नवरात्रि आरती लिरिक्स हिंदी और अंग्रेज़ी में – NRI परिवारों के लिए 2026 विशेष संग्रह
नवरात्रि आरती संग्रह — हिंदी और अंग्रेज़ी | दुनिया भर के हिंदू परिवारों के लिए संपूर्ण भक्ति मार्गदर्शिका | जय अम्बे गौरी, जय आद्य शक्ति और भी बहुत कुछ | स्रोत: पारंपरिक भजनों से प्रेरित…

नवरात्रि आरती संग्रह — हिंदी और अंग्रेज़ी | दुनिया भर के हिंदू परिवारों के लिए संपूर्ण भक्ति मार्गदर्शिका | जय अम्बे गौरी, जय आद्य शक्ति और भी बहुत कुछ | स्रोत: पारंपरिक भजनों से प्रेरित…
नवरात्रि आरती संग्रह — हिंदी और अंग्रेज़ी दुनिया भर के हिंदू परिवारों के लिए संपूर्ण भक्ति मार्गदर्शिका | जय अम्बे गौरी, जय आद्य शक्ति और भी बहुत कुछ
स्रोत: पारंपरिक भजनों से प्रेरित | दुनिया भर के NRI परिवारों के लिए
[image: 📖] नवरात्रि क्या है? | नवरात्रि का अर्थ और महत्व नवरात्रि, जिसका अर्थ है “नौ रातें”, दिव्य स्त्री शक्ति को समर्पित सबसे आनंदमय और शक्तिशाली हिंदू त्योहारों में से एक है — माँ दुर्गा (शक्ति)। यह बुराई पर अच्छाई की विजय का उत्सव है और देवी दुर्गा के नौ पावन स्वरूपों का सम्मान करता है, जिन्हें नव दुर्गा कहा जाता है।
भारत से दूर रहने वाले NRI परिवारों के लिए नवरात्रि घर जैसी आत्मीयता लेकर आती है — व्रत, रंग-बिरंगी गरबा और डांडिया रातों, पारिवारिक मिलन, मंदिर दर्शन और भावपूर्ण आरतियों के माध्यम से। सबसे अधिक मनाई जाने वाली शारदीय नवरात्रि है, जो शरद ऋतु में (आमतौर पर सितंबर–अक्टूबर में) आती है।
नवरात्रि 2026 की तिथियाँ (शारदीय):
- आरंभ: रविवार, 11 अक्टूबर 2026 (घटस्थापना)
- समापन: सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 (विजयादशमी / दशहरा)
नौ रातों में से प्रत्येक रात माँ दुर्गा के एक विशेष स्वरूप को समर्पित है। भक्त शक्ति, सुरक्षा, समृद्धि और आंतरिक शांति के लिए माँ का आशीर्वाद पाने हेतु सुबह और शाम आरती करते हैं — विदेश में रहते हुए यह और भी अर्थपूर्ण हो जाता है।
[image: 🔱] माँ दुर्गा की पावन कथा बहुत समय पहले, असुरराज महिषासुर को वरदान मिला था कि कोई भी पुरुष या देवता उसे पराजित नहीं कर सकेगा। उसने स्वर्ग और पृथ्वी पर आतंक मचा दिया। असहाय देवताओं ने मिलकर परम शक्ति से प्रार्थना की। उनकी संयुक्त दिव्य ऊर्जा से प्रकट हुईं माँ दुर्गा — दस भुजाओं वाली तेजस्वी देवी, सिंह पर विराजमान, सभी देवताओं द्वारा दिए गए अस्त्र-शस्त्र धारण किए हुए।
नौ दिन और नौ रात उन्होंने महिषासुर और उसकी सेना से युद्ध किया। दसवें दिन (विजयादशमी) उन्होंने असुर का वध किया और धर्म व शांति की पुनः स्थापना की। यह शाश्वत कथा हमें याद दिलाती है कि हर भक्त के भीतर विराजमान दिव्य माँ भीतरी और बाहरी चुनौतियों पर विजय पाने में सहायता करती हैं — यह संदेश अपनी जड़ों से दूर जीवन के संघर्षों का सामना कर रहे NRI परिवारों के मन को गहराई से छूता है।
[image: 🌸] नव दुर्गा – माँ के नौ पावन स्वरूप (प्रत्येक दिन एक स्वरूप को समर्पित है – कई NRI परिवार वस्त्रों और सजावट के लिए दिन के रंग का पालन करते हैं)
[image: 🪔] जय अम्बे गौरी – नवरात्रि की प्रमुख आरती (दुनिया भर के मंदिरों और घरों में गाई जाने वाली सबसे लोकप्रिय आरती)
॥ टेक ॥ हिंदी: जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। अंग्रेज़ी अर्थ: माँ अम्बे गौरी की जय, श्यामा गौरी की जय!
तुमको निशिदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥ हरि, ब्रह्मा और शिव दिन-रात आपका ध्यान करते हैं।
॥ पद 1 ॥ माँग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को। उज्ज्वल से दोउ नैना, चंद्रवदन नीको॥ आपकी माँग में सिंदूर सुशोभित है, कस्तूरी का तिलक चमक रहा है; आपके नेत्र उज्ज्वल हैं और चंद्रमा जैसा मुख अति सुंदर है।
॥ पद 2 ॥ कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजे। रक्तपुष्प गल माला, कंठन पर साजे॥ आपका स्वर्ण-सा शरीर लाल वस्त्रों में दमकता है; गले में लाल फूलों की माला शोभा पाती है।
॥ पद 3 ॥ केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्परधारी। सुर-नर-मुनि-जन सेवत, तिनके दुखहारी॥ आप सिंह पर सवार हैं, खड्ग और खप्पर धारण किए हुए; देवता, मनुष्य और ऋषि-मुनि आपकी सेवा करते हैं — आप दुखों को हरने वाली हैं।
(शेष पद पारंपरिक गायन के अनुसार जारी रखें — पूरी आरती कई NRI मंदिरों की पुस्तिकाओं या ऐप्स में उपलब्ध है।)
समापन: जो भी ध्यान लगावे, मन में श्रद्धा धारे। माँ अम्बे की कृपा से, सब दुख दूर हों सारे॥ जो भी श्रद्धा से ध्यान करता है — माँ अम्बे की कृपा से उसके सारे दुख दूर हो जाते हैं।
[image: 🪔] जय आद्य शक्ति – लोकप्रिय गुजराती शैली की नवरात्रि आरती (विशेष रूप से UK, USA, कनाडा और पूर्वी अफ्रीका के गुजराती NRI समुदायों में अत्यंत प्रिय)
॥ टेक ॥ जय आद्य शक्ति, माँ जय आद्य शक्ति। हे माँ, आदि शक्ति की जय हो!
अखंड ब्रह्माण्ड दीपक ज्योत जगावे॥ आपकी अखंड ज्योति समूचे ब्रह्माण्ड को आलोकित करती है।
॥ पद 1 ॥ एकवीरा, त्रिपुरा, महिषासुर मर्दिनी। सिंह वाहिनी, भवानी, जगत जननी माँ॥ हे अद्वितीय वीरांगना, त्रिपुरा, महिषासुर का संहार करने वाली — सिंहवाहिनी, भवानी, जगत की जननी माँ।
(आगे के पदों में माँ की महालक्ष्मी, सरस्वती और ब्रह्माण्ड की रक्षिका के रूप में स्तुति की गई है।)
[image: 🕉️] महिषासुर मर्दिनी स्तोत्रम् – पावन स्तुति (अयि गिरिनन्दिनि – नवरात्रि में गाया जाने वाला शक्तिशाली लयबद्ध स्तोत्र)
॥ टेक ॥ जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते॥ महिषासुर का संहार करने वाली, सुंदर केशों वाली पर्वतराज की पुत्री की जय हो!
प्रथम श्लोक: अयि गिरिनन्दिनि नन्दितमेदिनि विश्वविनोदिनि नन्दनुते। हे पर्वतराज की पुत्री, जो पृथ्वी और समूचे विश्व को आनंदित करती हैं…
(कुछ पंक्तियों का जप भी अपार शांति और सुरक्षा देता है। कई NRI परिवार गरबा की रातों में शंकर महादेवन या अन्य कलाकारों की रिकॉर्डिंग बजाते हैं।)
[image: ⏰] नवरात्रि 2026 में आरती का समय (सामान्य – अपने स्थानीय टाइम ज़ोन के अनुसार बदलें)
- सुबह की आरती: सूर्योदय / 6:00–7:30 AM
- शाम की आरती: सूर्यास्त / 6:30–8:00 PM
[image: 🪔] NRI परिवार घर पर नवरात्रि आरती कैसे करें
- माँ दुर्गा के चित्र या प्रतिमा के साथ एक छोटी वेदी सजाएँ।
- घी का दीपक (दीया) और अगरबत्ती जलाएँ।
- संभव हो तो उस दिन के रंग के वस्त्र पहनें।
- आरती की थाली को धीरे-धीरे घुमाते हुए आरती गाएँ।
- प्रसाद (फल, मिठाई, नारियल) अर्पित करें।
- अष्टमी/नवमी पर कन्या पूजन करें (छोटी कन्याओं की नव दुर्गा के रूप में पूजा) — छोटे NRI परिवारों में भी यह एक सुंदर परंपरा है।
✦ NRI परिवारों के लिए आध्यात्मिक संदेश भारत से दूरी हमें शारीरिक रूप से अलग कर सकती है, परंतु नवरात्रि की आरती हर हृदय को माँ दुर्गा से जोड़ती है। वे ही वह आंतरिक शक्ति हैं जो विदेश में चुनौतियों का सामना करने में हमारी सहायता करती हैं — चाहे करियर हो, परिवार हो या अपनी संस्कृति को सहेजना।
या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
✦ जय माँ दुर्गा ✦ शुभ नवरात्रि 2026 ✦ माँ दुर्गा सभी NRI परिवारों को स्वास्थ्य, समृद्धि और खुशियों का आशीर्वाद दें।
अधिक भक्ति सामग्री (आरती, चालीसा, भजन, कथा और लाइव गरबा स्ट्रीम) के लिए देखें www.hindutone.com
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नवरात्रि 2026 कब है और कौन-सी आरती सबसे लोकप्रिय है?
शारदीय नवरात्रि 2026 रविवार, 11 अक्टूबर (घटस्थापना) से आरंभ होकर सोमवार, 19 अक्टूबर को विजयादशमी के साथ समाप्त होगी। जय अम्बे गौरी सबसे लोकप्रिय आरती है, जो दुनिया भर के मंदिरों और घरों में गाई जाती है।
नवरात्रि आरती का समय क्या है?
सुबह की आरती सूर्योदय के आसपास या 6:00-7:30 AM के बीच होती है, और शाम की आरती सूर्यास्त के आसपास या 6:30-8:00 PM के बीच। इन्हें अपने स्थानीय टाइम ज़ोन के अनुसार समायोजित करें।
NRI परिवार घर पर नवरात्रि आरती कैसे कर सकते हैं?
माँ दुर्गा के चित्र या प्रतिमा के साथ एक छोटी वेदी सजाएँ, घी का दीपक और अगरबत्ती जलाएँ, और थाली को धीरे-धीरे घुमाते हुए आरती गाएँ। अंत में फल, मिठाई और नारियल जैसा प्रसाद अर्पित करें।
विदेश में गुजराती समुदायों में कौन-सी आरती प्रिय है?
जय आद्य शक्ति लोकप्रिय गुजराती शैली की नवरात्रि आरती है, जो विशेष रूप से UK, USA, कनाडा और पूर्वी अफ्रीका के गुजराती NRI समुदायों में बहुत प्रिय है।
महिषासुर मर्दिनी स्तोत्रम् क्या है और इसे कब गाया जाता है?
यह अयि गिरिनन्दिनि स्तुति है — महिषासुर का संहार करने वाली माँ दुर्गा का एक लयबद्ध स्तोत्र, जो नवरात्रि में गाया जाता है। कई NRI परिवार गरबा की रातों में इसकी रिकॉर्डिंग बजाते हैं।
कन्या पूजन क्या है और यह कब किया जाता है?
कन्या पूजन में छोटी कन्याओं की नव दुर्गा के रूप में पूजा की जाती है, जो अष्टमी या नवमी को किया जाता है। छोटे NRI परिवारों में भी यह एक प्रिय परंपरा है।




