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अंजनेय स्वामी मंदिर

हनुमान temple · Andhra Pradesh, India

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श्री वीरांजनेय स्वामी मंदिर, जिसे लोकप्रिय रूप से गंडी क्षेत्रम कहा जाता है, आंध्र प्रदेश के कडपा ज़िले के चक्रायपेट मंडल में स्थित हनुमान जी का मंदिर है (Deccan Chronicle; The Hans India)। यह पापाघ्नी नदी के पश्चिमी तट पर एक पहाड़ी की तलहटी में है, जहाँ नदी दो पहाड़ियों के बीच के दर्रे से उत्तर की ओर बहती है। ज़िला प्रशासन इस स्थान को वायु क्षेत्र बताता है — अर्थात् आंजनेय के पिता वायु देव से जुड़ा स्थान (YSR कडपा ज़िला प्रशासन)।

मंदिर वेम्पल्ली–रायचोटी मार्ग पर वेम्पल्ली से लगभग 8 किमी और कडपा शहर से लगभग 55 किमी दूर है (YSR कडपा ज़िला प्रशासन)। श्रावण मास में यहाँ भारी भीड़ उमड़ती है (YSR कडपा ज़िला प्रशासन; Deccan Chronicle)।

Faith & Tradition

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Religious Significance of अंजनेय स्वामी मंदिर

स्थानीय परंपरा के अनुसार, लंका से लौटते हुए श्रीराम इस घाटी में रुके, उनके स्वागत के लिए वायु देव ने घाटी के आर-पार स्वर्ण पुष्पों की माला टाँगी, और आगे बढ़ने से पहले श्रीराम ने एक शिला पर आंजनेय की आकृति अंकित की (YSR कडपा ज़िला प्रशासन)। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यह स्वर्ण माला पुण्यात्मा लोगों को उनकी मृत्यु निकट आने पर दिखाई देती है, और ज़िला प्रशासन के विवरण में यह भी जोड़ा गया है कि कहा जाता है, ब्रिटिश गवर्नर सर थॉमस मुनरो (Sir Thomas Munro) ने घाटी से गुज़रते समय इसे देखा था (YSR कडपा ज़िला प्रशासन)।

यह नाम स्थान की बनावट को दर्शाता है: तेलुगु में 'गंडी' के मूल शब्द का अर्थ है बहती नदी वाली एक संकरी घाटी (The Hans India)। 2019 की एक रिपोर्ट के अनुसार प्रतिदिन लगभग 2,000 श्रद्धालु आते थे (The Hans India)। अगस्त 2026 में मंदिर अधिकारियों ने अनुमान लगाया कि श्रावण के एक ही शनिवार को लगभग 30,000 श्रद्धालु दर्शन के लिए आए (Deccan Chronicle)।

Heritage

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History of अंजनेय स्वामी मंदिर

The Hans India मंदिर के निर्माण और इसे प्रसिद्धि दिलाने का श्रेय एक माध्व आचार्य को देता है, जिनका नाम उसकी रिपोर्ट में स्वामी व्यास चार्युलु बताया गया है (The Hans India)। उसी रिपोर्ट में दिए एक पारंपरिक विवरण के अनुसार, जब एक शिल्पी आंजनेय की प्रतिमा पूरी कर रहा था, तब बाएँ हाथ की छोटी उंगली टूट गई और उससे रक्त बहने लगा, जिसे देवता की इच्छा का संकेत माना गया (The Hans India)। ये विवरण मंदिर की परंपरा का हिस्सा हैं; यहाँ प्रयुक्त स्रोतों में स्थापना से संबंधित कोई दिनांकित शिलालेख नहीं मिला।

कहा जाता है कि गर्भगृह के चारों ओर का पत्थर का प्राकार 1911 में तिरुपति शेषन्ना नामक व्यक्ति ने बनवाया था (YSR कडपा ज़िला प्रशासन)।

2019 में, तीर्थयात्रियों के लिए बेहतर सुविधाओं की माँग वाले अभ्यावेदनों के बाद, राज्य सरकार ने तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) को आदेश दिया कि वह यह मंदिर, इसकी संपत्तियों, आभूषणों और कर्मचारियों सहित, बंदोबस्ती विभाग से अपने अधिकार में ले (The Hans India)। वोंटिमिट्टा के कोदंडराम मंदिर के बाद यह कडपा ज़िले का दूसरा मंदिर था जिसे TTD को सौंपा गया (The Hans India)।

बाद में मंदिर का पुनर्विकास 28.05 करोड़ रुपये की लागत से किया गया, और 8 से 13 मई 2026 तक छह दिवसीय महा कुंभाभिषेकम संपन्न हुआ (Deccan Chronicle)।

Architecture and sacred features

मंदिर पापाघ्नी घाटी के किनारे एक पहाड़ी की तलहटी में स्थित है, और गर्भगृह के चारों ओर पत्थर का प्राकार है (YSR कडपा ज़िला प्रशासन)। 2026 के पुनर्विकास में सुविधाओं का उन्नयन किया गया और श्रद्धालुओं के लिए परिसर की व्यवस्था बेहतर बनाई गई (Deccan Chronicle)।

Plan Your Visit

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Darshan and Visitor Information

श्रावण के सप्ताहांतों में बहुत अधिक भीड़ होती है, इसलिए उन दिनों कतारों के लिए तैयार रहें (Deccan Chronicle)। यात्रा से पहले वर्तमान दर्शन व्यवस्था और समय की पुष्टि मंदिर प्रशासन या YSR कडपा ज़िला प्रशासन से कर लें।

Timings and arrangements change with seasons and festivals. Confirm current details with the temple administration before travelling. Last reviewed 11 October 2026.

Sacred Calendar

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Festivals at अंजनेय स्वामी मंदिर

श्रावण (जुलाई–अगस्त)

श्रावण मास उत्सव

श्रावण में दूर-दूर से श्रद्धालु इस मंदिर में आते हैं (YSR कडपा ज़िला प्रशासन)। इस मास के शनिवारों को सबसे अधिक भीड़ होती है; 2026 में एक शनिवार को लगभग 30,000 श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाया गया (Deccan Chronicle)।

वैशाख (2026 में मई)

हनुमान जयंती

2026 में मंदिर के पुनर्विकास के बाद हुए महा कुंभाभिषेकम के अंतर्गत, मुख्य प्रतिमा का सहस्र कलशाभिषेकम 12 मई को हनुमान जयंती के दिन हुआ (Deccan Chronicle)।

Location

How to Reach अंजनेय स्वामी मंदिर

YSR कडपा ज़िला प्रशासन के अनुसार, मंदिर वेम्पल्ली से रायचोटी जाने वाली सड़क पर वेम्पल्ली से लगभग 8 किमी और कडपा शहर से लगभग 55 किमी दूर है (YSR कडपा ज़िला प्रशासन)। श्रावण के दौरान APSRTC के कडपा क्षेत्र ने गंडी के लिए विशेष बसें चलाई हैं (Deccan Chronicle)।

Location: Andhra Pradesh, India

Questions

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अंजनेय स्वामी मंदिर: Frequently Asked Questions

गंडी वीरांजनेय स्वामी मंदिर कहाँ है?

यह आंध्र प्रदेश के कडपा ज़िले के चक्रायपेट मंडल के वीरन्ना गट्टु पल्ली गाँव में, गंडी में स्थित है (The Hans India)। यह पापाघ्नी नदी के पश्चिमी तट पर, वेम्पल्ली से लगभग 8 किमी दूर है (YSR कडपा ज़िला प्रशासन)।

गंडी क्षेत्रम की कथा क्या है?

परंपरा के अनुसार, लंका से लौटते समय श्रीराम इस घाटी से होकर गुज़रे, उनके स्वागत के लिए वायु देव ने घाटी के आर-पार एक स्वर्ण माला टाँगी, और आगे बढ़ने से पहले श्रीराम ने एक शिला पर आंजनेय की आकृति अंकित की (YSR कडपा ज़िला प्रशासन)।

गंडी को वायु क्षेत्र क्यों कहा जाता है?

ज़िला प्रशासन इसे वायु क्षेत्र कहता है, क्योंकि परंपरा में इसका संबंध आंजनेय के पिता वायु देव से है, जिनके बारे में कहा जाता है कि उन्होंने श्रीराम के लिए इस घाटी को सजाया था (YSR कडपा ज़िला प्रशासन)।

दर्शन के लिए सबसे अधिक भीड़ कब होती है?

श्रावण मास यहाँ का मुख्य मौसम है; अगस्त 2026 में एक शनिवार को मंदिर अधिकारियों ने लगभग 30,000 श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाया (Deccan Chronicle)।

मंदिर का प्रबंधन कौन करता है?

2019 में राज्य सरकार ने TTD को यह मंदिर बंदोबस्ती (एंडोमेंट्स) विभाग से अपने अधिकार में लेने का आदेश दिया था (The Hans India)। वर्तमान व्यवस्था की पुष्टि स्थानीय स्तर पर करें, क्योंकि यहाँ प्रयुक्त स्रोत 2019 के बाद की स्थिति की पुष्टि नहीं करते।

क्या हाल में मंदिर का जीर्णोद्धार हुआ है?

हाँ। इसका पुनर्विकास 28.05 करोड़ रुपये की लागत से किया गया, और 8 से 13 मई 2026 तक महा कुंभाभिषेकम संपन्न हुआ (Deccan Chronicle)।

कडपा से गंडी कैसे पहुँचें?

गंडी कडपा शहर से वेम्पल्ली होते हुए लगभग 55 किमी दूर है, वेम्पल्ली–रायचोटी मार्ग पर (YSR कडपा ज़िला प्रशासन)। श्रावण के दौरान APSRTC ने गंडी के लिए विशेष बसें चलाई हैं (Deccan Chronicle)।