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चेंगन्नूर महादेव मंदिर

शिव temple · Kerala, India

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चेंगन्नूर महादेव मंदिर केरल के आलप्पुझा ज़िले के चेंगन्नूर में स्थित शिव और देवी पार्वती का मंदिर है (Kerala Tourism; Alappuzha District Administration)। शिव और पार्वती एक ही गर्भगृह में विराजमान हैं, और देवी की पूजा भी शिव जितनी ही श्रद्धा से की जाती है (Kerala Tourism; Outlook Traveller)। मंदिर चेंगन्नूर रेलवे स्टेशन के पास, तिरुवल्ला से लगभग 5 km दक्षिण में स्थित है (Kerala Tourism)।

यह मंदिर सबसे अधिक तृप्पुत्तारट्टु के लिए प्रसिद्ध है, जो देवी के रजस्वला होने से जुड़ा उत्सव है (Kerala Tourism; The News Minute; Outlook Traveller)।

Faith & Tradition

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Religious Significance of चेंगन्नूर महादेव मंदिर

तृप्पुत्तारट्टु (जिसे तृप्पूत्ता आरट्टु भी लिखा जाता है) उन अवसरों को चिह्नित करता है जब देवी के वस्त्र पर रजस्वला होने के चिह्न दिखाई देते हैं, और Kerala Tourism इसे प्रजनन-शक्ति के प्रतीक के रूप में सम्मानित चार दिवसीय अनुष्ठान बताता है (Kerala Tourism)। The News Minute के अनुसार मुख्य पुजारी प्रतिदिन सुबह देवी के वस्त्र की जाँच करते हैं, और चिह्न की पुष्टि होने पर एकांतवास के दिनों के लिए मूर्ति को मुख्य गर्भगृह से बाहर ले जाया जाता है (The News Minute)। चौथे दिन मूर्ति को अनुष्ठानिक स्नान, अर्थात आरट्टु, के लिए पंपा नदी ले जाया जाता है और शोभायात्रा के साथ मंदिर वापस लाया जाता है, जहाँ शिव की मूर्ति प्रवेश-द्वार पर प्रतीक्षा करती है (The News Minute)। Outlook Traveller बताता है कि उत्सव के दौरान भक्त देवी के वस्त्र को छूने के लिए आगे बढ़ते हैं (Outlook Traveller)।

स्थानीय परंपरा के अनुसार, जब पार्वती शिव के साथ चेंगन्नूर आईं तब वे रजस्वला थीं (Outlook Traveller; The News Minute)। कथा के एक रूप के अनुसार विवाह के बाद शिव और पार्वती पंपा के दक्षिणी तट पर ऋषि अगस्त्य से मिलने आए थे, और मंदिर का यह अनुष्ठान उसी यात्रा की स्मृति है (The News Minute)।

Heritage

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History of चेंगन्नूर महादेव मंदिर

परंपरा से मंदिर के रूपांकन का श्रेय केरल की लोककथाओं के महान शिल्पी पेरुन्तच्चन को दिया जाता है (Kerala Tourism; Alappuzha District Administration; The News Minute)। इसकी आयु के विवरण अलग-अलग हैं: Kerala Tourism इसे 1,500 वर्ष से अधिक पुराना बताता है, जबकि The News Minute इसे ईस्वी 300 का बताता है, और दोनों में से कोई भी इस आँकड़े के लिए ऐतिहासिक प्रमाण नहीं देता (Kerala Tourism; The News Minute)।

18वीं शताब्दी में लगी आग से मंदिर परिसर का बड़ा भाग क्षतिग्रस्त हो गया, जिसका बाद में पुनर्निर्माण किया गया (Kerala Tourism; Alappuzha District Administration; The News Minute)। पुनर्निर्मित मंदिर ने अपना पुराना स्वरूप बनाए रखा, सिवाय कूत्तम्बलम (मंदिर-नाट्यशाला) के, जिसे पेरुन्तच्चन के मूल रूपांकन में पुनः नहीं बनाया जा सका (Kerala Tourism; Alappuzha District Administration)। परंपरा के अनुसार मूल कूत्तम्बलम इस प्रकार बनाया गया था कि सभी दीपक जलने पर भी कलाकार की छाया मंच पर न पड़े (Kerala Tourism; Alappuzha District Administration)।

Architecture and sacred features

मंदिर में एक कूत्तम्बलम, कई मंडपम (मंडप) और गर्भगृह के सामने एक मुखमंडपम है, जो सभी अपनी सुंदर काष्ठकला के लिए जाने जाते हैं (Kerala Tourism; Alappuzha District Administration)। शिव का मंदिर पूर्वमुखी है और देवी का मंदिर पश्चिममुखी (Kerala Tourism)।

Kerala Tourism मुख्य मंदिर को शंक्वाकार और ताँबे से मढ़ा हुआ बताता है (Kerala Tourism)। देवी की मूर्ति पंचलोहम, यानी पाँच धातुओं की मिश्रधातु से बनी है, और शिवलिंग पर सोने की एक पट्टिका चढ़ी है जिसमें शिव और शक्ति का संयुक्त रूप अर्धनारीश्वर अंकित है (Kerala Tourism)। परिसर में गणपति, शास्ता (अय्यप्पा), चंडिकेश्वर, नीलग्रीव, गंगा और नाग देवताओं के मंदिर हैं, साथ ही कृष्ण का एक मंदिर भी है (Kerala Tourism)।

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Darshan and Visitor Information

तृप्पुत्तारट्टु के दौरान देवी के एकांतवास के दिनों में मंदिर दर्शनार्थियों के लिए बंद रहता है (The News Minute)। समय की जानकारी के लिए Kerala Tourism दर्शनार्थियों को मंदिर की वेबसाइट chengannurtemple.com देखने को कहता है (Kerala Tourism)। यात्रा से पहले वर्तमान व्यवस्थाओं और उत्सव की तिथियों की पुष्टि मंदिर प्रशासन से अवश्य कर लें।

Timings and arrangements change with seasons and festivals. Confirm current details with the temple administration before travelling. Last reviewed 11 October 2026.

Sacred Calendar

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Festivals at चेंगन्नूर महादेव मंदिर

कोई निश्चित तिथि नहीं; जब भी देवी के वस्त्र पर चिह्न दिखाई दे, तब मनाया जाता है

तृप्पुत्तारट्टु (तृप्पूत्ता आरट्टु)

देवी के रजस्वला होने का चार दिवसीय अनुष्ठान, जिसे प्रजनन-शक्ति के प्रतीक के रूप में सम्मानित किया जाता है (Kerala Tourism)। इसका समापन पंपा नदी में देवी के अनुष्ठानिक स्नान और शोभायात्रा के साथ मंदिर के प्रवेश-द्वार पर शिव से मिलने के लिए उनकी वापसी से होता है (The News Minute)।

Location

How to Reach चेंगन्नूर महादेव मंदिर

मंदिर आलप्पुझा ज़िले में चेंगन्नूर रेलवे स्टेशन के पास और तिरुवल्ला से लगभग 5 km दक्षिण में है (Kerala Tourism)। Outlook Traveller के अनुसार यह MC रोड (मेन सेंट्रल रोड) पर स्थित है (Outlook Traveller)।

Location: Kerala, India

Nearest railway station: चेंगन्नूर

Questions

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चेंगन्नूर महादेव मंदिर: Frequently Asked Questions

चेंगन्नूर महादेव मंदिर कहाँ है?

यह केरल के आलप्पुझा ज़िले के चेंगन्नूर में, चेंगन्नूर रेलवे स्टेशन के पास और तिरुवल्ला से लगभग 5 km दक्षिण में स्थित है (Kerala Tourism)।

यहाँ किन देवताओं की पूजा होती है?

शिव और पार्वती एक ही गर्भगृह में विराजमान हैं (Kerala Tourism; Outlook Traveller)। शिव का मंदिर पूर्वमुखी है और देवी का मंदिर पश्चिममुखी (Kerala Tourism)।

तृप्पुत्तारट्टु क्या है?

यह मंदिर का मुख्य उत्सव है, जो देवी पार्वती के रजस्वला होने से जुड़ा है और देवी के वस्त्र पर चिह्न दिखाई देने पर चार दिनों तक मनाया जाता है (Kerala Tourism; The News Minute)। चौथे दिन मूर्ति को अनुष्ठानिक स्नान के लिए पंपा नदी ले जाया जाता है (The News Minute)।

मंदिर का निर्माण किसने किया?

परंपरा इसके रूपांकन का श्रेय केरल के पौराणिक महान शिल्पी पेरुन्तच्चन को देती है (Kerala Tourism; Alappuzha District Administration; The News Minute)।

मंदिर कितना पुराना है?

विवरण अलग-अलग हैं: Kerala Tourism इसे 1,500 वर्ष से अधिक पुराना बताता है, जबकि The News Minute इसे ईस्वी 300 का बताता है (Kerala Tourism; The News Minute)। 18वीं शताब्दी में आग से इसे क्षति पहुँची और फिर इसका पुनर्निर्माण हुआ (Alappuzha District Administration; Kerala Tourism)।

कूत्तम्बलम की क्या विशेषता है?

कहा जाता है कि मूल मंदिर-नाट्यशाला इस तरह बनाई गई थी कि कलाकार की छाया मंच पर न पड़े, लेकिन 18वीं शताब्दी की आग के बाद उसे उस रूपांकन में पुनः नहीं बनाया जा सका (Kerala Tourism; Alappuzha District Administration)।

देवी की मूर्ति किससे बनी है?

यह पंचलोहम, यानी पाँच धातुओं की मिश्रधातु से बनी है (Kerala Tourism)।