शामिल किया गया है (IGNCA)।

Location

How to Reach श्री बालदेवजेव मंदिर

मंदिर इच्छापुर गाँव के बीचोंबीच, केंद्रपाड़ा नगर से लगभग 2 किमी दक्षिण-पश्चिम में स्थित है (IGNCA)। मुख्य मंदिर और मौसीमा मंदिर के बीच रथ यात्रा का मार्ग लगभग 2 किमी लंबा है (OrissaPOST; OdishaBytes)। यात्रा से पहले वर्तमान सड़क और परिवहन व्यवस्था की पुष्टि केंद्रपाड़ा ज़िला प्रशासन से कर लें।

Location: केंद्रपाड़ा, Odisha, India

Questions

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श्री बालदेवजेव मंदिर: Frequently Asked Questions

बलदेवजी मंदिर कहाँ है?

यह ओडिशा के केंद्रपाड़ा ज़िले में, केंद्रपाड़ा नगर से लगभग 2 किमी दक्षिण-पश्चिम में, इच्छापुर गाँव के बीचोंबीच स्थित है (IGNCA)। यह क्षेत्र तुलसी क्षेत्र के नाम से जाना जाता है (OrissaPOST; OdishaBytes)।

बलदेवजी मंदिर में किन देवताओं की पूजा होती है?

मुख्य देवता बलभद्र हैं, जिनकी पूजा बलदेवजी के रूप में होती है, और उनके साथ जगन्नाथ और सुभद्रा भी पूजित हैं (OdishaBytes; IGNCA; OrissaPOST)।

बलदेवजी मंदिर कितना पुराना है?

IGNCA के धरोहर सर्वेक्षण के अनुसार यह 18वीं शताब्दी के मध्य का है, जब ओडिशा में मराठा शासन था (IGNCA)। समाचार रिपोर्टें इसे लगभग 300 वर्ष पुराना बताती हैं (The Week; OdishaBytes)।

बलदेवजी मंदिर किसने बनवाया?

स्रोतों में मतभेद है। IGNCA द्वारा दर्ज स्थानीय परंपरा के अनुसार इसे नागपुर के मराठा शासक रघुजी भोंसले ने बनवाया (IGNCA), जबकि OdishaBytes इसका श्रेय कुजंग के एक शासक को देता है (OdishaBytes)।

ब्रह्म तालध्वज रथ क्या है?

यह वह लकड़ी का रथ है जिस पर मंदिर की रथ यात्रा के दौरान बलभद्र, जगन्नाथ और सुभद्रा विराजते हैं (OdishaBytes)। इसमें 14 पहिये हैं और इसकी ऊँचाई 65 से 67 फ़ुट बताई जाती है (OrissaPOST; OdishaBytes)।

मंदिर किस स्थापत्य शैली का है?

इसमें कलिंग शैली में पीढ़ा विमान, जगमोहन और गरुड़ मंडप हैं, जो खोंडोलाइट पत्थर से बने हैं, और भीतर श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े चित्र हैं (IGNCA)।

बलदेवजी मंदिर का प्रबंधन कौन करता है?

यह ओडिशा सरकार के एंडोमेंट विभाग के अधीन है और बलदेवजी मंदिर ट्रस्ट बोर्ड के माध्यम से संचालित होता है (IGNCA; OrissaPOST)।

Pilgrim Circuit

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