परिचय: दीपावली की शुभ शुरुआत – धनतेरस 2026

धनतेरस, जिसे धनत्रयोदशी या धन्वंतरि त्रयोदशी भी कहा जाता है, भव्य दीपावली उत्सव का पहला दिन है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि (13वीं चंद्र तिथि) को पड़ने वाला यह पर्व धन, आरोग्य और समृद्धि के आवाहन को समर्पित है। इस दिन भक्त माँ लक्ष्मी (धन की देवी) और भगवान कुबेर (देवताओं के कोषाध्यक्ष) की पूजा करते हैं, साथ ही भगवान धन्वंतरि का भी सम्मान करते हैं — वे दिव्य वैद्य जो समुद्र मंथन के समय अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे।

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2026 में धनतेरस शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को है। यह दिन पाँच दिवसीय दीपावली पर्व के आरंभ का संकेत है, जिसका शिखर दीपावली पर लक्ष्मी पूजा (8 नवंबर 2026, जो बंगाल में काली पूजा के आसपास ही पड़ती है) है। इस पर्व का नाम "धन" और "तेरस" (तेरहवीं तिथि) से बना है, जो समृद्धि के आगमन का प्रतीक है।

दुनिया भर के हिंदुओं के लिए, विशेषकर अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में, धनतेरस का विशेष महत्व है। यह आध्यात्मिक भक्ति को सोना, चाँदी या नए बर्तन खरीदने जैसे व्यावहारिक आर्थिक निर्णयों से जोड़ता है। प्रवासी समुदाय में यह एक सांस्कृतिक आधार बनता है, जो परिवारों को स्थानीय जीवनशैली, टाइम ज़ोन और बाज़ारों के अनुसार ढलते हुए भी अपनी परंपराएँ बनाए रखने में मदद करता है। बहुत से लोग इस दिन सोने को दीर्घकालिक संपत्ति के रूप में खरीदते हैं — आस्था और आर्थिक समझदारी दोनों को साथ लेकर।

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www.hindutone.com की यह विस्तृत मार्गदर्शिका धनतेरस की पूरी कथा, अनुष्ठान, सटीक मुहूर्त (शुभ समय), सोना खरीदने के सर्वोत्तम तरीके और प्रवासी समुदायों के लिए विशेष सुझाव प्रस्तुत करती है। इसका उद्देश्य गहन जानकारी देना है, ताकि भक्त श्रद्धा और विवेक के साथ यह पर्व मना सकें।

धनतेरस की संपूर्ण पौराणिक कथा

धनतेरस की कथाएँ प्राचीन पुराणों में निहित हैं और बुराई पर अच्छाई, रोग पर आरोग्य तथा अभाव पर समृद्धि की विजय का प्रतीक हैं।

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  1. भगवान धन्वंतरि की कथा: समुद्र मंथन के समय, जब देवताओं और असुरों ने अमृत के लिए क्षीरसागर का मंथन किया, तब अनेक दिव्य रत्न प्रकट हुए। त्रयोदशी के दिन भगवान धन्वंतरि — भगवान विष्णु के अवतार और आयुर्वेद के देवता — अमृत कलश, पवित्र औषधियों और चिकित्सा ज्ञान के साथ प्रकट हुए। इसी कारण धनतेरस को आरोग्य और दीर्घायु से जोड़ा जाता है। इस दिन औषधियाँ, जड़ी-बूटियाँ या रसोई के बर्तन खरीदना भी कल्याण का प्रतीक मानकर शुभ माना जाता है।
  2. राजा हिम और उनके पुत्र की कथा: एक प्रचलित लोककथा के अनुसार, एक युवा राजकुमार की कुंडली में विवाह के चौथे दिन सर्पदंश से मृत्यु का योग था। उसकी बुद्धिमान पत्नी ने त्रयोदशी की रात पूरे घर को दीपों, सोने, चाँदी और रत्नों से सजा दिया। वह गीत गाकर और कहानियाँ सुनाकर अपने पति को रातभर जगाती रही। जब यमराज (मृत्यु के देवता) सर्प के रूप में आए, तो दीपों और धन की चकाचौंध से उनकी आँखें चौंधिया गईं और वे भीतर प्रवेश न कर सके। राजकुमार के प्राण बच गए। यह कथा दुर्भाग्य को दूर रखने और समृद्धि को आमंत्रित करने के लिए दीप जलाने (यम दीपम) और धन के प्रतीक खरीदने के महत्व को रेखांकित करती है।
  3. माँ लक्ष्मी और भगवान कुबेर: धनतेरस पर लक्ष्मी और कुबेर की एक साथ पूजा की जाती है। मान्यता है कि माँ लक्ष्मी स्वच्छ और प्रकाशित घरों में पधारकर सौभाग्य लाती हैं। निधियों के रक्षक कुबेर उन लोगों को आशीर्वाद देते हैं जो धन का जिम्मेदारी से सम्मान करते हैं।

ये कथाएँ सिखाती हैं कि सच्चा धन केवल भौतिक संपत्ति नहीं, बल्कि आरोग्य, ज्ञान और धर्मपूर्ण जीवन भी है। धनतेरस पर सोना खरीदना केवल अंधविश्वास नहीं, बल्कि लक्ष्मी जी की कृपा का स्वागत करने और समृद्धि के लिए कृतज्ञता व्यक्त करने का प्रतीकात्मक कार्य है।

धनतेरस का महत्व

  • आरोग्य और दीर्घायु: धन्वंतरि की पूजा शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देती है।
  • धन-सृजन: मान्यता है कि सोना, चाँदी या नई वस्तुएँ खरीदने से पूरे वर्ष समृद्धि बढ़ती है।
  • नकारात्मकता का निवारण: दीप जलाने से अंधकार और मृत्यु या हानि का भय दूर होता है।
  • नई शुरुआत: इसी दिन से दीपावली की तैयारियाँ, घर की सफाई (जो आंतरिक शुद्धि का प्रतीक है) और आने वाले वर्ष के लिए संकल्प शुरू होते हैं।

आधुनिक समय में, विशेषकर प्रवासी हिंदुओं के बीच, यह सोच-समझकर निवेश करने का दिन बन गया है। सोना आज भी महँगाई के विरुद्ध भरोसेमंद सुरक्षा और पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलने वाली सांस्कृतिक विरासत है।

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धनतेरस 2026: सटीक तिथि, तिथि-समय और प्रमुख मुहूर्त

तिथि: शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 त्रयोदशी तिथि आरंभ: 6 नवंबर 2026 को 10:30 AM (IST, द्रिक पंचांग) त्रयोदशी तिथि समाप्त: 7 नवंबर 2026 को 10:47 AM

पूजा मुहूर्त (लक्ष्मी-कुबेर पूजा का सबसे शुभ समय):

  • मुख्य रूप से प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद का गोधूलि समय) में, जब वृषभ लग्न प्रबल हो।
  • नई दिल्ली (द्रिक पंचांग): प्रदोष काल शाम 5:33 PM से 8:09 PM तक, जिसमें सर्वश्रेष्ठ वृषभ काल 6:02 PM से 7:57 PM तक (1 घंटा 56 मिनट)। मुंबई: 6:36 PM से 8:34 PM तक।

यम दीपम: यम के प्रभाव को दूर रखने और परिवारजनों के कल्याण की प्रार्थना के लिए शाम को दक्षिण दिशा में दीपक जलाएँ।

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धनतेरस 2026 पर सोना-चाँदी खरीदने का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त:

कीमती धातुएँ खरीदने के लिए सबसे अनुशंसित समय प्रदोष काल है, जब यह शुभ लग्नों के साथ मेल खाता है (आर्थिक कार्यों के लिए वृषभ काल आदर्श माना जाता है)।

  • प्रमुख शुभ समय (नई दिल्ली): 6 नवंबर की शाम, 5:33 PM से 8:09 PM (प्रदोष), जिसमें वृषभ काल 6:02 PM से 7:57 PM सबसे श्रेष्ठ अवधि है। कुछ विस्तारित संदर्भों के अनुसार चल रही त्रयोदशी के प्रभाव में 7 नवंबर की भोर तक भी खरीदारी की जा सकती है।
  • श्रद्धा के साथ किया जाए तो पूरी त्रयोदशी तिथि में सोना खरीदना अत्यंत फलदायी माना जाता है, किंतु शाम के प्रदोष काल में आध्यात्मिक शक्ति सर्वाधिक होती है।

समय के बारे में महत्वपूर्ण सूचना: सूर्योदय/सूर्यास्त में अंतर के कारण मुहूर्त हर स्थान के लिए अलग होते हैं। 2026 के सटीक स्थानीय समय के लिए हमेशा किसी विश्वसनीय पंचांग ऐप (जैसे द्रिक पंचांग) में अपना शहर चुनकर देखें। उदाहरण के लिए:

  • न्यूयॉर्क (New York) / अमेरिका का ईस्ट कोस्ट: EST/EDT के अनुसार समायोजन करें — पूजा और खरीदारी का समय स्थानीय दोपहर/शाम में खिसक जाता है।
  • लंदन (London) / ब्रिटेन: GMT/BST समायोजन के कारण शाम का मुहूर्त सामान्यतः काम के बाद के समय से मेल खाता है।
  • टोरंटो (Toronto) / कनाडा: अमेरिका के ईस्ट कोस्ट के समान।
  • सिडनी (Sydney) / मेलबर्न (Melbourne), ऑस्ट्रेलिया: समय के अंतर के कारण शाम का समय सुविधाजनक रूप से पड़ सकता है।

प्रवासियों के लिए सुझाव: कई भारतीय ज्वेलर्स और ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म (अंतरराष्ट्रीय शिपिंग या स्थानीय स्टोर के साथ) "धनतेरस स्पेशल" ऑफ़र देते हैं। अधिकतम शुभता के लिए अपने स्थानीय प्रदोष काल में ही खरीदारी की योजना बनाएँ।

धनतेरस की संपूर्ण पूजा विधि और अनुष्ठान

तैयारी:

  • घर की, विशेषकर पूजा स्थान और प्रवेश द्वार की, अच्छी तरह सफाई करें।
  • रंगोली, फूलों और दीपों से सजावट करें।
  • सामग्री एकत्र करें: लक्ष्मी और कुबेर की मूर्ति/चित्र, आशीर्वाद के लिए सोने/चाँदी की वस्तुएँ, नए बर्तन, मिठाई, फल, धूप, दीये और यम दीपम के लिए एक छोटा दीपक।

चरण-दर-चरण पूजा:

  1. स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें।
  2. शाम को प्रदोष काल में उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके पूजा वेदी सजाएँ।
  3. कलश स्थापित करें या सीधे लक्ष्मी और कुबेर की पूजा करें।
  4. परिवार की दीर्घायु की प्रार्थना के साथ घर के बाहर या दक्षिण दिशा में यम दीपम जलाएँ: "यह दीपक मेरे प्रियजनों की अकाल मृत्यु से रक्षा करे।"
  5. देवताओं को फूल, धूप, दीप, मिठाई और नए खरीदे गए सोने/चाँदी/बर्तन अर्पित करें।
  6. मंत्र जाप करें:
    • ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः (लक्ष्मी जी के लिए)
    • ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा (कुबेर जी के लिए)
    • लक्ष्मी अष्टकम या सरल स्तोत्रों का पाठ करें।
  7. आरती करें और प्रसाद बाँटें।
  8. खरीदी गई वस्तुओं को आशीर्वाद के लिए रातभर पूजा घर में रखें।

कई परिवार आरोग्य के लिए धन्वंतरि की भी पूजा करते हैं और प्रतीक रूप में जड़ी-बूटियाँ या औषधियाँ अर्पित करते हैं।

धनतेरस 2026 पर क्या खरीदें – पारंपरिक और आधुनिक विकल्प

  • सोना: आभूषण, सिक्के (1g, 2g, 5g या बड़े बार) या गहने। लक्ष्मी जी की पवित्रता और तेज से जुड़ाव के कारण सोने को प्राथमिकता दी जाती है।
  • चाँदी: सिक्के, बर्तन या मूर्तियाँ — अधिक किफ़ायती और उतनी ही शुभ।
  • बर्तन: स्टील, तांबे या पीतल के नए रसोई के बर्तन (दैनिक समृद्धि और आरोग्य के प्रतीक)।
  • अन्य वस्तुएँ: वाहन (प्रतीकात्मक या वास्तविक), इलेक्ट्रॉनिक्स, या कुछ आधुनिक व्याख्याओं में संपत्ति के दस्तावेज़ भी। लोहे या काली वस्तुएँ खरीदने से बचें।

2026 में सोना खरीदने के सर्वश्रेष्ठ सुझाव

  1. सही समय चुनें: प्रदोष/वृषभ काल को प्राथमिकता दें। यदि ठीक उसी समय खरीद न सकें, तो भी त्रयोदशी पर शुद्ध भाव से की गई कोई भी खरीदारी शुभ फल देती है।
  2. गुणवत्ता सबसे पहले: प्रतिष्ठित ज्वेलर्स (जैसे तनिष्क (Tanishq), मालाबार गोल्ड (Malabar Gold) या प्रवासी शहरों के भरोसेमंद स्थानीय स्टोर) से हॉलमार्क वाला BIS 916 या 999 सोना ही खरीदें। प्रामाणिकता प्रमाणपत्र अवश्य जाँचें।
  3. निवेश की दृष्टि से: विविधता के लिए भौतिक सोने के साथ सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड, गोल्ड ETF या डिजिटल गोल्ड पर भी विचार करें। 2026 में आर्थिक कारकों से प्रभावित वैश्विक सोने के भावों पर नज़र रखें।
  4. समझदारी से बजट बनाएँ: ज़रूरत हो तो छोटी शुरुआत करें — शुरुआत करने वालों के लिए 1 ग्राम के सिक्के या सोने की परत वाली वस्तुएँ भी उचित हैं। आवेग में खरीदारी के बजाय लंबे समय तक रखने पर ध्यान दें।
  5. इसे सार्थक बनाएँ: ऐसी वस्तुएँ खरीदें जो अगली पीढ़ी को सौंपी जा सकें। कई प्रवासी परिवार इस दिन बच्चों या नवविवाहितों को सोना उपहार में देते हैं।
  6. राहु काल से बचें: अशुभ समय से दूर रहें (स्थानीय पंचांग देखें)।
  7. पर्यावरण और नैतिकता: जहाँ संभव हो, जिम्मेदारी से प्राप्त सोना चुनें, जो आधुनिक मूल्यों के अनुरूप हो।
  8. ऑनलाइन बनाम ऑफ़लाइन: प्रतिष्ठित प्लेटफ़ॉर्म धनतेरस पर छूट देते हैं। USA/UK/कनाडा/ऑस्ट्रेलिया के प्रवासियों के लिए एडिसन (Edison, NJ), साउथॉल (Southall, London) या ब्रैम्पटन (Brampton, Toronto) जैसे क्षेत्रों के स्थानीय भारतीय ज्वेलर्स अक्सर विशेष आयोजन करते हैं।

अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया के हिंदुओं के लिए विशेष सुझाव

  • टाइम ज़ोन के अनुसार ढलना: भारतीय मुहूर्त को स्थानीय समय में बदलने के लिए ऐप का उपयोग करें। भारत का शाम का प्रदोष काल विदेश में अक्सर सुविधाजनक दोपहर/शाम के समय में पड़ता है।
  • सामुदायिक उत्सव: मंदिर और संस्थाएँ (जैसे BAPS, इस्कॉन (ISKCON) या क्षेत्रीय हिंदू सोसाइटी) सामूहिक पूजा और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करती हैं। बच्चों को इसका महत्व सिखाने के लिए इनमें भाग लें।
  • सामग्री जुटाने की चुनौतियाँ: विश्वसनीय माध्यमों से भारत से सोना मँगवाएँ या स्थानीय प्रमाणित विक्रेताओं से खरीदें। कई स्टोर विस्तारित समय के साथ "धनतेरस मुहूर्त शॉपिंग" की सुविधा देते हैं।
  • परिवार की भागीदारी: पश्चिमी देशों में परंपरा को व्यावहारिकता के साथ जोड़ें — पूजा के साथ पारिवारिक भोज रखें या भारत में रहने वाले रिश्तेदारों से वर्चुअल रूप से आशीर्वाद लें।
  • आर्थिक योजना: इस दिन अपने निवेश की समीक्षा करें, बचत योजना शुरू करें या दान (सेवा) करें, क्योंकि सच्ची समृद्धि में देना भी शामिल है।
  • वीगन/सरलीकृत रूप: कई प्रवासी परिवार स्थानीय परिस्थितियों के कारण पूर्णतः शाकाहारी पूजा करते हैं और प्रतीकात्मक खरीदारी पर ध्यान देते हैं।

आरोग्य, दान और आध्यात्मिक चिंतन

भौतिक खरीदारी से आगे बढ़कर, धन्वंतरि के सम्मान में अस्पतालों या स्वास्थ्य से जुड़े कार्यों के लिए दान करें। अपने घर और मन दोनों को शुद्ध करें — पुरानी आर्थिक गलतियों के लिए स्वयं को क्षमा करें और सकारात्मक संकल्प लें।

धनतेरस हमें याद दिलाता है कि धन धर्म का साधन है, अपने आप में लक्ष्य नहीं। भक्ति को अनुशासित कर्म के साथ जोड़कर ही स्थायी समृद्धि प्राप्त होती है।

निष्कर्ष: श्रद्धा और विवेक के साथ समृद्धि का स्वागत

6 नवंबर 2026 को, जब दुनिया भर के घर दीपों से जगमगाएँगे, आइए हम सोच-समझकर निर्णय लेते हुए लक्ष्मी और कुबेर का आवाहन करें। चाहे सिडनी के किसी स्टोर में सोने का छोटा सिक्का खरीदें, टोरंटो में लाइव स्ट्रीम के माध्यम से पूजा करें, या लंदन के भारतीय बाज़ारों में खरीदारी करें — भावना एक ही है: कृतज्ञता और समृद्ध भविष्य की आशा।

माँ लक्ष्मी आपको आरोग्य, धन और सुख का आशीर्वाद दें। शुभ धनतेरस!

जय लक्ष्मी कुबेर! ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः!


दीपावली 2026 का आशीर्वाद साझा करें

धनतेरस पर हम थोड़ा सोना, चाँदी या कोई नया बर्तन घर लाते हैं, पर सबसे सच्चा खज़ाना है आरोग्य, ज्ञान और कृतज्ञ हृदय। आज शाम जब आप यम दीपम जलाएँ, तो उसकी लौ आपके भीतर वह प्रकाश जगाए जो हर निर्णय में आपका मार्गदर्शन करे। भगवान धन्वंतरि आपके परिवार को कल्याण का आशीर्वाद दें, और जैसे प्रकाश अंधकार पर विजय पाता है, वैसे ही माँ लक्ष्मी की कृपा एक स्वच्छ, उजले घर में वास करे। शाम की पूजा से पहले इनमें से कोई एक आशीर्वाद अपने परिवार के साथ साझा करें।

दीप श्लोक: दीपक की प्रार्थना

शुभं करोति कल्याणम् आरोग्यं धनसम्पदा। शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपज्योतिर्नमोऽस्तु ते॥

Shubham karoti kalyanam arogyam dhana-sampada, shatru-buddhi-vinashaya deepa-jyotir namostu te.

अर्थ: मैं दीपक की उस ज्योति को नमन करता/करती हूँ जो शुभ और कल्याण, आरोग्य और धन-संपदा लाती है तथा शत्रु-बुद्धि का नाश करती है। कई परिवार शाम का दीया जलाते समय इसका पाठ करते हैं।

दीपावली के लिए लक्ष्मी मंत्र

ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः॥

Om Shreem Mahalakshmyai Namah.

अर्थ: महालक्ष्मी को नमस्कार। "श्रीं" वह बीज अक्षर है जो परंपरागत रूप से लक्ष्मी जी से जुड़ा है।

साझा करने के लिए दीपावली 2026 संदेश

🪔 हमारे प्रिय परिवार को शुभ धनतेरस! हमारे घर का सच्चा सोना सदा अच्छा स्वास्थ्य, मीठे वचन और आपसी प्रेम बना रहे। ✨ WhatsApp पर साझा करें

🙏 प्रिय माँ और पापा, आपका आशीर्वाद ही मेरा सबसे बड़ा धन है। इस धनतेरस भगवान धन्वंतरि आपको आरोग्य और लंबी आयु प्रदान करें। 🪔 WhatsApp पर साझा करें

✨ शुभ धनतेरस, मेरे मित्र! यह पर्व आपके लिए सोने से भी अधिक कीमती उपहार लाए: मन की शांति, अच्छा स्वास्थ्य और स्थायी आनंद। 🌸 WhatsApp पर साझा करें

🪔 हमारे सहकर्मियों और ग्राहकों को धनतेरस की हार्दिक शुभकामनाएँ। हमारा साथ भरोसे और ईमानदार परिश्रम पर टिका रहे, और आपके परिवार स्वस्थ व प्रसन्न रहें। ✨ WhatsApp पर साझा करें

🌸 इस धनतेरस माँ लक्ष्मी हर स्वच्छ और दीपों से सजे घर में पधारें, और उसे कृपा, संतोष तथा उदार दान की भावना से भर दें। 🙏🪔 WhatsApp पर साझा करें

🙏 इस धनतेरस भगवान गणेश हर नई शुरुआत को आशीर्वाद दें, बाधाएँ दूर करें और दीपावली 2026 में आपके प्रयासों को विवेक से मार्ग दिखाएँ। 🪔✨ WhatsApp पर साझा करें

दीपावली की एक छोटी प्रार्थना

माँ लक्ष्मी और भगवान गणेश, इस धनतेरस पर मैं कृतज्ञता के साथ आपके सामने दीपक जलाता/जलाती हूँ। मैं जो कुछ भी अपने घर लाऊँ, उसका विनम्रता से स्वागत हो और उसका उपयोग सावधानी से हो। मेरे परिवार को अच्छा स्वास्थ्य और हमारे घर को सामंजस्य का आशीर्वाद दें। ईमानदार और सही प्रयास से समझदारी के साथ कमाने और खर्च करने में मेरा मार्गदर्शन करें। मेरे हृदय को लोभ और भय से मुक्त करें, और आपका प्रकाश ही वह खज़ाना हो जिसे हम सबसे अधिक संजोएँ।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में धनतेरस कब है?

धनतेरस शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को है। द्रिक पंचांग (IST) के अनुसार त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर को 10:30 AM पर आरंभ होकर 7 नवंबर को 10:47 AM पर समाप्त होगी।

धनतेरस 2026 पर सोना खरीदने का सबसे अच्छा समय क्या है?

सबसे अनुशंसित समय प्रदोष काल है, जिसमें वृषभ काल सर्वश्रेष्ठ है। नई दिल्ली के लिए यह शाम 5:33 PM से 8:09 PM तक है, जिसमें वृषभ काल 6:02 PM से 7:57 PM तक रहेगा।

घर पर धनतेरस की पूजा कैसे करें?

घर की सफाई करें, स्नान करें और प्रदोष काल में उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके पूजा वेदी सजाएँ। फूल, धूप, दीप और मिठाई से लक्ष्मी और कुबेर की पूजा करें, मंत्र जाप करें, यम दीपम जलाएँ और आरती करें।

यम दीपम क्या है और इसे कहाँ जलाया जाता है?

यम दीपम वह दीपक है जो शाम को घर के बाहर या दक्षिण दिशा में जलाया जाता है। इसे परिवारजनों के कल्याण और दीर्घायु की प्रार्थना के साथ अर्पित किया जाता है, और यह राजा हिम के पुत्र की कथा से जुड़ा है।

धनतेरस पर क्या खरीदें और क्या न खरीदें?

सोना, चाँदी, सिक्के और स्टील, तांबे या पीतल के नए बर्तन शुभ माने जाते हैं। लोहे और काली वस्तुओं से बचना चाहिए।

अमेरिका, ब्रिटेन या कनाडा के हिंदू अपना धनतेरस मुहूर्त कैसे जानें?

मुहूर्त स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त पर निर्भर करते हैं, इसलिए द्रिक पंचांग जैसे किसी पंचांग ऐप में अपना शहर चुनें। खरीदारी और पूजा की योजना अपने स्थानीय प्रदोष काल, यानी सूर्यास्त के बाद के शाम के गोधूलि समय, के अनुसार बनाएँ।