हनुमान चालीसा हिंदू परंपरा के सर्वाधिक प्रिय भक्ति-स्तोत्रों में से एक है। गोस्वामी तुलसीदास द्वारा अवधी में रचित यह 40 चौपाइयों (चालीसा = चालीस) का स्तोत्र हनुमान जी के बल, भक्ति एवं गुणों की स्तुति करता है। NRI सहित करोड़ों भक्त बल, साहस, रक्षा एवं शांति हेतु इसे प्रतिदिन पढ़ते हैं।

हनुमान चालीसा क्या है?

यह हनुमान जी की महिमा, श्रीराम-भक्ति एवं भय-विघ्न निवारण-शक्ति का वर्णन करने वाला 40 चौपाइयों का स्तोत्र है (आरंभिक दोहों सहित)। हिंदू जगत् में सर्वाधिक पढ़े जाने वाले स्तोत्रों में से एक।

नित्य पाठ के लाभ

  • भय एवं चिंता दूर कर मानसिक बल एवं साहस देता है
  • नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा का विश्वास
  • कार्य, अध्ययन एवं जीवन की बाधाओं को दूर करने में सहायक
  • भक्ति गहरी करता है
  • मन को शांति देता है
  • यात्रा से पूर्व साहस एवं रक्षा हेतु अनेक लोग पढ़ते हैं

ये पारंपरिक भक्ति-विश्वास हैं; परिणाम निश्चित नहीं, श्रद्धा प्रमुख है।

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NRI को क्यों सहायक

दूर देश में रहते हुए अनेक NRI कार्य-दबाव में शांति हेतु, जड़ों से जुड़ाव हेतु एवं कठिन समय में बल-रक्षा हेतु हनुमान चालीसा पढ़ते हैं।

पाठ का सर्वोत्तम समय

  • प्रातःकाल — शांत, सकारात्मक आरंभ हेतु।
  • सोने से पूर्व — मन शांत कर भय दूर करने हेतु।
  • मंगलवार एवं शनिवार — हनुमान जी हेतु विशेष शुभ।
  • कठिन क्षणों में — तत्काल साहस हेतु।

कैसे पाठ करें

  1. स्वच्छ, शांत स्थान पर बैठें; यथासंभव पूर्व/उत्तर मुख।
  2. दीप एवं धूप जलाएँ।
  3. श्रद्धा एवं ध्यान से हनुमान चालीसा पढ़ें।
  4. एक, तीन या सात बार पाठ करें।
  5. पाठ करते समय अर्थ मन में रखें।

स्त्री, पुरुष, बालक, वृद्ध — कोई भी हनुमान चालीसा पढ़ सकता है; बच्चे सरलता से सीख लेते हैं।